पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने क्रिकेट के दो प्रमुख विश्व कप प्रारूपों की स्थिति को लेकर एक बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि 50 ओवर का ODI वर्ल्ड कप ही असली ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप’ है और T20 संस्करण को इसके बराबर का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। मांजरेकर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब टेस्ट और T20 क्रिकेट के बीच ODI प्रारूप की प्रासंगिकता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
मांजरेकर का मानना है कि जो टूर्नामेंट हर चार साल में एक बार होता है, उसका महत्व अधिक होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हर दो साल में होने वाले T20 टूर्नामेंट को उसके पुराने नाम ‘वर्ल्ड T20’ से ही जाना जाना चाहिए, ताकि दोनों की पहचान अलग-अलग बनी रहे। उन्होंने यह बातें सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से कहीं।
यह विचार सिर्फ मांजरेकर तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में, भारत के अनुभवी स्पिनर आर अश्विन ने भी ODI क्रिकेट के भविष्य पर चिंता व्यक्त की थी। अश्विन ने कहा था कि उन्हें 2027 वर्ल्ड कप के बाद इस प्रारूप के भविष्य की चिंता है, जो संभवतः विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है।
अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि दर्शकों की पसंद को समझना महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, टेस्ट क्रिकेट अपनी जगह बनाए रखेगा, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि दर्शक अन्य दो प्रारूपों की कीमत पर बहुत अधिक ODI क्रिकेट देखना चाहते हैं या नहीं।
संजय मांजरेकर का बयान
पूर्व भारतीय खिलाड़ी और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कहा, “मेरे लिए ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप’ हमेशा 50 ओवर का वर्ल्ड कप ही रहेगा।” उन्होंने आगे कहा, “हर दो साल में होने वाले T20 संस्करण को वह दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए जो चार साल में एक बार आने वाले वर्ल्ड कप का है। मैं इसके लिए इसका मूल नाम – द वर्ल्ड T20 – पसंद करता हूं।” यह बयान ODI क्रिकेट की घटती लोकप्रियता की पृष्ठभूमि में आया है।
आर अश्विन की ODI पर चिंता
इससे पहले, भारत के दिग्गज गेंदबाज आर अश्विन ने भी ODI प्रारूप को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, “मैं 2027 वर्ल्ड कप के बाद ODI के भविष्य को लेकर निश्चित नहीं हूं। मैं इसे लेकर थोड़ा चिंतित हूं।” अश्विन, जिन्होंने 116 ODI में 156 विकेट लिए हैं, का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट की अपनी जगह बनी रहेगी, लेकिन ODI प्रारूप के लिए यह मुश्किल हो सकता है।
बड़े खिलाड़ियों की भूमिका
अश्विन ने यह भी कहा कि प्रारूप को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए बड़े खिलाड़ियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “देखिए, रोहित और विराट विजय हजारे ट्रॉफी में वापस आए और लोगों ने इसे देखना शुरू कर दिया। हम जानते हैं कि खेल हमेशा व्यक्तियों से बड़ा होता है, लेकिन कभी-कभी इन खिलाड़ियों को खेल को प्रासंगिक बनाने के लिए वापस आना पड़ता है।”
T20 वर्ल्ड कप अभियान
इन चर्चाओं के बीच, भारतीय क्रिकेट टीम अगले हफ्ते T20 वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत करने वाली है। टीम का पहला मुकाबला संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ होगा। यह टूर्नामेंट हर दो साल में आयोजित किया जाता है और क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में विश्व चैंपियन का फैसला करता है।
संक्षेप में, संजय मांजरेकर और आर अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने ODI क्रिकेट की स्थिति और T20 वर्ल्ड कप के दर्जे पर महत्वपूर्ण विचार रखे हैं। मांजरेकर 50 ओवर के वर्ल्ड कप को सर्वोच्च मानते हैं, जबकि अश्विन ODI के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और मानते हैं कि दर्शकों की पसंद और बड़े खिलाड़ियों की भागीदारी प्रारूप के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण होगी।
FAQs
संजय मांजरेकर ने किस प्रारूप को असली वर्ल्ड कप कहा है?
संजय मांजरेकर ने 50 ओवर के ODI वर्ल्ड कप को ही असली ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप’ कहा है।
T20 वर्ल्ड कप के लिए मांजरेकर ने क्या नाम सुझाया है?
मांजरेकर ने सुझाव दिया कि T20 वर्ल्ड कप को उसके मूल नाम ‘द वर्ल्ड T20’ से ही पुकारा जाना चाहिए।
आर अश्विन ने ODI क्रिकेट के भविष्य के बारे में क्या कहा?
आर अश्विन ने चिंता व्यक्त की कि वह 2027 वर्ल्ड कप के बाद ODI क्रिकेट के भविष्य को लेकर निश्चित नहीं हैं।
अश्विन के अनुसार कौन सा प्रारूप अपनी जगह बनाए रखेगा?
अश्विन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट T20 के युग में भी अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहेगा।
भारत का अगला T20 वर्ल्ड कप मैच किसके खिलाफ है?
भारत अपने T20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत अगले हफ्ते संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ मैच से करेगा।
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