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AI से नौकरियों के नुकसान के झटके से बचाएगी यूनिवर्सल बेसिक इनकम: ब्रिटिश मंत्री

ब्रिटेन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण खत्म होने वाली नौकरियों से प्रभावित श्रमिकों की मदद के लिए यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) शुरू करने पर सरकारी स्तर पर बातचीत चल रही है। यह खुलासा ब्रिटेन के निवेश मंत्री लॉर्ड जेसन स्टॉकवुड ने किया है। तकनीक के क्षेत्र में एक सफल करियर के बाद सितंबर में सरकार में शामिल हुए स्टॉकवुड का मानना है कि AI से समाज में होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना आवश्यक है।

लॉर्ड स्टॉकवुड ने बताया कि AI के कारण समाज में होने वाले “उथल-पुथल भरे” बदलावों का मतलब यह होगा कि “तुरंत खत्म होने वाली नौकरियों के लिए किसी प्रकार की रियायती व्यवस्था करनी होगी।” उन्होंने कहा कि सरकार को उन उद्योगों के लिए एक नरम रास्ता खोजना होगा जो भविष्य में समाप्त हो जाएंगे, जिसके लिए यूनिवर्सल बेसिक इनकम और लोगों को फिर से प्रशिक्षित करने के लिए एक आजीवन तंत्र जैसे विकल्पों पर विचार करना होगा।

हालांकि UBI अभी तक आधिकारिक सरकारी नीति नहीं है, लेकिन स्टॉकवुड ने पुष्टि की है कि सरकार के भीतर मंत्री इस पर “निश्चित रूप से बात कर रहे हैं”। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया की अग्रणी AI कंपनियों में से एक, एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने चेतावनी दी है कि AI “मनुष्यों के लिए एक सामान्य श्रम विकल्प” है, जिससे नौकरी के बाजार में “असामान्य रूप से दर्दनाक” व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।

लंदन के मेयर सादिक खान ने भी इस महीने AI के कारण “बड़े पैमाने पर बेरोजगारी के एक नए युग” की चेतावनी दी थी। वहीं, प्रौद्योगिकी सचिव लिज़ केंडल ने स्वीकार किया कि AI के परिणामस्वरूप “कुछ नौकरियाँ खत्म हो जाएंगी”, विशेष रूप से वित्त और कानून में शुरुआती स्तर की भूमिकाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि “जितनी नौकरियाँ जाएंगी, उससे कहीं ज़्यादा पैदा होंगी” और सरकार लोगों को इस बदलाव के लिए तैयार करने में मदद करेगी।

क्या है यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI)?

यूनिवर्सल बेसिक इनकम एक सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मॉडल है जिसके तहत सरकार देश के सभी नागरिकों को बिना किसी शर्त के एक नियमित और निश्चित आय प्रदान करती है। इसका उद्देश्य गरीबी को कम करना और नागरिकों को एक बुनियादी वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। यह आय व्यक्ति की रोजगार स्थिति या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पर निर्भर नहीं करती है। दुनिया भर के कई देशों में इसके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए छोटे पैमाने पर परीक्षण किए गए हैं।

UBI के लिए फंडिंग का स्रोत

लॉर्ड स्टॉकवुड ने पहले सुझाव दिया था कि UBI भुगतान को फंड करने के लिए प्रौद्योगिकी कंपनियों पर एक अप्रत्याशित लाभ लेवी (windfall levy) लगाया जा सकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि AI से होने वाले उत्पादकता लाभ और धन सृजन से असमानता बढ़ सकती है, जिससे केवल कुछ अति-धनी精英 और भी अमीर हो जाएंगे क्योंकि पूंजी और तकनीक पर उनका नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि जो लोग पैसा कमाते हैं और सबसे पहले टैक्स बचाने के तरीके खोजते हैं, ऐसे लोगों की देश को जरूरत नहीं है क्योंकि वे अपने समुदायों और देश की दीर्घकालिक सफलता के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं।

