स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके2 की पहली उड़ान की समय-सीमा को लेकर शीर्ष रक्षा अधिकारियों के अलग-अलग बयानों के बाद अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। जहां पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि विमान 2026 के मध्य तक अपनी पहली उड़ान भरेगा, वहीं हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि यह महत्वपूर्ण पड़ाव 2027 की शुरुआत तक खिसक सकता है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सटीक स्थिति को लेकर रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है। यह भ्रम निर्माता कंपनी HAL और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा दी गई अलग-अलग तारीखों के कारण उत्पन्न हुआ है। दोनों संस्थानों के अनुमानों में लगभग छह से आठ महीने का अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे कार्यक्रम में संभावित देरी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
तेजस एमके2 परियोजना भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे पुराने पड़ रहे लड़ाकू विमानों जैसे जगुआर, मिराज 2000 और मिग-29 के बेड़े को बदलने के लिए विकसित किया जा रहा है। इस विमान को भविष्य में भारतीय वायु सेना की रीढ़ माना जा रहा है, इसलिए इसकी प्रगति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
DRDO और HAL के बयानों में अंतर
हाल ही में, DRDO के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने कहा था कि मध्यम वजन का यह लड़ाकू विमान जून-जुलाई 2026 के बीच पहली उड़ान भरने के लिए निर्धारित पथ पर है। DRDO के एक पूर्व संयुक्त निदेशक ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा था कि विमान का ‘रोलआउट’ हो चुका है और आंतरिक परीक्षण चल रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत है।
हालांकि, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन डॉ. डी. के. सुनील ने एक अधिक सतर्क दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस एमके2 अभी भी प्रोटोटाइप चरण में है और इसके प्रमुख संरचनात्मक घटक, जैसे कि फ्यूजलेज (धड़), को अभी भी असेंबल किया जा रहा है। उनके अनुसार, पहली उड़ान 2027 की पहली तिमाही में होने की संभावना है। यह उनके पिछले वर्ष सितंबर के बयान के विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र का फ्यूजलेज पूरा हो चुका है और पंखों का विकास जारी है, तथा 2026 की शुरुआत में उड़ान परीक्षण का लक्ष्य है।
‘रोलआउट’ और ‘उड़ान-तत्परता’ का अर्थ
विशेषज्ञों का मानना है कि बयानों में यह विरोधाभास कार्यक्रम में किसी बड़ी विफलता के बजाय शब्दावली के अंतर के कारण हो सकता है। रक्षा अधिकारी जब ‘रोलआउट’ शब्द का उपयोग करते हैं, तो इसका मतलब अक्सर विमान के संरचनात्मक ढांचे का पूरा होना होता है, जिसके बाद शुरुआती जमीनी जांच की जा सकती है।
यह ‘उड़ान-तत्पर’ विमान से अलग है, जिसके लिए पूरी तरह से एकीकृत एवियोनिक्स, हथियार प्रणाली और प्रणोदन प्रणाली की आवश्यकता होती है। ऐसा प्रतीत होता है कि जहां एक संरचनात्मक प्रोटोटाइप आंतरिक मूल्यांकन के लिए तैयार हो सकता है, वहीं उड़ान भरने योग्य प्रोटोटाइप का निर्माण अभी भी जारी है। जटिल एयरोस्पेस परियोजनाओं में, विमान के विभिन्न हिस्सों को समानांतर रूप से अलग-अलग सुविधाओं में बनाया जाता है और बाद में उन्हें जोड़ा जाता है, जिसमें समय लगता है।
तकनीकी विशेषताएं और जटिलताएं
तेजस एमके2 अपने पिछले संस्करण, तेजस एमके1ए, की तुलना में एक बड़ी तकनीकी छलांग है। यह एक मध्यम-वजन का लड़ाकू विमान है जो जनरल इलेक्ट्रिक F414-INS6 इंजन द्वारा संचालित है। यह इंजन 98 किलोन्यूटन (kN) का थ्रस्ट उत्पन्न करने में सक्षम है, जबकि एमके1ए का इंजन 84 kN का थ्रस्ट उत्पन्न करता है।
इसके अलावा, एमके2 में एक नया एयरफ्रेम डिजाइन है जिसमें क्लोज-कपल्ड कैनार्ड्स (नाक के पास छोटे पंख) लगे हैं, जो इसकी गतिशीलता और हथियार ले जाने की क्षमता में सुधार करते हैं। यह विमान 6.5 टन तक हथियार ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो एमके1 की क्षमता से लगभग दोगुना है। इसमें स्वदेशी ‘उत्तम’ एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार भी शामिल होगा। इन उन्नत प्रणालियों को एक बड़े और भारी एयरफ्रेम में एकीकृत करने के लिए एक सतर्क दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जो समय-सीमा में बदलाव का एक कारण हो सकता है।
DRDO और HAL के मिश्रित संदेशों ने भले ही अनिश्चितता पैदा की हो, लेकिन वे इस बात की पुष्टि करते हैं कि तेजस एमके2 कार्यक्रम डिजाइन चरण से आगे बढ़कर भौतिक उत्पादन और परीक्षण के चरण में प्रवेश कर चुका है। तारीखों में भिन्नता संभवतः डिजाइन की परिपक्वता (DRDO का ध्यान) और उत्पादन प्रमाणन (HAL की प्राथमिकता) के बीच के अंतर को दर्शाती है।
FAQs
तेजस एमके2 की पहली उड़ान कब अपेक्षित है?
वर्तमान अनुमानों के अनुसार, तेजस एमके2 की पहली उड़ान 2026 के अंत से लेकर 2027 की शुरुआत के बीच होने की सबसे अधिक संभावना है।
DRDO और HAL की समय-सीमा में क्या अंतर है?
DRDO ने पहली उड़ान का समय जून-जुलाई 2026 बताया है, जबकि HAL का अनुमान है कि यह 2027 की पहली तिमाही में संभव हो पाएगा।
तेजस एमके2, पुराने तेजस एमके1ए से कैसे अलग है?
तेजस एमके2 एक मध्यम-वजन का विमान है जिसमें अधिक शक्तिशाली इंजन (GE F414), दोगुनी हथियार क्षमता (6.5 टन), बेहतर गतिशीलता के लिए कैनार्ड्स और उन्नत स्वदेशी उत्तम AESA रडार है।
विमान के ‘रोलआउट’ का क्या मतलब है?
‘रोलआउट’ का मतलब आमतौर पर विमान के संरचनात्मक ढांचे का पूरा होना होता है, जिसके बाद इसके जमीनी परीक्षण शुरू किए जा सकते हैं। यह उड़ान भरने के लिए पूरी तरह से तैयार होने से अलग है।
तेजस एमके2 में कौन सा इंजन इस्तेमाल किया जाएगा?
तेजस एमके2 में अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक का F414-INS6 इंजन इस्तेमाल किया जाएगा, जो 98 किलोन्यूटन का थ्रस्ट उत्पन्न करता है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


