पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिंगुर में एक रैली के दौरान ₹33,551 करोड़ की विकास परियोजनाओं की घोषणा की। यह रैली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर “उद्योग-विरोधी” नीतियों का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद आयोजित की गई। सिंगुर वही स्थान है, जहां लगभग दो दशक पहले टाटा नैनो प्लांट के खिलाफ ममता बनर्जी के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने उन्हें सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने 1,694 सरकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह कदम राज्य में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले उठाया गया है। अपनी रैली में, बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार वादे पूरा करने में विश्वास रखती है और वह जुमलेबाजी नहीं करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ‘मां, माटी और मानुष’ की सरकार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 18 जनवरी को सिंगुर में ही एक रैली में ₹830 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए TMC सरकार की आलोचना की थी। इसके जवाब में, ममता बनर्जी ने अपनी सरकार की औद्योगिक और कृषि नीतियों का बचाव किया और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर असहयोग का आरोप लगाया। उन्होंने आवास योजना, बाढ़ नियंत्रण और चुनावी सूची संशोधन जैसे विषयों पर भी अपनी बात रखी।
सिंगुर में विकास और रोजगार का वादा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP के इस आरोप का खंडन किया कि TMC की नीतियां उद्योग विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि सिंगुर में कृषि और उद्योग एक साथ विकसित होंगे। बनर्जी ने सिंगुर में एक वेयरहाउस परियोजना की नींव रखते हुए घोषणा की कि 77 एकड़ भूमि पर एक निजी औद्योगिक पार्क स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पार्क में Amazon और Flipkart जैसी कंपनियां बड़े गोदाम स्थापित करेंगी, जिससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि 9.2 करोड़ रुपये की लागत से आठ एकड़ भूमि पर एक कृषि-औद्योगिक पार्क भी बनाया गया है, जिसका उद्देश्य भी रोजगार सृजन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के लिए कृषि भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
बांग्लार बारी योजना और PMAY विवाद
केंद्र सरकार के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के फंड को लेकर चल रहे विवाद के बीच, मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की ‘बांग्लार बारी’ योजना पर जोर दिया। केंद्र ने 2022 में बंगाल में PMAY के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद फंड जारी करना बंद कर दिया था। इसके जवाब में, राज्य सरकार ने 2024 में ‘बांग्लार बारी’ योजना शुरू की। बुधवार को, बनर्जी ने घोषणा की कि इस योजना के तहत अगले दो महीनों में 32 लाख और घर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “एक करोड़ बंगाली घर पहले ही बन चुके हैं। दिल्ली ने एक भी रुपया नहीं दिया है।” राज्य सरकार इस योजना को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
घाटाल मास्टर प्लान को मंजूरी
ममता बनर्जी ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के निचले इलाकों को हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़ से बचाने के उद्देश्य से घाटाल मास्टर प्लान को आगे बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने केंद्र पर इस योजना में देरी करने का आरोप लगाते हुए कहा, “मैं 10 साल से केंद्र को लिख रही हूं। उन्होंने हमेशा हमें मूर्ख बनाया।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब इस योजना के लिए धन स्वीकृत करेगी, जिसमें से ₹500 करोड़ का काम पूरा हो चुका है और ₹1,000 करोड़ का काम जल्द ही पूरा किया जाएगा। इस योजना के तहत नदी के बांधों की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी, नहरों और नदियों की खुदाई होगी और नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। घाटाल से सांसद दीपक अधिकारी (देव) ने इस योजना को शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
चुनावी सूची संशोधन और भाषा का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग (EC) द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करने की साजिश बताया। बनर्जी ने कहा, “आप साजिश के जरिए नाम हटा रहे हैं। EC दो करोड़ नाम कैसे हटा सकता है?” इसके अलावा, उन्होंने बांग्ला भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाने का श्रेय अपनी सरकार को दिया और BJP शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों पर कथित हिंसा के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दबाव के कारण ही केंद्र ने बांग्ला को यह दर्जा दिया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिंगुर की रैली से न केवल आगामी चुनावों के लिए अपनी सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा, बल्कि उद्योग, कृषि, आवास और संघीय मुद्दों पर केंद्र सरकार और BJP को सीधे तौर पर चुनौती भी दी। उन्होंने विकास परियोजनाओं की एक बड़ी श्रृंखला की घोषणा करते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनकी सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
FAQs
सिंगुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कितनी राशि की परियोजनाओं की घोषणा की?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिंगुर में आयोजित एक रैली के दौरान लगभग ₹33,551 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 1,694 सरकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
बांग्लार बारी योजना क्या है?
बांग्लार बारी पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है। इसे केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का फंड रुकने के बाद लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्य के नागरिकों को आवास उपलब्ध कराना है।
घाटाल मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
घाटाल मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य पश्चिम मेदिनीपुर जिले के निचले इलाकों को हर साल दामोदर घाटी निगम (DVC) के बांधों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण आने वाली विनाशकारी बाढ़ से बचाना है।
ममता बनर्जी ने सिंगुर में उद्योग को लेकर क्या कहा?
ममता बनर्जी ने कहा कि सिंगुर में कृषि और उद्योग एक साथ विकसित होंगे। उन्होंने 77 एकड़ में एक निजी औद्योगिक पार्क की घोषणा की, जहां Amazon और Flipkart जैसी कंपनियां रोजगार पैदा करेंगी।
SIR को लेकर TMC का क्या रुख है?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) का विरोध कर रही है। पार्टी का आरोप है कि यह मतदाताओं के नाम हटाने और राज्य में NRC लागू करने की एक साजिश है।
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