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संयुक्त राष्ट्र पर गहराया आर्थिक संकट, UN चीफ ने दी पतन की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) एक गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है और उसके प्रमुख ने चेतावनी दी है कि वैश्विक संस्था “आसन्न वित्तीय पतन” के कगार पर है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी 193 सदस्य देशों को एक पत्र लिखकर तत्काल भुगतान करने या वित्तीय नियमों में सुधार करने का आग्रह किया है। यह संकट मुख्य रूप से सदस्य देशों, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अपने अनिवार्य बकाये का भुगतान न करने के कारण उत्पन्न हुआ है।

महासचिव गुटेरेस ने 30 जनवरी, 2026 को प्राप्त पत्र में कहा कि संगठन के नियमित संचालन बजट के लिए नकदी जुलाई तक समाप्त हो सकती है। इससे संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक कार्यों पर नाटकीय रूप से असर पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि या तो सभी सदस्य देश समय पर अपना पूरा भुगतान करें, या फिर संगठन को वित्तीय नियमों में मौलिक सुधार करना होगा।

यह वित्तीय संकट ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा दानदाता, संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने अनिवार्य बकाये का भुगतान करने में विफल रहा है। अमेरिका पर नियमित बजट का अरबों डॉलर और शांति अभियानों के लिए अलग से एक बड़ी राशि बकाया है। इस स्थिति के कारण संयुक्त राष्ट्र के नकदी भंडार लगभग समाप्त हो चुके हैं, जिससे 2026 के लिए स्वीकृत बजट को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के एक पुराने वित्तीय नियम पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत सदस्य देशों को खर्च न की गई बजट राशि वापस करनी पड़ती है, भले ही संगठन को वह पैसा भुगतान के रूप में कभी मिला ही न हो। उन्होंने इस नियम को तत्काल बदलने का आग्रह किया है।

महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी सदस्य देशों को लिखे एक पत्र में संगठन की गंभीर वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि सभी 193 सदस्य देश समय पर अपना पूरा बकाया भुगतान नहीं करते हैं, तो संगठन को एक आसन्न वित्तीय पतन का सामना करना पड़ेगा। गुटेरेस के अनुसार, जुलाई 2026 तक नियमित संचालन बजट के लिए नकदी समाप्त हो सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर इसके संचालन में गंभीर बाधा आ सकती है। उन्होंने कहा, “हम बिना एकत्र किए गए धन से बजट निष्पादित नहीं कर सकते, न ही उन निधियों को वापस कर सकते हैं जो हमें कभी प्राप्त नहीं हुईं।”

अमेरिका पर बकाया सबसे बड़ी राशि

संयुक्त राष्ट्र के वित्तीय संकट का मुख्य कारण सबसे बड़े योगदानकर्ता, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बकाये का भुगतान न करना है। एक संयुक्त राष्ट्र अधिकारी के अनुसार, अमेरिका पर यूएन के नियमित बजट का 2.196 बिलियन डॉलर बकाया है, और इस वर्ष के लिए 767 मिलियन डॉलर और देय होंगे। इसके अतिरिक्त, यूएन के शांति अभियानों के लिए अलग बजट पर अमेरिका का 1.8 बिलियन डॉलर का बकाया भी है, और यह राशि भी बढ़ेगी। बताया गया है कि पिछले वर्ष ट्रम्प प्रशासन ने कोई भी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया था।

अन्य देशों की स्थिति

बकाया भुगतान न करने वाले देशों की सूची में अमेरिका के बाद वेनेजुएला दूसरे स्थान पर है। वेनेजुएला पर 38 मिलियन डॉलर का बकाया है। इस महीने अमेरिकी सैन्य हमले से पहले ही वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था संघर्ष कर रही थी, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ कर दिया गया था। दो साल से अधिक समय से बकाया राशि का भुगतान न करने के कारण वेनेजुएला पहले ही महासभा में अपना वोट देने का अधिकार खो चुका है।

संयुक्त राष्ट्र का बजट संकट

महासचिव गुटेरेस ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने 2025 का अंत 1.568 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड बकाया के साथ किया, जो 2024 के अंत में बकाया राशि से दोगुने से भी अधिक है। इतनी बड़ी राशि बकाया होने के कारण, संयुक्त राष्ट्र के तरलता भंडार लगभग समाप्त हो गए हैं। यदि भुगतानों में भारी सुधार नहीं होता है, तो संगठन दिसंबर में सर्वसम्मति से स्वीकृत 3.45 बिलियन डॉलर के 2026 के नियमित बजट को पूरा करने में असमर्थ होगा।

वित्तीय नियमों में बदलाव की मांग

महासचिव ने एक और बड़ी समस्या पर जोर दिया, जिसे वे बार-बार उठाते रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के वित्तीय नियमों के अनुसार, संगठन को नियमित बजट से खर्च न की गई राशि सदस्य देशों को वापस करनी होती है। यह नियम तब भी लागू होता है जब संगठन को वह राशि भुगतान के रूप में मिली ही न हो। गुटेरेस ने सदस्य देशों से इस आवश्यकता को तत्काल बदलने का आग्रह करते हुए स्थिति की गंभीरता पर जोर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र एक गंभीर वित्तीय चुनौती से जूझ रहा है, जिसका मुख्य कारण सदस्य देशों, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अपने बकाये का भुगतान न करना है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया है, जिसमें या तो पूर्ण भुगतान या संगठन को वित्तीय पतन से बचाने के लिए नियमों में सुधार शामिल है।

FAQs

संयुक्त राष्ट्र को वित्तीय संकट का सामना क्यों करना पड़ रहा है?

संयुक्त राष्ट्र को वित्तीय संकट का सामना इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि इसके 193 सदस्य देशों में से कई, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, ने अपने अनिवार्य योगदान का समय पर भुगतान नहीं किया है, जिससे संगठन के पास नकदी की भारी कमी हो गई है।

महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने क्या चेतावनी दी है?

महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि अगर सदस्य देशों ने तुरंत अपना बकाया भुगतान नहीं किया या वित्तीय नियमों में सुधार नहीं किया गया, तो संयुक्त राष्ट्र को “आसन्न वित्तीय पतन” का सामना करना पड़ सकता है और जुलाई 2026 तक नकदी खत्म हो सकती है।

अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र का कितना बकाया है?

एक यूएन अधिकारी के अनुसार, अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट का 2.196 बिलियन डॉलर और इस वर्ष के लिए 767 मिलियन डॉलर बकाया है। इसके अलावा, शांति अभियानों के बजट के लिए भी 1.8 बिलियन डॉलर का बकाया है।

बकाया भुगतान न करने का क्या परिणाम होता है?

यदि कोई सदस्य देश दो साल से अधिक समय तक अपने बकाये का भुगतान नहीं करता है, तो वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना मतदान का अधिकार खो सकता है, जैसा कि वेनेजुएला के मामले में हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र के वित्तीय नियमों में किस बदलाव की मांग की जा रही है?

महासचिव ने उस नियम को बदलने की मांग की है जिसके तहत संयुक्त राष्ट्र को सदस्य देशों को बजट की खर्च न की गई राशि लौटानी पड़ती है, भले ही संगठन को वह राशि कभी भुगतान के रूप में मिली ही न हो।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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