दिवंगत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। अजीत पवार के निधन के बाद राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। वर्तमान में सुनेत्रा पवार राज्यसभा में पार्टी की सांसद हैं।
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को NCP के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि पार्टी श्री पवार की जगह पर अपना नया विधायक दल का नेता चुनने के लिए शनिवार, 31 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे एक बैठक आयोजित करेगी। इस बैठक के बाद एक छोटे शपथ ग्रहण समारोह की संभावना है।
यह राजनीतिक विकास बारामती में एक हवाई दुर्घटना में NCP सुप्रीमो और राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के तीन दिन बाद हुआ है। उनके निधन से खाली हुए पद को भरने के लिए पार्टी ने उनकी पत्नी को यह जिम्मेदारी सौंपने का मन बनाया है।
विधायक दल की बैठक और नेतृत्व का चुनाव
NCP ने अपने नए विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने जानकारी दी, “हमने कल दोपहर 2 बजे अपने विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। हमें उम्मीद है कि वह (सुनेत्रा पवार) मौजूद रहेंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि वह शुक्रवार रात सुनेत्रा पवार से बात करेंगे, जो अब तक धार्मिक अनुष्ठानों में व्यस्त थीं। एक नेता के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पर फैसला फिलहाल प्राथमिकता नहीं है।
सर्वसम्मत निर्णय पर पार्टी का जोर
NCP के वरिष्ठ नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने मुंबई में कहा, “किसी दूसरे नाम का कोई सवाल ही नहीं है। हम सभी एकमत हैं कि सुनेत्रा पवार को अपने दुख को एक तरफ रखकर विधायक दल के नेता का पद स्वीकार करना होगा।” उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद मुख्यमंत्री को सूचित किया जाएगा और उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह होगा। पार्टी के भीतर सुनेत्रा पवार के नाम पर आम सहमति बनती दिख रही है।
मुख्यमंत्री का समर्थन और NCP नेताओं की मुलाकात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उनकी BJP के नेतृत्व वाली सरकार NCP के फैसले का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे साथ दो बार बैठक की। अंतिम फैसला उनकी पार्टी द्वारा लिया जाएगा। वे जो भी फैसला लेंगे, हम उसका समर्थन करेंगे।” इससे पहले शुक्रवार को NCP नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री फडणवीस से उनके आधिकारिक बंगले पर मुलाकात की, जो एक घंटे तक चली। श्री पटेल ने कहा, “हम जल्द से जल्द विधायक दल का नेता नियुक्त करने का निर्णय लेना चाहते हैं।”
पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने की संभावना
पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के अनुसार, अजीत पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को उनकी मां की जगह राज्यसभा सांसद बनाया जा सकता है। अगर सुनेत्रा पवार उप मुख्यमंत्री का पद संभालती हैं, तो उन्हें राज्यसभा की सदस्यता छोड़नी होगी। उस रिक्त सीट को भरने के लिए पार्थ पवार का नाम आगे किया जा सकता है, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
NCP के दोनों गुटों के विलय पर अटकलें
इस बीच, पार्टी के संस्थापक और अजीत पवार के चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट NCP-SP के साथ पार्टी के पुन: एकीकरण की अटकलों पर NCP में मतभेद दिखाई दे रहे हैं। महाराष्ट्र के मंत्री नरहरि झिरवाल उन नेताओं में से थे जिन्होंने दोनों गुटों के तत्काल विलय की इच्छा व्यक्त की। हालांकि, छगन भुजबल ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी प्रस्ताव या भावना की जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, “अभी हमारी प्राथमिकता विधायक दल का नेता नियुक्त करना है।” पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के करीबी सूत्रों ने विलय की किसी भी संभावना से इनकार किया है।
अजीत पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है, जिसमें सुनेत्रा पवार को एक महत्वपूर्ण भूमिका मिलने की प्रबल संभावना है। NCP विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नेतृत्व में बदलाव की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
FAQs
महाराष्ट्र की अगली उप मुख्यमंत्री कौन बन सकती हैं?
दिवंगत नेता अजीत पवार की पत्नी और वर्तमान राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की अगली उप मुख्यमंत्री बन सकती हैं।
NCP विधायक दल की बैठक कब निर्धारित है?
NCP ने अपने नए विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए शनिवार, 31 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे बैठक बुलाई है।
सुनेत्रा पवार वर्तमान में किस राजनीतिक पद पर हैं?
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से राज्यसभा की सदस्य (सांसद) हैं।
अजीत पवार का निधन कैसे हुआ था?
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में एक विमान दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया था।
क्या NCP के दोनों गुटों का विलय हो सकता है?
पार्टी के पुन: एकीकरण को लेकर NCP के भीतर अलग-अलग विचार हैं। कुछ नेता विलय के पक्ष में हैं, जबकि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि यह फिलहाल प्राथमिकता नहीं है।
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