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शासन पर शी जिनपिंग का शिकंजा और भी स्टालिनवादी होता जा रहा

चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) में एक बड़े फेरबदल के तहत दो शीर्ष अधिकारियों, झांग यॉक्सिया और लियू झेनली के खिलाफ औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में सशस्त्र बलों पर नियंत्रण को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस घटनाक्रम ने चीन के राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय द्वारा 24 जनवरी को की गई घोषणा के बाद, देश के सर्वोच्च सैन्य निकाय की संरचना और विशेषज्ञता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। इस कार्रवाई के बाद आयोग में अब कोई भी वरिष्ठ सदस्य पर्याप्त फील्ड कमांड अनुभव वाला नहीं बचा है।

यह कदम जनवरी में हुई एक महत्वपूर्ण पार्टी संगोष्ठी से इन दोनों अधिकारियों की अनुपस्थिति के बाद उठाया गया है। चीन की राजनीति के अत्यधिक नियंत्रित और सुनियोजित माहौल में, इस तरह की अनुपस्थिति को अक्सर एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जाता है। शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद से यह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाने की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।

चीन के दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच

चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने 24 जनवरी को पुष्टि की कि केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के सदस्य झांग यॉक्सिया और लियू झेनली को औपचारिक रूप से जांच के दायरे में रखा गया है। इस घोषणा ने देश के सैन्य नेतृत्व में चल रही उथल-पुथल को सार्वजनिक कर दिया। झांग यॉक्सिया आयोग के चार शेष सदस्यों में से एक थे और उपाध्यक्ष का पद संभाल रहे थे, जबकि लियू झेनली भी एक महत्वपूर्ण सदस्य थे।

इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, चीन का सर्वोच्च सैन्य निकाय अब काफी हद तक खाली हो गया है। आयोग में अब केवल राष्ट्रपति शी जिनपिंग और हाल ही में नियुक्त उपाध्यक्ष झांग शेंगमिन ही प्रभावी रूप से बचे हैं। अन्य सभी सदस्यों को या तो हटा दिया गया है या वे जांच का सामना कर रहे हैं।

महत्वपूर्ण बैठक से अनुपस्थिति के बाद कार्रवाई

इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ जांच की कार्रवाई के संकेत पहली बार 20 जनवरी को मिले, जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) ने एक प्रांतीय और मंत्रिस्तरीय नेतृत्व संगोष्ठी का आयोजन किया। आधिकारिक मीडिया कवरेज के अनुसार, चार पोलित ब्यूरो सदस्य उद्घाटन सत्र में शामिल नहीं हुए: CMC उपाध्यक्ष झांग यॉक्सिया, संगठन विभाग के निदेशक शी ताइफेंग, पूर्व शिनजियांग पार्टी सचिव मा जिंगरुई और उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग। इनमें से केवल हे लिफेंग की अनुपस्थिति का कारण बताया गया, जो स्विट्जरलैंड में विश्व आर्थिक मंच में भाग ले रहे थे।

सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के फुटेज से पता चला कि CMC सदस्य लियू झेनली भी अनुपस्थित थे। लियू 20 और 23 जनवरी को हुए दोनों सत्रों से गायब रहे। नव नियुक्त CMC उपाध्यक्ष झांग शेंगमिन और रक्षा मंत्री डोंग जुन उद्घाटन समारोह में शामिल हुए, लेकिन झांग शेंगमिन 23 जनवरी को समापन समारोह में अनुपस्थित थे। इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों से वरिष्ठ नेताओं की गैर-मौजूदगी को चीन की राजनीति में गंभीरता से लिया जाता है।

केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) की वर्तमान स्थिति

झांग यॉक्सिया और लियू झेनली को हटाए जाने के बाद, CMC में वरिष्ठ स्तर पर फील्ड कमांड का अनुभव रखने वाले नेताओं की कमी हो गई है। झांग शेंगमिन, जिन्हें पिछले साल के अंत में उपाध्यक्ष के रूप में पदोन्नत किया गया था, का करियर मुख्य रूप से राजनीतिक कार्य और अनुशासनात्मक निगरानी में रहा है। यद्यपि उनकी पृष्ठभूमि आंतरिक अनुपालन और संगठनात्मक अनुशासन को बढ़ा सकती है, लेकिन जटिल संयुक्त अभियानों और उच्च-तीव्रता वाले युद्ध की निगरानी करने की उनकी क्षमता पर सवाल उठाए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट, जो परिचालन योजना, संयुक्त कमान और संकट प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, नेतृत्वहीन प्रतीत होता है। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि आंतरिक राजनीतिक स्थिरता को बाहरी युद्ध तत्परता पर प्राथमिकता दी जा रही है।

लगातार जारी है वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने का क्रम

शी जिनपिंग के सत्ता संभालने के बाद से, कई वरिष्ठ सैन्य हस्तियों को हटाया गया है। यह सिलसिला हू जिंताओ के युग के दौरान शू काइहोउ और गुओ बोक्सिओंग से शुरू हुआ था। इसके बाद 2017 में झांग यांग और फैंग फेंगहुई को हटाया गया। हाल के वर्षों में, पूर्व रॉकेट फोर्स कमांडर वेई फेंगहे, पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और मियाओ हुआ जैसे प्रमुख अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है।

इन मामलों से यह स्पष्ट होता है कि सेवा संबद्धता या शीर्ष नेता से व्यक्तिगत निकटता सुरक्षा की गारंटी नहीं देती है। झांग यॉक्सिया, जो पीपुल्स रिपब्लिक के एक संस्थापक जनरल के बेटे हैं, के खिलाफ जांच इस बात पर जोर देती है कि क्रांतिकारी वंश और पारिवारिक पृष्ठभूमि अब राजनीतिक प्रतिरक्षा प्रदान नहीं करती है।

इस हालिया कार्रवाई ने चीन के सशस्त्र बलों के भीतर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बढ़ते राजनीतिक केंद्रीकरण को रेखांकित किया है। राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय द्वारा झांग यॉक्सिया और लियू झेनली के खिलाफ जांच की औपचारिक घोषणा, सैन्य नेतृत्व में चल रहे एक बड़े शुद्धिकरण का हिस्सा है। इस घटनाक्रम के बाद, देश का शीर्ष सैन्य निकाय, केंद्रीय सैन्य आयोग, अब अनुभवी फील्ड कमांडरों के बिना काम कर रहा है।

FAQs

किन चीनी सैन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच हो रही है?

चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के दो वरिष्ठ सदस्यों, उपाध्यक्ष झांग यॉक्सिया और सदस्य लियू झेनली के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू की गई है।

जांच की घोषणा कब और किसने की?

इस जांच की औपचारिक घोषणा 24 जनवरी को चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय द्वारा की गई थी।

इस कार्रवाई से पहले क्या घटनाक्रम हुआ?

ये दोनों अधिकारी 20 और 23 जनवरी को आयोजित एक महत्वपूर्ण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्व संगोष्ठी से अनुपस्थित रहे थे, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।

इस फेरबदल का केंद्रीय सैन्य आयोग पर क्या प्रभाव पड़ा है?

इस कार्रवाई के बाद, आयोग में अब राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उपाध्यक्ष झांग शेंगमिन ही प्रभावी सदस्य बचे हैं, और निकाय में पर्याप्त फील्ड कमांड अनुभव वाले वरिष्ठ नेताओं की कमी हो गई है।

क्या शी जिनपिंग के कार्यकाल में अन्य सैन्य अधिकारियों को भी हटाया गया है?

हाँ, शी जिनपिंग के कार्यकाल में पहले भी कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाया जा चुका है, जिनमें पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और पूर्व रॉकेट फोर्स कमांडर वेई फेंगहे शामिल हैं।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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