तरुण भास्कर और ईशा रब्बा अभिनीत फिल्म ‘ओम शांति शांति शांतिही’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह फिल्म 2022 की सफल मलयालम फिल्म ‘जया जया जया हे’ की आधिकारिक तेलुगु रीमेक है। फिल्म को रिलीज के बाद दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है।
फिल्म की कहानी प्रशांति (ईशा रब्बा) के जीवन पर आधारित है, जिसका विवाह पूर्वी गोदावरी जिले के एक मछली व्यवसायी ओंकार नायडू (तरुण भास्कर) से होता है। शादी के बाद उसे अपने पति के असली स्वभाव का पता चलता है, जिसके बाद कहानी में कई महत्वपूर्ण मोड़ आते हैं।
जहां एक ओर मुख्य कलाकारों, विशेष रूप से तरुण भास्कर के अभिनय की प्रशंसा की गई है, वहीं दूसरी ओर फिल्म की पटकथा को मूल फिल्म की हूबहू नकल बताया गया है। फिल्म के दूसरे भाग की धीमी गति को भी एक कमजोरी के रूप में उजागर किया गया है।
फिल्म की कहानी और पृष्ठभूमि
‘ओम शांति शांति शांतिही’ एक डार्क कॉमेडी ड्रामा है। कहानी कोंडवीटी प्रशांति नामक एक युवती की है, जिसे अपने जीवन के फैसलों पर बहुत कम नियंत्रण मिलता है। उसके माता-पिता आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के धवलेश्वरम के एक प्रसिद्ध मत्स्य व्यवसायी अंबाती ओंकार नायडू से उसकी शादी तय कर देते हैं। प्रशांति अपने पति की जीवनशैली में ढलने की कोशिश करती है, लेकिन धीरे-धीरे उसे अपने पति के वास्तविक चरित्र का एहसास होता है। इसके बाद की घटनाएं ही कहानी का मुख्य आधार बनती हैं। यह फिल्म पितृसत्ता, घरेलू दुर्व्यवहार और पुरुष वर्चस्व जैसे विषयों पर आधारित है।
कलाकारों का प्रदर्शन
मुख्य अभिनेता के रूप में तरुण भास्कर ने एक विश्वसनीय प्रदर्शन दिया है। उनके द्वारा बोला गया गोदावरी लहजा चरित्र में प्रामाणिकता जोड़ता है। ईशा रब्बा ने अपने किरदार को गंभीरता के साथ निभाया है, जो उनकी भूमिका के लिए उपयुक्त है। तरुण के साथ उनके दृश्य, विशेष रूप से इंटरवल और क्लाइमेक्स के हिस्से प्रभावी माने गए हैं। सहायक भूमिका में ब्रह्माजी अपनी सीमित उपस्थिति के बावजूद कुछ हास्य उत्पन्न करने में सफल रहे हैं। अन्य सहायक कलाकारों ने भी अपनी-अपनी भूमिकाओं को ठीक से निभाया है।
निर्देशन और तकनीकी पहलू
ए.आर. सजीव ने इस रीमेक के साथ अपने निर्देशन की शुरुआत की है। उन्होंने मूल फिल्म के प्रति निष्ठा दिखाई है, लेकिन कहानी में और गहराई लाने के लिए कुछ नए बदलाव किए जा सकते थे। दीपक यारागेरा की सिनेमैटोग्राफी को प्रभावी बताया गया है और जय कृष्ण का संगीत फिल्म के मिजाज के अनुकूल है। हालांकि, फिल्म के संपादन, खासकर दूसरे भाग में, और कसावट की गुंजाइश थी। फिल्म का प्रोडक्शन मूल्य संतोषजनक है।
फिल्म की कमजोरियां
फिल्म की एक बड़ी कमजोरी इसकी मौलिकता की कमी है। चूंकि मूल मलयालम फिल्म ओटीटी पर व्यापक रूप से देखी जा चुकी है, इसलिए रीमेक लगभग दृश्य-दर-दृश्य उसी का अनुसरण करता है, जिसमें बहुत कम बदलाव किए गए हैं। इससे उन दर्शकों के लिए प्रभाव सीमित हो जाता है जिन्होंने मूल फिल्म देखी है। फिल्म का दूसरा भाग धीमा और खिंचा हुआ महसूस होता है, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त, ब्रह्माजी जैसे सहायक पात्रों का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया, जिससे अधिक हास्य की संभावना कम हो गई।
कुल मिलाकर, ‘ओम शांति शांति शांतिही’ एक डार्क कॉमेडी है जो कुछ हिस्सों में प्रभावित करती है। तरुण भास्कर और ईशा रब्बा का प्रदर्शन संतोषजनक है और कुछ कॉमिक क्षण सफल रहे हैं। हालांकि, दूसरे भाग की धीमी गति और नए तत्वों की कमी इसे एक औसत फिल्म बनाती है। यह उन दर्शकों को पसंद आ सकती है जिन्होंने मूल मलयालम संस्करण नहीं देखा है।
FAQs
फिल्म ‘ओम शांति शांति शांतिही’ में मुख्य भूमिका में कौन हैं?
तरुण भास्कर धास्यम और ईशा रब्बा ने फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं, जबकि ब्रह्माजी एक सहायक भूमिका में हैं।
यह फिल्म किस फिल्म का रीमेक है?
यह फिल्म 2022 में रिलीज हुई सफल मलयालम फिल्म ‘जया जया जया हे’ का आधिकारिक तेलुगु रीमेक है।
फिल्म का निर्देशन किसने किया है?
फिल्म का निर्देशन ए.आर. सजीव ने किया है। यह निर्देशक के तौर पर उनकी पहली फिल्म है।
फिल्म की कहानी किस विषय पर आधारित है?
फिल्म की कहानी एक विवाहित महिला के जीवन पर आधारित है जो पितृसत्ता, घरेलू दुर्व्यवहार और पुरुष वर्चस्व जैसे मुद्दों का सामना करती है।
फिल्म की समीक्षा में मुख्य सकारात्मक और नकारात्मक बिंदु क्या थे?
सकारात्मक बिंदुओं में मुख्य कलाकारों का अभिनय और सिनेमैटोग्राफी शामिल हैं, जबकि नकारात्मक बिंदुओं में मूल फिल्म से मौलिकता की कमी और दूसरे भाग की धीमी गति प्रमुख हैं।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


