वरिष्ठ BJP नेता एस. सुरेश कुमार ने शुक्रवार को धर्मस्थल के कथित सामूहिक दफन मामले की जांच करने वाली विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने की मांग की है। राज्य विधानमंडल में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलते हुए, पूर्व मंत्री ने जांच का विवरण मांगा और रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में हो रही देरी पर सवाल उठाया।
कुमार ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या धर्मस्थल की छवि को इसी तरह धूमिल होने देना चाहिए और जोर देकर कहा कि रिपोर्ट को सदन के समक्ष रखा जाना चाहिए। यह मांग उस मामले में की गई है जिसने लंबे समय से जनता का ध्यान आकर्षित किया है और कई अभियानों का केंद्र रहा है।
अपनी मांगों के अलावा, श्री कुमार ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष से राज्य के लोग तंग आ चुके हैं। उन्होंने सरकार से पिछले दो वर्षों के अपने प्रदर्शन पर आत्मनिरीक्षण करने का भी आह्वान किया।
विधानसभा में SIT रिपोर्ट रखने की मांग
वरिष्ठ BJP सदस्य और पूर्व मंत्री एस. सुरेश कुमार ने मांग की है कि धर्मस्थल मामले की जांच करने वाली विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट को तत्काल प्रभाव से विधानसभा के पटल पर रखा जाए। उन्होंने यह मुद्दा राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा के दौरान उठाया। कुमार ने जांच पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट को सार्वजनिक न करने के सरकार के तर्क पर सवाल उठाया।
आस्था और प्रतिष्ठा का सवाल
एस. सुरेश कुमार ने कहा कि श्री मंजुनाथ स्वामी मंदिर और इसके देवता लाखों भक्तों के लिए आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से इस पवित्र स्थान की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए SIT के निष्कर्षों का खुलासा किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र
भाजपा सदस्य ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने धर्मस्थल मुद्दे से संबंधित एक जनहित याचिका की कड़ी आलोचना की थी, इसे एक वास्तविक सार्वजनिक कारण के बजाय “पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन” करार दिया था। उन्होंने कहा कि SIT रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से उन लोगों के इरादों को उजागर करने में मदद मिलेगी जो कथित तौर पर इस पवित्र स्थल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक खींचतान का आरोप
श्री कुमार ने कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष से राज्य के लोग परेशान हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री और उनके डिप्टी के बीच राजनीतिक अंतर्कलह में पूरा एक साल बर्बाद कर दिया। उन्होंने टिप्पणी की, “उन्होंने मनोरंजन कर वसूले बिना लोगों का मनोरंजन किया है।”
वरिष्ठ भाजपा नेता एस. सुरेश कुमार ने विधानसभा में धर्मस्थल मामले की SIT रिपोर्ट पेश करने की मांग की है, ताकि पवित्र स्थल की प्रतिष्ठा पर लग रहे आरोपों का अंत हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार पर आंतरिक सत्ता संघर्ष के कारण शासन पर ध्यान न देने का भी आरोप लगाया।
FAQs
एस. सुरेश कुमार ने विधानसभा में क्या मांग की?
वरिष्ठ भाजपा नेता एस. सुरेश कुमार ने धर्मस्थल के कथित सामूहिक दफन मामले की जांच करने वाली SIT रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने की मांग की।
यह मांग किस अवसर पर की गई?
यह मांग कर्नाटक राज्य विधानमंडल में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान की गई थी।
कुमार के अनुसार रिपोर्ट को सार्वजनिक करना क्यों महत्वपूर्ण है?
उनके अनुसार, रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से धर्मस्थल की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों पर रोक लगेगी और जनता का विश्वास बहाल होगा।
धर्मस्थल के अलावा कुमार ने और किस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की?
उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच कथित सत्ता संघर्ष को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना की।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर क्या टिप्पणी की थी?
श्री कुमार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे से संबंधित एक जनहित याचिका को “पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन” कहकर उसकी आलोचना की थी।
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