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T20 वर्ल्ड कप मेजबानी, घरेलू क्रिकेट सुधार और भारत की वैश्विक जिम्मेदारी पर खुलकर बोले देवाजीत सैकिया

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) महिला वनडे विश्व कप के सफल आयोजन के दो महीने बाद अब पुरुषों के टी20 विश्व कप की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने आगामी टूर्नामेंट की तैयारियों, खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम और घरेलू क्रिकेट के ढांचे को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की अनुभवी ऑपरेशन टीम किसी भी लॉजिस्टिक चुनौती से निपटने और एक सफल आयोजन सुनिश्चित करने में सक्षम है।

यह टूर्नामेंट भारत के पांच प्रमुख और आजमाए हुए क्रिकेट केंद्रों पर खेला जाएगा, जबकि इसका एक चरण सह-मेजबान श्रीलंका में भी होगा। सैकिया के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) भी पूरा सहयोग दे रही है और उनकी टीम पिछले कुछ हफ्तों से भारत में मौजूद है। BCCI की टीम ICC के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि आयोजन में कोई बाधा न आए।

सैकिया ने इस बात पर भी जोर दिया कि 2023 में पुरुष वनडे विश्व कप का सफल आयोजन भारत की प्रशासनिक और संगठनात्मक क्षमताओं का एक बड़ा प्रमाण था। उन्होंने कहा कि यह अनुभव भविष्य में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी के भारत के दावे को और मजबूत करेगा।

टी20 विश्व कप की तैयारियां और लॉजिस्टिक्स

देवाजीत सैकिया ने बताया कि महिला वनडे विश्व कप के समाप्त होते ही बोर्ड की टीम तुरंत टी20 विश्व कप की तैयारियों में जुट गई थी। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ऐसे हाई-प्रोफाइल आयोजनों को संभालने में बहुत अनुभवी और पेशेवर है, इसलिए सब कुछ व्यवस्थित है।” सह-मेजबान के रूप में श्रीलंका के होने से समन्वय एक चुनौती है, लेकिन ICC के अध्यक्ष जय शाह और CEO संजोग गुप्ता के नेतृत्व में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। BCCI के CEO हेमांग अमीन भी अपना काम बखूबी कर रहे हैं, जिससे एक सफल और बिना किसी रुकावट वाले टूर्नामेंट की उम्मीद है।

आयोजन स्थलों का चयन और उसकी वजह

इस बार पुरुष टी20 विश्व कप के लिए पारंपरिक बड़े केंद्रों को चुना गया है, जबकि महिला विश्व कप के लिए छोटे शहरों को मौका दिया गया था। इस पर सैकिया ने स्पष्ट किया कि ICC ने भारत में पांच आयोजन स्थल रखने के लिए कहा था। इसलिए, बोर्ड दुनिया के सामने अपने सर्वश्रेष्ठ स्टेडियमों को प्रस्तुत करना चाहता है। इन पांचों शहरों में बेहतरीन हवाई संपर्क और उच्च गुणवत्ता वाले होटलों की पर्याप्त संख्या जैसी लॉजिस्टिक सुविधाएं भी हैं, जो एक बड़े टूर्नामेंट के लिए आवश्यक हैं। वहीं, छोटे शहरों में मैच आयोजित करने का उद्देश्य क्रिकेट को देश के कोने-कोने तक पहुंचाना और वहां के नए विश्व स्तरीय स्टेडियमों को परखना है। भारत में अब अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए 30 स्टेडियम तैयार हैं।

खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव

BCCI खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में भी बदलाव कर रहा है। सैकिया ने पुष्टि की कि A-प्लस श्रेणी को हटाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि इस श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड (तीनों प्रारूपों में खेलना) को पूरा करने वाले पर्याप्त खिलाड़ी नहीं हैं। कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों ने सभी तीन प्रारूपों में नहीं खेलने का फैसला किया है, जिसके कारण यह बदलाव आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि यह श्रेणी पूरी तरह से समाप्त नहीं की गई है, बल्कि पात्रता पूरी न होने के कारण फिलहाल इसे लागू नहीं किया जा रहा है।

