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Su-75 चेकमेट: रूसी वायु सेना के लिए क्या है इस नए स्टेल्थ फाइटर का संदेश?

रूस के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर Su-75 चेकमेट की पहली उड़ान की समयसीमा एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। यह हल्का लड़ाकू विमान, जिसे सुखोई द्वारा विकसित किया जा रहा है, मूल रूप से 2023 में अपनी पहली परीक्षण उड़ान भरने वाला था। हालांकि, कई कारणों से इस परियोजना में लगातार देरी हो रही है, जिससे इसकी भविष्य की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Su-75 चेकमेट को एक हल्के, एकल इंजन वाले लड़ाकू विमान के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य हवा से जमीन पर मार करने वाले मिशनों को अंजाम देना है। यह रूस के भारी-भरकम Su-57 विमान का एक किफायती विकल्प है। रूस का लक्ष्य इस विमान के जरिए वैश्विक हथियार बाजार में, विशेष रूप से उन देशों के लिए एक आकर्षक विकल्प प्रस्तुत करना है जो हल्के और लागत-प्रभावी लड़ाकू विमानों की तलाश में हैं।

हाल ही में रूसी रक्षा अधिकारियों ने इस परियोजना पर नई जानकारी दी है, जिसमें एक नई समयसीमा का उल्लेख किया गया है। यह देरी यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से काफी प्रभावित हुई है, जिसने रूस की उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स तक पहुंच को मुश्किल बना दिया है।

विकास और देरी की समयरेखा

Su-75 चेकमेट को लाइट टैक्टिकल एयरक्राफ्ट (LTS) परियोजना के तहत विकसित किया गया है। इसे पहली बार 2021 में मॉस्को में आयोजित MAKS एयर शो में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था। उस समय, सुखोई ने विमान का एक स्थैतिक मॉकअप (प्रतिकृति) प्रस्तुत किया था, जिसमें इसके सामान्य डिजाइन और अपेक्षित क्षमताओं को दिखाया गया था। समय के साथ, इसके एयरफ्रेम में वायुगतिकीय प्रदर्शन में सुधार और रडार क्रॉस-सेक्शन को कम करने के लिए कई संशोधन किए गए।

इस विमान को हल्का बनाने और Su-57 के साथ कई प्रणालियों को साझा करने के लिए डिजाइन किया गया था ताकि लागत कम हो और रखरखाव सरल हो सके। प्रारंभ में, T-75 (जैसा कि सुखोई इसे नामित करता है) की पहली उड़ान 2023 के लिए निर्धारित थी, लेकिन इस तारीख को बार-बार पीछे धकेल दिया गया है।

देरी के प्रमुख कारण

Su-75 के विकास में देरी के कई महत्वपूर्ण कारण हैं। यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद, पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने रूस के लिए उन्नत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स प्राप्त करना बेहद मुश्किल बना दिया। इसके अलावा, युद्ध की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मॉस्को को अपने संसाधनों को फिर से प्राथमिकता देनी पड़ी।

इस वजह से, Su-75, MiG-41 और PAK DA जैसी भविष्य की विमान परियोजनाओं को कुछ हद तक पीछे रखना पड़ा। युद्ध ने रूसी वायु सेना को आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों और दुश्मन के लड़ाकू विमानों से निपटने का व्यापक अनुभव भी दिया है। इस अनुभव से सीखे गए सबक के कारण कई परियोजनाओं के डिजाइन में बदलाव किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे वायु सेना की आधुनिक जरूरतों को पूरा करते हैं।

परियोजना की वर्तमान स्थिति

लंबे समय तक इस परियोजना के बारे में बहुत कम जानकारी सामने आने के कारण कई विश्लेषकों ने इसे लगभग बंद मान लिया था। हालांकि, 2025 में दुबई एयरशो में “चेकमेट” का विषय एक बार फिर सामने आया। हालांकि विमान स्वयं प्रदर्शित नहीं किया गया था, लेकिन इसके कई मॉडल दिखाए गए, जिनमें एक-सीट, दो-सीट और एक मानवरहित संस्करण शामिल थे।

