केविन वॉर्श को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष के रूप में नामित किया है। वॉर्श, जो 2008 के वित्तीय संकट के दौरान फेडरल रिजर्व के गवर्नर रह चुके हैं, मौजूदा अध्यक्ष जे पॉवेल की जगह लेंगे। यह नियुक्ति एक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों, मुद्रास्फीति और अपनी स्वतंत्रता को लेकर महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहा है।
वॉर्श को वॉल स्ट्रीट और वाशिंगटन, दोनों में काम करने का गहरा अनुभव है। 2008 के संकट के दौरान, उन्होंने केंद्रीय बैंक और वित्तीय बाजारों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम किया था। उनके इस अनुभव को कई विशेषज्ञ अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। 55 वर्षीय वॉर्श को डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, विशेषकर कम ब्याज दरों की वकालत, और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता बनाए रखने के बीच संतुलन साधना होगा।
उनकी नियुक्ति की खबर के बाद शुक्रवार को डॉलर में मजबूती देखी गई, जो निवेशकों के इस भरोसे को दर्शाता है कि वे व्हाइट हाउस के दबाव में आक्रामक रूप से दरों में कटौती नहीं करेंगे। वॉर्श का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे महंगाई के बिना भी आर्थिक विकास संभव है। यह दृष्टिकोण उन्हें भविष्य में ब्याज दरों में कटौती के लिए जगह दे सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नामांकन
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को केविन वॉर्श को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष पद के लिए नामित किया। यदि सीनेट द्वारा इस नामांकन की पुष्टि हो जाती है, तो वॉर्श मौजूदा अध्यक्ष जे पॉवेल का स्थान लेंगे। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए प्रमुख आर्थिक नियुक्तियों में से एक है। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने 2017 में भी वॉर्श के नाम पर विचार किया था, लेकिन अंततः पॉवेल को चुना गया। इस बार वॉर्श को ट्रेजरी सचिव पद के लिए भी एक संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था।
केविन वॉर्श का अनुभव और करियर
केविन वॉर्श ने अपने चार दशक लंबे करियर की शुरुआत 1995 में मॉर्गन स्टेनली में एक निवेश बैंकर के रूप में की थी। 2002 में, उन्होंने वॉल स्ट्रीट छोड़कर जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन में एक आर्थिक सलाहकार के रूप में सरकारी सेवा में प्रवेश किया। 2006 में, राष्ट्रपति बुश ने उन्हें फेडरल रिजर्व के गवर्नर के रूप में नियुक्त किया, जिससे वे 35 साल की उम्र में केंद्रीय बैंक के बोर्ड में अब तक के सबसे कम उम्र के नामांकित व्यक्ति बन गए। उन्होंने 2011 के वसंत में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और तब से वे पूर्व हेज फंड मैनेजर स्टेनली ड्रकेनमिलर के फैमिली ऑफिस में पार्टनर हैं। वॉर्श ने स्टैनफोर्ड और हार्वर्ड विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त की है।
2008 के वित्तीय संकट में भूमिका
2008 के वित्तीय संकट के दौरान केविन वॉर्श फेडरल रिजर्व के एक प्रमुख गवर्नर थे। उस समय उन्हें “सबसे बुरे दिनों” का सामना करना पड़ा, जब अमेरिकी वित्तीय प्रणाली और अर्थव्यवस्था महामंदी के बाद अपने सबसे गंभीर खतरे से जूझ रही थी। फेड के पूर्व उपाध्यक्ष डॉन कोन के अनुसार, वॉर्श ने केंद्रीय बैंक और वॉल स्ट्रीट के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम किया। उन्होंने कहा कि वॉर्श के पास वास्तविक अनुभव था और वे वॉल स्ट्रीट के लोगों को अच्छी तरह समझते थे, जिससे सही जानकारी प्राप्त करने में मदद मिली। गोल्डमैन सैक्स का नेतृत्व करने वाले लॉयड ब्लैंकफेन ने भी वॉर्श को अराजक क्षणों में “अडिग” बताया।
