अमेरिका में रहने वाली 15 वर्षीय तेज गेंदबाज रिया नाडकर्णी ने भारत में आयोजित पहले महिला प्रीमियर लीग (WPL) स्पीड क्वीन कॉन्टेस्ट में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। अपनी तेज गेंदबाजी और प्रतिभा के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं को प्रभावित करते हुए इस प्रतियोगिता के अखिल भारतीय फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
रिया अपने क्रिकेट के सपनों को पूरा करने के लिए अमेरिका के ह्यूस्टन शहर से भारत आईं। गणतंत्र दिवस के दिन मुंबई के कलिना स्थित एयर इंडिया ग्राउंड में हुए ट्रायल्स के दौरान उन्होंने हिस्सा लिया। शुरुआत में थोड़ी घबराहट के बावजूद, उन्होंने शानदार वापसी की और अंडर-19 वर्ग में सबसे तेज गेंदबाज बनकर उभरीं।
शुरुआती गेंद पर फिसलने के कारण उनकी गति केवल 52 मील प्रति घंटे (~84 किमी प्रति घंटे) दर्ज की गई, लेकिन चयनकर्ताओं ने उनके एक्शन पर ध्यान दिया। इसके बाद, दूसरे नेट में गेंदबाजी करते हुए रिया ने लय हासिल की और लगातार 65 मील प्रति घंटे (~105 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से गेंद फेंककर फाइनल के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया।
कौन हैं रिया नाडकर्णी?
रिया नाडकर्णी महज 15 साल की हैं और अमेरिका के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन शहर में रहती हैं। उनकी लंबाई 5 फीट 9 इंच है, जो एक तेज गेंदबाज के लिए काफी फायदेमंद है। रिया को क्रिकेट की प्रेरणा अपने पिता सुशील नाडकर्णी से मिली है, जो भारत के पूर्व अंडर-19 और महाराष्ट्र के सलामी बल्लेबाज रह चुके हैं। सुशील नाडकर्णी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी खेला है और अब वह रिया के कोच भी हैं।
स्पीड क्वीन कॉन्टेस्ट में चयन प्रक्रिया
मुंबई में आयोजित ट्रायल्स के दौरान रिया थोड़ी नर्वस थीं। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि अपनी पहली गेंद फेंकते समय वह फिसल गईं, जिससे गेंद की गति काफी कम रही। हालांकि, एक चयनकर्ता ने उनके गेंदबाजी एक्शन की सराहना की और उन्हें एक और मौका देने का फैसला किया। दूसरे नेट पर गेंदबाजी करते हुए रिया ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और 63, 64 और फिर 65 मील प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। इस प्रदर्शन के तुरंत बाद, उन्हें एक साक्षात्कार के लिए रोका गया और कुछ घंटों में उन्हें 2 फरवरी को मुंबई में होने वाले फाइनल के लिए चुने जाने की सूचना मिली।
पिता सुशील नाडकर्णी से मिली क्रिकेट की प्रेरणा
रिया के क्रिकेट करियर को आकार देने में उनके पिता सुशील नाडकर्णी की महत्वपूर्ण भूमिका है। सुशील खुद एक अनुभवी क्रिकेटर रहे हैं, जिन्होंने भारत में घरेलू क्रिकेट और अमेरिका के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला है। रिया ने बताया कि शुरुआत में वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों करती थीं, लेकिन उन्हें गेंदबाजी में अधिक सफलता मिली। उनके पिता एक बल्लेबाजी कोच हैं, लेकिन उन्होंने रिया की तेज गेंदबाजी की प्रतिभा को निखारने में पूरा सहयोग दिया है।
अमेरिका में क्रिकेट का बढ़ता क्रेज
रिया के पिता सुशील नाडकर्णी के अनुसार, अमेरिका में महिला क्रिकेट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वहां की सीनियर महिला टीम ने हाल ही में विश्व कप क्वालिफायर के सुपर सिक्स में जगह बनाई थी। इसके अलावा, अमेरिका टी20 विश्व कप की सह-मेजबानी कर रहा है और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में क्रिकेट के शामिल होने से निवेश बढ़ने की उम्मीद है। रिया टेक्सास में सप्ताह में पांच दिन प्रशिक्षण लेती हैं और हर सप्ताहांत में दो से तीन मैच खेलती हैं, जो उनके खेल के प्रति समर्पण को दिखाता है। महिला प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंट युवा प्रतिभाओं को एक वैश्विक मंच प्रदान करते हैं।
ट्रायल्स में अंडर-19 वर्ग की सबसे तेज गेंदबाज बनने पर रिया ने कहा कि इससे उन्हें बहुत आत्मविश्वास मिला है। भारत की कई प्रतिभाशाली लड़कियों के बीच यह उपलब्धि हासिल करना यह बताता है कि वह सही रास्ते पर हैं। अब उनका पूरा ध्यान 2 फरवरी को होने वाले फाइनल पर है।
FAQs
रिया नाडकर्णी कौन हैं?
रिया नाडकर्णी अमेरिका में रहने वाली 15 वर्षीय भारतीय मूल की क्रिकेटर हैं, जो एक तेज गेंदबाज हैं।
उन्होंने किस प्रतियोगिता के लिए ट्रायल दिया?
रिया ने भारत में आयोजित पहले महिला प्रीमियर लीग (WPL) स्पीड क्वीन कॉन्टेस्ट के लिए ट्रायल दिया।
ट्रायल में उनकी सबसे तेज गेंद की गति क्या थी?
ट्रायल्स के दौरान उनकी सबसे तेज गेंद की गति 65 मील प्रति घंटा (लगभग 105 किलोमीटर प्रति घंटा) दर्ज की गई।
रिया के पिता का क्या नाम है और उनका क्रिकेट से क्या संबंध है?
रिया के पिता का नाम सुशील नाडकर्णी है। वह भारत के पूर्व अंडर-19 और महाराष्ट्र के क्रिकेटर रह चुके हैं और उन्होंने USA के लिए भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है।
स्पीड क्वीन कॉन्टेस्ट का फाइनल कब और कहाँ आयोजित होगा?
इस प्रतियोगिता का अखिल भारतीय फाइनल 2 फरवरी को मुंबई में आयोजित किया जाएगा।
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