33 वर्षीय सिद्धेश लाड ने आखिरकार अपने करियर का वह शानदार सीजन हासिल कर लिया है, जिसका इंतजार वह एक दशक से अधिक समय पहले मुंबई के लिए पदार्पण करने के बाद से कर रहे थे। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में उन्होंने अपना पांचवां शतक जड़ा। यह उपलब्धि उन्होंने दिल्ली के खिलाफ मुंबई के कप्तान के तौर पर MCA-BKC मैदान पर दूसरे दिन के खेल में हासिल की। उनकी पारी की बदौलत मुंबई ने दिल्ली पर 45 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है, जिससे घरेलू टीम मजबूत स्थिति में आ गई है।
लाड को कभी मुंबई क्रिकेट में ‘संकटमोचक’ के रूप में देखा जाता था, लेकिन उन पर हमेशा अतिरिक्त दबाव रहा। इसका कारण सिर्फ उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि उनके पिता का एक प्रसिद्ध कोच होना भी था, जिन्होंने रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर जैसे भारतीय कप्तानों को प्रशिक्षित किया है। करियर की शुरुआत में श्रेयस अय्यर और सूर्यकुमार यादव जैसे बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें निचले क्रम में बल्लेबाजी करनी पड़ती थी।
करियर के एक मोड़ पर उन्होंने गोवा के लिए भी खेलने का प्रयास किया, लेकिन वहां स्थिरता न मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। दूसरे राज्य से लौटने के बाद उन्हें नियमों के तहत एक साल के अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड से भी गुजरना पड़ा। हालांकि, मुंबई के चयनकर्ताओं ने पिछले सीजन में उन पर फिर से भरोसा जताया और टीम में वापस चुन लिया, जिसके बाद इस सीजन में उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है।
लाड का शानदार शतक और मुंबई की बढ़त
सिद्धेश लाड ने कप्तानी पारी खेलते हुए 178 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से नाबाद 102 रन बनाए। उनकी इस पारी ने मुंबई को न केवल मुश्किल स्थिति से उबारा, बल्कि दिल्ली के 221 रनों के जवाब में टीम को बढ़त भी दिलाई। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक मुंबई ने 5 विकेट के नुकसान पर 266 रन बना लिए थे और 45 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। लाड का साथ सुवेद पारकर ने बखूबी निभाया, जो 53 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 130 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई।
मैच का संक्षिप्त विवरण
मुंबई ने दूसरे दिन की शुरुआत 13 रन पर 1 विकेट से की थी, लेकिन टीम ने जल्द ही तुषार देशपांडे और सलामी बल्लेबाज अखिल हेरवाडकर (12) के विकेट खो दिए। इसके बाद मुशीर खान ने पारी को संभालते हुए 57 रनों का अहम योगदान दिया। सरफराज खान भी अच्छी लय में दिख रहे थे और उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट खेले, लेकिन वह ऑफ-स्टंप के बाहर की गेंद का पीछा करते हुए विकेटकीपर प्रणव राजवंशी को कैच थमा बैठे। एक समय मुंबई का स्कोर 136 रन पर 5 विकेट हो गया था, जिसके बाद लाड और पारकर ने पारी को संभाला।
सिद्धेश लाड का संघर्षपूर्ण करियर
सिद्धेश लाड का करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। मुंबई टीम में लगातार बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर मौका नहीं मिल पा रहा था। भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करना जरूरी माना जाता है, लेकिन लाड को अक्सर मध्य या निचले क्रम में ही अवसर मिले। वह कई वर्षों तक मुंबई इंडियंस टीम का भी हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें केवल एक मैच खेलने का मौका मिला। करियर को नई दिशा देने के लिए वह गोवा भी गए, लेकिन वहां से लौटने के बाद उन्हें एक साल तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा।
इस सीजन में लाड का बेहतरीन प्रदर्शन
इस रणजी सीजन में सिद्धेश लाड ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। यह इस सीजन में उनका पांचवां शतक है और पहली बार उन्होंने किसी एक घरेलू सीजन में 700 से ज्यादा रन बनाने का आंकड़ा पार किया है। उनकी मौजूदगी ने मुंबई के मध्यक्रम को इस सीजन में काफी स्थिरता प्रदान की है। अपनी शतकीय पारी के बाद लाड ने कहा, “मैं धन्य महसूस कर रहा हूं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस उम्र में पांच शतक बना पाऊंगा। एक समय मैं क्रिकेट जारी रखने को लेकर भी अनिश्चित था।” उन्होंने अपने पिता और MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
सिद्धेश लाड के नाबाद शतक और सुवेद पारकर के अर्धशतक की बदौलत मुंबई ने दिल्ली के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच के दूसरे दिन 45 रनों की बढ़त हासिल कर ली है। दिन का खेल खत्म होने तक मुंबई का स्कोर 5 विकेट पर 266 रन था, जिससे टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
FAQs
रणजी ट्रॉफी मैच में सिद्धेश लाड ने कितने रन बनाए?
सिद्धेश लाड ने दिल्ली के खिलाफ 178 गेंदों पर नाबाद 102 रनों की पारी खेली, जिसमें 12 चौके शामिल थे।
मुंबई ने दिल्ली के खिलाफ कितने रनों की बढ़त हासिल की?
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक मुंबई ने दिल्ली के 221 रनों के जवाब में 266 रन बनाकर 45 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी।
इस सीजन में सिद्धेश लाड ने कितने शतक लगाए हैं?
यह रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में सिद्धेश लाड का पांचवां शतक है।
सिद्धेश लाड ने किसके साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की?
सिद्धेश लाड ने सुवेद पारकर के साथ छठे विकेट के लिए 130 रनों की नाबाद साझेदारी की, जिसमें पारकर ने 53 रनों का योगदान दिया।
दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर मुंबई का स्कोर क्या था?
दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर मुंबई ने 5 विकेट के नुकसान पर 266 रन बना लिए थे।
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