केरल के बल्लेबाज रोहन कुन्नुम्मल ने रणजी ट्रॉफी में गोवा के खिलाफ एक शानदार शतक लगाकर फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अपने शतकों के लंबे इंतजार को खत्म कर दिया। पोरवोरिम में खेले गए ग्रुप-स्टेज मैच के दूसरे दिन रोहन 132 रन बनाकर नाबाद रहे। यह शतक उनके लिए काफी राहत लेकर आया, क्योंकि वह 2022 के बाद से फर्स्ट-क्लास प्रारूप में कोई शतक नहीं बना पाए थे।
रोहन ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर की शुरुआत बेहद धमाकेदार अंदाज में की थी, जब उन्होंने अपनी पहली छह पारियों में ही चार शतक जड़ दिए थे, जिसमें लगातार तीन शतक भी शामिल थे। हालांकि, 2022 में साउथ ज़ोन के लिए दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में शतक बनाने के बाद से वह इस प्रारूप में तीन अंकों के आंकड़े तक नहीं पहुंच पा रहे थे। इस दौरान उन्होंने केरल के लिए लगातार रन बनाए और रणजी ट्रॉफी में नौ अर्धशतक भी जड़े, लेकिन शतक का सूखा जारी रहा।
गोवा के खिलाफ अपनी पारी में 27 वर्षीय रोहन ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेहतरीन ड्राइव्स लगाए और स्पिनरों के खिलाफ अपने फुर्तीले फुटवर्क का शानदार इस्तेमाल किया। उन्होंने 90 से 100 रन तक पहुंचने के लिए केवल 13 गेंदें लीं, जिससे पता चलता है कि वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं थे। इस प्रदर्शन से उन्होंने अपनी लय वापस पाने के संकेत दिए हैं।
रणजी ट्रॉफी में रोहन कुन्नुम्मल का शानदार शतक
केरल के सलामी बल्लेबाज रोहन कुन्नुम्मल ने पोरवोरिम में गोवा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में एक विस्फोटक शतक जड़ा। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक वह 132 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। उन्होंने अपनी आकर्षक स्ट्रोक-प्ले से गोवा के गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा। अपनी पारी के दौरान उन्होंने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों का ही बखूबी सामना किया।
शतक के लंबे इंतजार का हुआ अंत
यह शतक रोहन के लिए काफी खास था क्योंकि उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में लगभग दो साल के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। उनका पिछला शतक 2022 में दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में आया था। इस लंबे अंतराल के दौरान, वह लगातार रन बना रहे थे और केरल के लिए रणजी ट्रॉफी में नौ अर्धशतक भी जमा चुके थे, लेकिन शतक बनाने में असफल हो रहे थे। इस पारी के साथ उन्होंने उस सूखे को समाप्त कर दिया।
व्हाइट-बॉल क्रिकेट के आत्मविश्वास का मिला फायदा
रोहन ने हाल ही में सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, दोनों में एक-एक शतक बनाया था। रोहन के अनुसार, व्हाइट-बॉल प्रारूपों में क्रीज पर अधिक समय बिताने से उन्हें आत्मविश्वास मिला। उन्होंने कहा, “जब आप व्हाइट-बॉल प्रारूपों में क्रीज पर अधिक समय बिताते हैं, तो आपको यह विश्वास मिलता है कि आप ऐसा कर सकते हैं। मुझे लगता है कि यही विश्वास एक खिलाड़ी को उसकी यात्रा में आगे बढ़ने में मदद करता है।”
कड़ी मेहनत और मानसिक तैयारी का नतीजा
अपनी फॉर्म में वापसी का श्रेय रोहन ने अपनी कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि वह इस सीजन में बहुत प्रयास कर रहे हैं और हर दिन मैदान पर नियमित रूप से जाते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने पिछले 3-4 वर्षों से अपनी शारीरिक फिटनेस पर लगातार काम किया है।” इसके अलावा, उन्होंने इस साल मानसिक तैयारी पर भी अधिक जोर दिया, जिसमें ध्यान और श्वास संबंधी व्यायाम शामिल हैं, जिसका असर मैदान पर उनके प्रदर्शन में दिखा है।
टीम के प्रदर्शन पर जताई निराशा
हालांकि व्यक्तिगत रूप से यह शतक उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन रोहन ने टीम के प्रदर्शन पर निराशा व्यक्त की। 2025-26 का सीजन केरल के लिए अच्छा नहीं रहा और टीम तीनों प्रमुख टूर्नामेंटों के नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करने में विफल रही। रोहन ने कहा, “हम सभी निराश हैं। पिछले 4-5 वर्षों में हमने इतना खराब प्रदर्शन नहीं किया है। यह एक सीखने वाला अनुभव रहा है जो निश्चित रूप से भविष्य में मदद करेगा।” अधिक जानकारी के लिए PaisaMag.com पर जाएं।
रोहन कुन्नुम्मल का यह शतक न केवल उनके फर्स्ट-क्लास करियर में शतकों के सूखे को समाप्त करता है, बल्कि यह उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प को भी दर्शाता है। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में मिली सफलता के आत्मविश्वास को उन्होंने लाल-गेंद प्रारूप में सफलतापूर्वक बदला। हालांकि केरल की टीम का प्रदर्शन इस सीजन में निराशाजनक रहा, लेकिन रोहन का फॉर्म में लौटना टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
FAQs
रोहन कुन्नुम्मल ने किसके खिलाफ शतक बनाया?
रोहन कुन्नुम्मल ने गोवा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-स्टेज मैच में शतक बनाया।
यह उनका फर्स्ट-क्लास शतक कितने समय बाद आया?
यह शतक 2022 में दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में बनाए गए शतक के बाद उनका पहला फर्स्ट-क्लास शतक था।
इस शतक से पहले रोहन ने रणजी ट्रॉफी में कितने अर्धशतक बनाए थे?
शतक के इंतजार की अवधि के दौरान, रोहन कुन्नुम्मल ने रणजी ट्रॉफी में कुल नौ अर्धशतक बनाए थे।
रोहन ने अपनी फॉर्म में सुधार का श्रेय किसे दिया?
रोहन ने अपनी फॉर्म में सुधार का श्रेय व्हाइट-बॉल प्रारूपों में अच्छे प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास, नियमित अभ्यास और मानसिक तैयारी जैसे ध्यान व श्वास अभ्यास को दिया।
इस सीजन में केरल की टीम का प्रदर्शन कैसा रहा?
केरल टीम के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा, क्योंकि टीम तीनों प्रमुख घरेलू टूर्नामेंटों के नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करने में असफल रही।
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