एक नए पूर्वानुमान के अनुसार, अमेरिका नए गैस-आधारित बिजली उत्पादन में एक बड़ी वैश्विक वृद्धि का नेतृत्व कर रहा है, जिससे ग्रह को गर्म करने वाले उत्सर्जन में भारी उछाल आएगा। इस रिकॉर्ड उछाल का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सेवा प्रदान करने के लिए ऊर्जा की भारी खपत करने वाले डेटा सेंटरों का विस्तार है। यह विकास ऐसे समय में हो रहा है जब वैज्ञानिक लगातार जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों से बचने के लिए जीवाश्म ईंधन को तेजी से खत्म करने की चेतावनी दे रहे हैं।
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (GEM) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में पाया गया है कि यह वर्ष दुनिया भर में नई गैस बिजली क्षमता जोड़ने के वार्षिक रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए तैयार है। विकास के तहत परियोजनाओं से मौजूदा वैश्विक गैस क्षमता में लगभग 50% की वृद्धि होने की उम्मीद है। यह वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है, जहाँ AI जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों की ऊर्जा मांग पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता बढ़ा रही है।
अमेरिका गैस के लिए इस वैश्विक दबाव में सबसे आगे है, जिसके अगले पांच वर्षों में और तेज होने की उम्मीद है। देश ने 2025 में अपनी नियोजित गैस-आधारित क्षमता को तीन गुना कर दिया है। इस नई क्षमता का एक बड़ा हिस्सा AI की विशाल बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित होगा, जिसमें विकास के अधीन 252 गीगावाट गैस बिजली का एक तिहाई हिस्सा डेटा सेंटरों के परिसर में ही स्थापित किया जाना है।
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (GEM) की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में गैस से चलने वाले बिजली संयंत्रों की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष स्थापित होने वाली नई गैस बिजली क्षमता पिछले सभी वार्षिक रिकॉर्ड तोड़ सकती है। विकास के विभिन्न चरणों में मौजूद परियोजनाएं अगर पूरी हो जाती हैं, तो वे दुनिया की मौजूदा गैस-आधारित बिजली उत्पादन क्षमता को लगभग 50% तक बढ़ा देंगी।
यह रिपोर्ट उन परियोजनाओं को ट्रैक करती है जिनकी घोषणा हो चुकी है या जो निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि चीन, जो दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक है, ने पिछले साल 22.4 गीगावाट गैस क्षमता स्थापित की, जो किसी एक वर्ष में उसके लिए अब तक की सबसे अधिक है। हालांकि, कुल मिलाकर विकासशील क्षमता के मामले में अमेरिका सबसे आगे है।
अमेरिका और अन्य देशों की भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका वैश्विक स्तर पर विकास के अधीन कुल गैस क्षमता का लगभग एक चौथाई हिस्सा रखता है और इस मामले में सबसे आगे है। अमेरिका के बाद चीन, वियतनाम, इराक और ब्राजील जैसे देश भी गैस पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। अमेरिका के भीतर, टेक्सास इस उछाल का केंद्र बना हुआ है, जहाँ पिछले साल 57.9 गीगावाट की नई गैस बिजली परियोजनाएं चल रही थीं। टेक्सास के बाद लुइसियाना और पेंसिल्वेनिया का स्थान है।
अनुमान है कि 2026 में, अमेरिका में नई गैस क्षमता वृद्धि 2002 में स्थापित 100 गीगावाट के वार्षिक रिकॉर्ड को भी पार कर जाएगी। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने के वैश्विक प्रयासों के बावजूद, कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अपनी तत्काल ऊर्जा जरूरतों के लिए गैस पर अपनी निर्भरता बढ़ा रही हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर्स का प्रभाव
इस ऊर्जा मांग में वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा तकनीकी कंपनियों द्वारा AI उद्योग को विकसित करने के लिए बनाए जा रहे विशाल डेटा सेंटरों से आएगा। AI के विकास को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा उत्साहपूर्वक बढ़ावा दिया गया है, जिन्होंने कहा है कि उनका प्रशासन अमेरिका को AI में नेतृत्व दिलाने के लिए “जो कुछ भी करना होगा” करेगा। उन्होंने डेटा सेंटरों के निर्माण को धीमा करने वाले “मूर्खतापूर्ण नियमों” को हटाने का भी संकल्प लिया है।
हालांकि, डेटा सेंटरों के इस प्रसार ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि की है और बिजली की मांग को बढ़ाया है। उदाहरण के लिए, तकनीकी दिग्गज मेटा टेक्सास के एल पासो में 1.5 बिलियन डॉलर का डेटा सेंटर बना रही है, जो गैस से संचालित होगा। इसी तरह, पश्चिमी पेंसिल्वेनिया में, एक बंद कोयला संयंत्र को डेटा सेंटर कैंपस को सेवा देने के लिए अमेरिका की सबसे बड़ी गैस-आधारित सुविधा के रूप में फिर से शुरू किया जाना है।
