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CBO रिपोर्ट: 2025 में अमेरिकी शहरों में गार्ड तैनाती पर 496 मिलियन डॉलर का खर्च

अमेरिकी शहरों में नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने 2025 में करदाताओं के लगभग 496 मिलियन डॉलर खर्च किए। यह अनुमान गैर-पक्षपाती कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) द्वारा जारी किए गए नए आंकड़ों में सामने आया है। एजेंसी ने बुधवार को कहा कि मौजूदा सैनिक स्तर को बनाए रखने पर कुल लागत में प्रति माह 93 मिलियन डॉलर और जुड़ सकते हैं।

एजेंसी के अनुसार, हर 1,000 अतिरिक्त सेवा सदस्यों की तैनाती पर 18 मिलियन से 21 मिलियन डॉलर के बीच अतिरिक्त खर्च आएगा। हालांकि, CBO ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में होने वाले खर्च का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है, क्योंकि तैनाती का पैमाना, अवधि और स्थान अनिश्चित हैं।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपराध से निपटने के एक तरीके के रूप में इन तैनातियों का बचाव किया है। जून में, उन्होंने प्रशासन की आव्रजन कार्रवाई से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकारी कर्मियों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड को तैनात किया था। इसके बाद शिकागो, मेम्फिस, पोर्टलैंड, न्यू ऑरलियन्स और वाशिंगटन डी.सी. में भी सैनिकों को भेजा गया।

कुछ शहरों में राज्य और स्थानीय अधिकारियों की आपत्तियों के बावजूद सैनिकों की तैनाती की गई, जिसे बाद में कानूनी चुनौतियों के कारण रोकना पड़ा। इस बीच, कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे करदाता के धन का दुरुपयोग और सेना की तैयारी के लिए हानिकारक बताया है।

कॉन्ग्रेसनल बजट ऑफिस की रिपोर्ट

गैर-पक्षपाती कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2025 में अमेरिकी शहरों में नेशनल गार्ड की तैनाती पर करदाताओं के लगभग 496 मिलियन डॉलर खर्च हुए। रिपोर्ट के अनुसार, यदि सैनिकों का वर्तमान स्तर बनाए रखा जाता है, तो लागत में प्रति माह 93 मिलियन डॉलर की वृद्धि हो सकती है।

CBO ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य की लागत का सटीक अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण है। रिपोर्ट में कहा गया है, “भविष्य में इन या अन्य तैनातियों की लागत अत्यधिक अनिश्चित है, मुख्य रूप से क्योंकि ऐसी तैनातियों के पैमाने, लंबाई और स्थान का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है।” कानूनी चुनौतियों और प्रशासन की नीतियों में बदलाव से यह अनिश्चितता और बढ़ जाती है।

तैनाती का कारण और स्थान

राष्ट्रपति ट्रम्प ने इन तैनातियों का बचाव करते हुए कहा कि यह अपराध से निपटने के लिए आवश्यक है। जून में, प्रशासन की आव्रजन नीतियों के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति और कर्मियों की सुरक्षा के लिए लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड को तैनात किया गया था।

इसके बाद, सैनिकों को शिकागो, मेम्फिस (टेनेसी), पोर्टलैंड (ओरेगन), न्यू ऑरलियन्स और वाशिंगटन डी.सी. जैसे शहरों में भी भेजा गया। राष्ट्रपति ने दिसंबर में एक बयान में कहा था, “जब अपराध फिर से बढ़ने लगेगा तो हम शायद एक बहुत ही अलग और मजबूत रूप में वापस आएंगे – यह केवल समय की बात है!”

कानूनी चुनौतियाँ और वर्तमान स्थिति

शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड में की गई तैनातियों को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि ये राज्य और स्थानीय अधिकारियों की आपत्तियों के बावजूद की गई थीं। इन कानूनी प्रक्रियाओं के चलते इन शहरों में तैनाती को फिलहाल रोक दिया गया है।

हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि सैनिक 2026 के बाकी समय के लिए वाशिंगटन डी.सी. में बने रहेंगे। CBO का अनुमान है कि देश की राजधानी में 2,950 कर्मियों को बनाए रखने पर करदाताओं को प्रति माह 55 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

सीनेट बजट समिति के शीर्ष डेमोक्रेट, ओरेगन के सीनेटर जेफ मर्कले ने ट्रम्प पर “करदाता के धन का शस्त्रीकरण” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ट्रम्प हमारे समुदायों पर अपनी सत्तावादी पकड़ को अवैध रूप से कसने के लिए करदाता के धन का उपयोग कर रहे हैं। इसे समाप्त होना चाहिए।”

इलिनॉय की डेमोक्रेटिक सीनेटर और एक पूर्व सैनिक टैमी डकवर्थ ने एक बयान में कहा कि यह तैनाती “न केवल करदाताओं के डॉलर की भारी बर्बादी है, बल्कि यह हमारी सेना की तैयारी, मनोबल और संसाधनों के लिए हानिकारक है और एक अविश्वसनीय रूप से खतरनाक मिसाल कायम करती है।” व्हाइट हाउस ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया।

नेशनल गार्ड की तैनाती और उससे जुड़े खर्च पर CBO की रिपोर्ट ने एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्षी सांसद इसे सरकारी धन का दुरुपयोग और सैन्य संसाधनों पर अनावश्यक बोझ मान रहे हैं।

FAQs

2025 में अमेरिकी शहरों में नेशनल गार्ड की तैनाती पर कितना खर्च हुआ?

गैर-पक्षपाती कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) के अनुसार, 2025 में अमेरिकी शहरों में नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती पर करदाताओं के लगभग 496 मिलियन डॉलर खर्च हुए।

सैनिकों की तैनाती का आधिकारिक कारण क्या बताया गया है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इन तैनातियों का बचाव करते हुए कहा है कि यह शहरों में बढ़ते अपराध से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का एक तरीका है।

किन शहरों में तैनाती को कानूनी चुनौतियों के कारण रोका गया?

शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड में सैनिकों की तैनाती को कानूनी चुनौतियों और स्थानीय अधिकारियों की आपत्तियों के बाद फिलहाल रोक दिया गया है।

वाशिंगटन डी.सी. में सैनिकों को बनाए रखने का अनुमानित मासिक खर्च कितना है?

CBO का अनुमान है कि वाशिंगटन डी.सी. में 2,950 नेशनल गार्ड कर्मियों को बनाए रखने पर करदाताओं को प्रति माह 55 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा।

इस तैनाती पर डेमोक्रेटिक सांसदों की क्या प्रतिक्रिया है?

डेमोक्रेटिक सांसदों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे करदाताओं के धन की बर्बादी, सेना के मनोबल के लिए हानिकारक और एक खतरनाक मिसाल बताया है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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