रूस की सरकारी रक्षा कंपनी रोस्टेक के प्रमुख सर्गेई चेमेज़ोव ने पुष्टि की कि विमान अपनी पहली उड़ान के करीब है। सुखोई के मुख्य परीक्षण पायलट सर्गेई बोगदान ने भी कहा कि उड़ान परीक्षण 2026 में शुरू होंगे। बाद में, रूसी सरकारी मीडिया ने बताया कि Su-75 अपनी पहली उड़ान 2027 की शुरुआत में भरेगा। यह उम्मीद की जाती है कि 2026-27 में चेकमेट अपने पहले उड़ान परीक्षणों में प्रवेश करेगा।

डिजाइन और अनुमानित क्षमताएं

डिजाइन के मामले में, Su-75 एक फुर्तीला, सिंगल-इंजन वाला स्टील्थ फाइटर है, जिसमें उन्नत वायुगतिकीय विशेषताएं हैं जैसे कि डायवर्टरलेस सुपरसोनिक इनलेट, आंतरिक हथियार बे और वी-टेल लेआउट। रूसी स्रोतों का दावा है कि ये विशेषताएं विमान के रडार क्रॉस-सेक्शन को काफी कम करती हैं। उम्मीद है कि विमान में आधुनिक एवियोनिक्स, एक ओपन-आर्किटेक्चर कॉकपिट और Su-57 से लिया गया एक लागत-प्रभावी AESA रडार सिस्टम भी शामिल होगा।

रिपोर्टों के अनुसार, Su-75 में सैटर्न AL-51F-1 इंजन का उपयोग करने का इरादा है। इसकी कुल रेंज लगभग 3,000 किमी, अधिकतम गति 1.8 से 2.0 मैक और पेलोड क्षमता लगभग 7,000-7,400 किलोग्राम बताई गई है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ पारंपरिक बम भी ले जा सकता है। इस विमान का उद्देश्य वैश्विक हथियार बाजार में MiG-29 की जगह लेना है।

युद्ध और प्रतिबंधों के कारण हुई महत्वपूर्ण देरी के बावजूद, रूसी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि Su-75 चेकमेट परियोजना पर काम जारी है। अब इसकी पहली परीक्षण उड़ान 2026-27 में होने की उम्मीद है, जिसके बाद उत्पादन शुरू होने से पहले कई वर्षों तक सैन्य परीक्षण चलेंगे।

FAQs

Su-75 चेकमेट क्या है?

Su-75 चेकमेट रूस का पांचवीं पीढ़ी का हल्का, एकल-इंजन वाला स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जिसे मुख्य रूप से हवा से जमीन पर मार करने वाले मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।

इसकी पहली उड़ान में देरी क्यों हुई है?

इसकी पहली उड़ान में देरी के मुख्य कारण यूक्रेन युद्ध, पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स की कमी और तत्काल सैन्य जरूरतों के लिए संसाधनों का पुनर्निर्देशन हैं।

Su-75 की अनुमानित गति और रेंज क्या है?

रूसी स्रोतों के अनुसार, इसकी अधिकतम गति 1.8-2.0 मैक (लगभग 2,200-2,470 किमी/घंटा) और कुल रेंज लगभग 3,000 किलोमीटर है।

यह Su-57 से कैसे अलग है?

Su-75 एक हल्का, एकल-इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जबकि Su-57 एक भारी, दो-इंजन वाला बहु-भूमिका वाला विमान है। चेकमेट को Su-57 की तुलना में अधिक लागत प्रभावी और निर्यात-केंद्रित विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।

Su-75 की पहली उड़ान अब कब अपेक्षित है?

रूसी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, Su-75 चेकमेट की पहली परीक्षण उड़ान 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में होने की उम्मीद है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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