AI और नौकरियों पर विशेषज्ञों की चिंताएं

निवेश मंत्री की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब AI के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है। एंथ्रोपिक के सीईओ के अलावा, लंदन के मेयर सादिक खान ने भी AI से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी की आशंका जताई है। प्रौद्योगिकी सचिव लिज़ केंडल ने माना है कि कुछ नौकरियाँ, विशेष रूप से वित्त और कानून जैसे क्षेत्रों में शुरुआती स्तर की भूमिकाएँ, खतरे में हैं। हालांकि, उनका मानना है कि सरकार की मदद से लोग इन बदलावों के अनुकूल ढल जाएंगे और कुल मिलाकर नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का वादा है कि वह व्यक्तियों और समुदायों को अकेले सामना करने के लिए नहीं छोड़ेगी।

लॉर्ड स्टॉकवुड की पृष्ठभूमि और विचार

लॉर्ड स्टॉकवुड का पालन-पोषण एक साधारण पृष्ठभूमि में हुआ, जो हाउस ऑफ लॉर्ड्स के कई सदस्यों के विशेषाधिकार प्राप्त जीवन से बिल्कुल अलग है। उन्होंने Lastminute.com, Travelocity और Match.com जैसी कंपनियों में काम करने के बाद 2017 में ऑनलाइन बीमा ब्रोकर सिम्पली बिजनेस को 490 मिलियन डॉलर में बेचा। वह अतीत में “मजबूत कंधों वाले लोगों” पर वेल्थ टैक्स लगाने की वकालत कर चुके हैं। हालांकि मंत्री बनने के बाद उन्होंने इन मांगों को नहीं दोहराया है, लेकिन उनका मानना है कि देश की सफलता में योगदान देना अमीरों की जिम्मेदारी है।

यह खुलासा ब्रिटेन में AI के कारण आने वाले आर्थिक और सामाजिक बदलावों से निपटने की तैयारी पर एक महत्वपूर्ण बहस की शुरुआत का संकेत देता है। सरकार के भीतर इस मुद्दे पर हो रही चर्चा यह दर्शाती है कि नीति निर्माता भविष्य की चुनौतियों को लेकर गंभीर हैं और संभावित समाधानों पर विचार कर रहे हैं।

FAQs

ब्रिटेन में यूनिवर्सल बेसिक इनकम पर चर्चा क्यों हो रही है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण भविष्य में बड़े पैमाने पर नौकरियों के खत्म होने की आशंका के चलते प्रभावित श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के एक संभावित समाधान के रूप में यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) पर चर्चा हो रही है।

यह विचार किसने सामने रखा है?

यह जानकारी ब्रिटेन के निवेश मंत्री, लॉर्ड जेसन स्टॉकवुड ने दी है। उन्होंने खुलासा किया है कि UBI को लेकर सरकार के भीतर बातचीत चल रही है।

क्या UBI ब्रिटेन सरकार की आधिकारिक नीति है?

नहीं, यूनिवर्सल बेसिक इनकम वर्तमान में ब्रिटेन सरकार की आधिकारिक नीति नहीं है। हालांकि, मंत्री ने पुष्टि की है कि इस पर आंतरिक रूप से विचार-विमर्श किया जा रहा है।

UBI के लिए धन कहाँ से आ सकता है?

लॉर्ड स्टॉकवुड ने पहले सुझाव दिया था कि UBI को फंड करने के लिए बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा कमाए गए अप्रत्याशित लाभ पर एक विशेष लेवी या टैक्स लगाया जा सकता है।

AI से किन क्षेत्रों में नौकरियों को सबसे ज्यादा खतरा है?

ब्रिटेन की प्रौद्योगिकी सचिव के अनुसार, शुरुआती चिंताओं में वित्त और कानून जैसे क्षेत्रों में एंट्री-लेवल यानी शुरुआती स्तर की भूमिकाओं को AI से खतरा हो सकता है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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