जलवायु और आर्थिक प्रभाव
इस नई गैस ऊर्जा की जलवायु पर भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। यदि अमेरिका में विकास के अधीन सभी गैस परियोजनाएं पूरी हो जाती हैं, तो वे अपने जीवनकाल में 12.1 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का कारण बनेंगी। यह मात्रा अमेरिका में सभी स्रोतों से होने वाले मौजूदा वार्षिक उत्सर्जन से दोगुनी है। विश्व स्तर पर, यदि नियोजित गैस विस्तार पूरा हो जाता है, तो परियोजनाओं के जीवनकाल में 53.2 बिलियन टन उत्सर्जन होगा, जो ग्रह को और भी भीषण गर्मी, सूखे, बाढ़ और अन्य जलवायु प्रभावों की ओर धकेलेगा।
आर्थिक मोर्चे पर, बिजली की बढ़ती मांग ने कई अमेरिकियों के लिए बिजली बिल बढ़ा दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कई स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को रोकने और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस के निर्यात को बढ़ाने जैसे उपायों ने अमेरिकी घरों के लिए ऊर्जा की कीमत बढ़ा दी है। पिछले साल घरेलू गैस की कीमतें बढ़ीं और 2026 में स्थिर रहने के बाद, अगले साल फिर से बढ़ने का अनुमान है।
विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों की चिंताएं
GEM के एक प्रोजेक्ट मैनेजर जेनी मार्टोस ने कहा, “अनिश्चित AI ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए नए गैस संयंत्रों में निवेश करना दशकों के प्रदूषण को एक ऐसे दांव में बांधने जैसा है, जिसे लचीली, स्वच्छ ऊर्जा से हल किया जा सकता है।” इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए, यूनियन ऑफ कंसर्न्ड साइंटिस्ट्स के ऊर्जा अनुसंधान निदेशक स्टीव क्लेमर ने कहा कि “डेटा सेंटर की अनियंत्रित वृद्धि जनता को भारी लागत वृद्धि के जोखिम में डालती है।”
स्थानीय स्तर पर भी इन परियोजनाओं का विरोध हो रहा है। पेंसिल्वेनिया में होमर सिटी साइट की योजना ने स्थानीय समुदाय को विभाजित कर दिया है। क्लीन एयर काउंसिल के अभियान निदेशक टॉम पाइक के अनुसार, कुछ लोग कोयला संयंत्र से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को याद करते हैं, लेकिन कई लोग गैस संयंत्र से होने वाले अमोनिया प्रदूषण, बिजली की कीमतों पर प्रभाव और इस तथ्य को लेकर चिंतित हैं कि उत्पन्न बिजली का उपयोग घरेलू रोशनी के बजाय निजी लाभ के लिए किया जाएगा।
एक नए पूर्वानुमान के अनुसार, अमेरिका के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर गैस से चलने वाली बिजली उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य कारण AI डेटा सेंटरों की बढ़ती ऊर्जा जरूरतें हैं। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट बताती है कि यह विस्तार महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और आर्थिक चिंताएं पैदा कर रहा है, क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा लागत बढ़ सकती है।
FAQs
गैस-आधारित बिजली उत्पादन में वैश्विक वृद्धि का नेतृत्व कौन कर रहा है?
एक नई रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका गैस-आधारित बिजली उत्पादन में वैश्विक वृद्धि का नेतृत्व कर रहा है। विकास के अधीन कुल वैश्विक गैस क्षमता का लगभग एक चौथाई हिस्सा अमेरिका में है।
इस वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
इस वृद्धि का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग के लिए बनाए जा रहे विशाल और ऊर्जा-गहन डेटा सेंटरों का तेजी से विस्तार है, जिन्हें संचालित करने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है।
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट के अनुसार उत्सर्जन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यदि सभी नियोजित परियोजनाएं पूरी हो जाती हैं, तो वे अपने जीवनकाल में दुनिया भर में 53.2 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन करेंगी, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और गंभीर हो सकते हैं।
अमेरिका के अलावा कौन से देश गैस क्षमता बढ़ा रहे हैं?
अमेरिका के बाद चीन, वियतनाम, इराक और ब्राजील जैसे देश अपनी गैस-आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं।
डेटा सेंटरों के विस्तार को लेकर क्या चिंताएं जताई जा रही हैं?
डेटा सेंटरों के विस्तार को लेकर मुख्य चिंताओं में बिजली की बढ़ती मांग, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि, स्थानीय समुदायों पर प्रदूषण का प्रभाव और आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिलों में वृद्धि शामिल है।
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