फिल्म ‘द सीक्रेट एजेंट’ और ‘नो अदर चॉइस’ ने बॉक्स ऑफिस सफलता और समीक्षकों की प्रशंसा के मामले में अलग-अलग रास्ते अपनाए हैं। दोनों फिल्में पिछले साल ऑस्कर नामांकन से पहले समीक्षकों द्वारा काफी पसंद की गई थीं। इनमें क्लेबर मेंडोंका फिल्हो की ब्राजीलियाई पॉलिटिकल थ्रिलर ‘द सीक्रेट एजेंट’ और पार्क चान-वूक की दक्षिण कोरियाई ब्लैक-कॉमेडी थ्रिलर ‘नो अदर चॉइस’ शामिल हैं।
हालांकि, इन दोनों फिल्मों के परिणामों में बड़ा अंतर देखने को मिला। ‘नो अदर चॉइस’ सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में ऑस्कर नामांकन हासिल करने में विफल रही, जबकि ‘द सीक्रेट एजेंट’ ने अंतिम सूची में जगह बनाई। इसके विपरीत, जब कमाई की बात आई तो ‘नो अदर चॉइस’ ने ‘द सीक्रेट एजेंट’ को काफी पीछे छोड़ दिया।
दोनों फिल्मों को अमेरिका में नियॉन (Neon) द्वारा वितरित किया गया है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे समीक्षकों की प्रशंसा और पुरस्कारों का नामांकन हमेशा बॉक्स ऑफिस पर व्यावसायिक सफलता की गारंटी नहीं देता है। रिलीज की रणनीति और निर्देशक की वैश्विक प्रतिष्ठा जैसे कारक भी कमाई पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।
‘नो अदर चॉइस’ का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन
फिल्म ‘नो अदर चॉइस’ ने बॉक्स ऑफिस पर ‘द सीक्रेट एजेंट’ से काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। 24 सितंबर को रिलीज हुई इस फिल्म ने अब तक दुनिया भर में 34 मिलियन डॉलर की कमाई की है। फिल्म के कुल कलेक्शन में अमेरिकी बाजार का योगदान 8.2 मिलियन डॉलर का है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कुल 25.7 मिलियन डॉलर आए हैं। अंतरराष्ट्रीय कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा दक्षिण कोरिया का रहा, जहां से फिल्म ने 19 मिलियन डॉलर जुटाए। फिल्म को अमेरिका में एक व्यापक रिलीज का भी फायदा मिला और यह वर्तमान में 682 सिनेमाघरों में चल रही है।
‘द सीक्रेट एजेंट’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों में ‘द सीक्रेट एजेंट’ काफी पीछे है। फिल्म ने अब तक दुनिया भर में कुल 6.8 मिलियन डॉलर कमाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की घरेलू कमाई 2.8 मिलियन डॉलर रही है, जबकि विदेशी बाजारों ने 3.9 मिलियन डॉलर का योगदान दिया है। फिल्म के प्रदर्शन में इसकी सीमित पहुंच एक निर्णायक कारक बनी हुई है, क्योंकि यह अमेरिका में केवल 145 स्क्रीन तक ही पहुंच पाई। इस तरह के प्रतिबंधित प्रदर्शन ने समीक्षकों की प्रशंसा के बावजूद इसकी कमाई की क्षमता को सीमित कर दिया है।
कमाई में अंतर के प्रमुख कारण
भले ही ‘नो अदर चॉइस’ ऑस्कर नामांकन की दौड़ में पीछे रह गई, लेकिन फिल्म को व्यावसायिक रूप से कई कारणों से फायदा हुआ। इसने निर्देशक पार्क चान-वूक की वैश्विक ख्याति का लाभ उठाया, जो उन्होंने ‘ओल्डबॉय’ और ‘द हैंडमेडेन’ जैसी पिछली दक्षिण कोरियाई क्लासिक फिल्मों के माध्यम से बनाई थी। परिणामस्वरूप, ‘नो अदर चॉइस’ अमेरिका में ‘पैरासाइट’ के बाद दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दक्षिण कोरियाई फिल्म बनकर उभरी है। इसके विपरीत, ‘द सीक्रेट एजेंट’ को क्रिटिक्स चॉइस और गोल्डन ग्लोब जीत सहित प्रतिष्ठित सम्मान मिलने के बावजूद दर्शकों से जुड़ने में संघर्ष करना पड़ा। हालांकि फिल्म को लैटिन बाजारों में मजबूत प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन अमेरिका में सीमित नाटकीय उपस्थिति के कारण इसकी समग्र पहुंच सीमित रही है।
दोनों फिल्मों, ‘द सीक्रेट एजेंट’ और ‘नो अदर चॉइस’ ने अपनी यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन उनके परिणाम अलग-अलग रहे। ‘नो अदर चॉइस’ ने ऑस्कर नामांकन न मिलने के बावजूद व्यावसायिक रूप से बड़ी सफलता प्राप्त की, जबकि ‘द सीक्रेट एजेंट’ ऑस्कर की अंतिम सूची में शामिल होने के बाद भी सीमित कमाई कर सकी। यह फिल्म उद्योग में सफलता के विभिन्न मापदंडों को उजागर करता है।
FAQs
‘नो अदर चॉइस’ ने दुनिया भर में कुल कितनी कमाई की है?
‘नो अदर चॉइस’ ने अब तक दुनिया भर में कुल 34 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया है।
‘द सीक्रेट एजेंट’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कितना रहा?
‘द सीक्रेट एजेंट’ ने दुनिया भर में कुल 6.8 मिलियन डॉलर की कमाई की है।
क्या दोनों फिल्मों को ऑस्कर नामांकन मिला था?
नहीं, केवल ‘द सीक्रेट एजेंट’ को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया था, जबकि ‘नो अदर चॉइस’ को नामांकन नहीं मिला।
अमेरिका में कौन सी फिल्म ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज हुई?
‘नो अदर चॉइस’ अमेरिका में 682 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई, जबकि ‘द सीक्रेट एजेंट’ केवल 145 स्क्रीन्स पर ही प्रदर्शित की गई।
दोनों फिल्मों के व्यावसायिक प्रदर्शन में अंतर का मुख्य कारण क्या था?
‘नो अदर चॉइस’ को इसके निर्देशक की वैश्विक प्रतिष्ठा और व्यापक रिलीज से फायदा हुआ, जबकि ‘द सीक्रेट एजेंट’ की कमाई अमेरिका में सीमित रिलीज के कारण प्रभावित हुई।
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