मौद्रिक नीति पर वॉर्श के विचार
वॉर्श का मानना है कि बिना मुद्रास्फीति बढ़ाए आर्थिक विकास हासिल किया जा सकता है। वह पूर्व फेड प्रमुख एलन ग्रीनस्पैन के विचारों से प्रभावित हैं, जिन्होंने 90 के दशक के अंत में उत्पादकता वृद्धि के दौर की अध्यक्षता की थी। वॉर्श का तर्क है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से उत्पादकता बढ़ेगी, जिसका अर्थ है कि कामगारों के वेतन में वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ने की चिंता कम होगी। इस तर्क के आधार पर फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बन सकती है। हालांकि, उन्होंने फेड की बॉन्ड-खरीद कार्यक्रमों जैसी नीतियों की आलोचना भी की है, जिन्हें उन्होंने केंद्रीय बैंक के अधिकार क्षेत्र से बाहर का कदम बताया।
नियुक्ति पर विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
वॉर्श की नियुक्ति पर विशेषज्ञों और बाजार की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कई निवेशक उनके अनुभव और मौद्रिक नीति पर उनके पिछले वोटिंग रिकॉर्ड से आश्वस्त हैं। फिक्स्ड-इनकम एसेट मैनेजर पिमको का नेतृत्व कर चुके मोहम्मद अल-एरियन ने कहा कि वह वॉर्श के अधिकांश विचारों से सहज हैं। हालांकि, कुछ केंद्रीय बैंक के अंदरूनी सूत्रों ने संस्था पर उनके हमलों को अनुचित माना है। फेड के पूर्व उपाध्यक्ष डॉन कोन ने कहा कि वॉर्श की कुछ आलोचनाओं में सच्चाई का अंश है, लेकिन उन्हें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।
वर्तमान आर्थिक चुनौतियां
अगर सीनेट द्वारा पुष्टि की जाती है, तो वॉर्श एक ऐसे समय में फेड का नेतृत्व करेंगे जब बोर्ड मुद्रास्फीति से लड़ने और कमजोर होते रोजगार बाजार का समर्थन करने के बीच बंटा हुआ है। फेड ने 2025 में तीन बार दरों में कटौती की है, लेकिन मुद्रास्फीति अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर है। वर्तमान में ब्याज दरें 3.5% से 3.75% की सीमा में हैं, जो ट्रंप द्वारा वांछित 1% के स्तर से बहुत अधिक हैं। वॉर्श को इन प्रतिस्पर्धी मांगों के बीच आर्थिक संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
केविन वॉर्श को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है। उनका नामांकन अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है, और उनके अनुभव और नीतियों पर बाजार, निवेशक और नीति निर्माता समान रूप से नजर रखेंगे।
FAQs
फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष के लिए किसे नामित किया गया है?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष के रूप में नामित किया है।
केविन वॉर्श ने पहले फेडरल रिजर्व में क्या भूमिका निभाई थी?
केविन वॉर्श 2006 से 2011 तक फेडरल रिजर्व के गवर्नर थे और उन्होंने 2008 के वित्तीय संकट के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वॉर्श की आर्थिक नीति पर क्या विचार हैं?
वॉर्श का मानना है कि उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से मुद्रास्फीति को बढ़ाए बिना आर्थिक विकास संभव है, जो भविष्य में ब्याज दरों में कटौती का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
2008 के संकट के दौरान वॉर्श की क्या भूमिका थी?
2008 के संकट के दौरान, वॉर्श ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक और वॉल स्ट्रीट की वित्तीय फर्मों के बीच एक प्रमुख संपर्क सूत्र के रूप में काम किया था।
वॉर्श की नियुक्ति की घोषणा के बाद डॉलर पर क्या असर हुआ?
उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर में वृद्धि हुई, जो यह दर्शाता है कि निवेशक मानते हैं कि वे केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को बनाए रखेंगे।
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