घरेलू क्रिकेट का महत्व और प्रसारण योजना

BCCI अपने मजबूत घरेलू ढांचे पर गर्व करता है, जहां छह महीने की अवधि में 2500 से अधिक मैच आयोजित किए जाते हैं। सैकिया ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंट में खेलते हैं, तो दर्शकों की रुचि काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए, बोर्ड अपने प्रसारण भागीदारों के साथ मिलकर लाइव दिखाए जाने वाले घरेलू मैचों की संख्या मौजूदा 100 से बढ़ाने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल घरेलू क्रिकेट का महत्व बढ़ता है, बल्कि युवा खिलाड़ियों को देश के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों के साथ खेलने और सीखने का मौका भी मिलता है।

IPL और घरेलू क्रिकेट की कमाई में अंतर

IPL और घरेलू क्रिकेटरों की कमाई में भारी अंतर के सवाल पर सैकिया ने इसे “बाजार का सवाल” बताया। उन्होंने कहा कि IPL एक कमर्शियल टूर्नामेंट है और जिस खिलाड़ी का बाजार में मूल्य होता है, उसे उतना पैसा मिलता है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि IPL में जगह बनाने के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना एक “बुनियादी योग्यता” है। कोई भी फ्रेंचाइजी सीधे किसी खिलाड़ी को नहीं चुनती; उसे पहले राज्य या देश के लिए खेलकर अपनी प्रतिभा दिखानी होती है। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेटरों को भी एक अच्छा पारिश्रमिक मिलता है और यह उनके लिए आगे बढ़ने का एक मंच है।

महिला प्रीमियर लीग (WPL) के आयोजन स्थल

महिला प्रीमियर लीग (WPL) के हालिया संस्करण को केवल दो स्थानों, नवी मुंबई और वडोदरा तक सीमित रखने का कारण भी सैकिया ने बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली टी20 विश्व कप की मेजबानी में व्यस्त था, जबकि लखनऊ में महिला क्रिकेट के लिए दर्शकों की प्रतिक्रिया अच्छी नहीं रही है। चूंकि WPL के मैच उन शहरों में नहीं हो सकते जहां फ्रेंचाइजी नहीं है, इसलिए विकल्प सीमित थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में जब WPL टीमों की संख्या बढ़ेगी, तो निश्चित रूप से आयोजन स्थलों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

देवाजीत सैकिया ने अपने साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि BCCI आगामी टी20 विश्व कप के लिए पूरी तरह से तैयार है और साथ ही बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट को मजबूत करने, खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने और देश में क्रिकेट के समग्र विकास के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाई है।

FAQs

पुरुष टी20 विश्व कप के लिए BCCI की तैयारी कैसी है?

BCCI ने कहा है कि उसकी टीम अनुभवी है और ICC के सहयोग से टूर्नामेंट की सभी तैयारियां सुचारू रूप से चल रही हैं। लॉजिस्टिक्स और आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।

खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से A-प्लस श्रेणी क्यों हटाई जा रही है?

A-प्लस श्रेणी इसलिए हटाई जा रही है क्योंकि वर्तमान में कोई भी खिलाड़ी इसके पात्रता मानदंड को पूरा नहीं कर रहा है, जिसमें तीनों प्रारूपों में खेलना शामिल है।

BCCI घरेलू मैचों का सीधा प्रसारण बढ़ाने की योजना क्यों बना रहा है?

जब विराट कोहली और शुभमन गिल जैसे बड़े खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट खेलते हैं, तो दर्शकों की मांग बढ़ जाती है। इसी मांग को पूरा करने और घरेलू क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए BCCI लाइव मैचों की संख्या 100 से अधिक करने की योजना बना रहा है।

IPL और घरेलू खिलाड़ियों की कमाई में बड़े अंतर पर BCCI का क्या कहना है?

BCCI का मानना है कि यह बाजार की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है। IPL एक कमर्शियल प्रॉपर्टी है, जबकि घरेलू क्रिकेट IPL और राष्ट्रीय टीम में प्रवेश के लिए एक अनिवार्य मंच है।

महिला प्रीमियर लीग के मैच केवल दो स्थानों पर ही क्यों आयोजित किए गए?

WPL के मैच दो स्थानों तक सीमित थे क्योंकि कुछ बड़े केंद्र अन्य आयोजनों में व्यस्त थे और लखनऊ जैसे शहर में महिला क्रिकेट के लिए दर्शकों की प्रतिक्रिया कम थी। भविष्य में टीमों की संख्या बढ़ने पर आयोजन स्थल भी बढ़ाए जाएंगे।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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