केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 30 जनवरी, 2026 को असम के डिब्रूगढ़ में 1,715 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं में राज्य के दूसरे विधानसभा परिसर की स्थापना भी शामिल है, जिसका उद्देश्य डिब्रूगढ़ को एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, ऊपरी असम के सांसद और विधायक, राज्य के कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी उपस्थित थे। इन परियोजनाओं का लक्ष्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, खेल सुविधाओं को बढ़ावा देना, वन्यजीव संरक्षण को बेहतर बनाना और बाढ़ प्रबंधन को सुदृढ़ करना है।
गृह मंत्री ने डिब्रूगढ़ को दूसरा प्रशासनिक केंद्र बनाने के सरकारी प्रयासों के तहत 284 करोड़ रुपये की लागत वाले दूसरे विधानसभा परिसर और विधायक छात्रावास की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक बहु-विषयक खेल परिसर, एक वन्यजीव स्वास्थ्य और अनुसंधान केंद्र और आर्द्रभूमि के जीर्णोद्धार से जुड़ी परियोजनाओं की भी शुरुआत की।
डिब्रूगढ़ में दूसरा विधानसभा परिसर
सरकार डिब्रूगढ़ को ऊपरी असम के लिए एक दूसरे प्रशासनिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में 284 करोड़ रुपये की लागत से एक नए विधानसभा परिसर की आधारशिला रखी गई है। इस परियोजना के तहत एक तीन मंजिला विधानसभा भवन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, विधायकों के लिए एक नौ मंजिला छात्रावास, 800 सीटों वाला एक सभागार और सुरक्षाकर्मियों के लिए एक बैरक भी बनाया जाएगा। इस कदम से ऊपरी असम क्षेत्र के लोगों के लिए सरकारी कामकाज और प्रशासन तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
खेल परिसर का उद्घाटन और विस्तार
अमित शाह ने 238 करोड़ रुपये की लागत से बने एक आधुनिक बहु-विषयक खेल परिसर के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस चरण में एक इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, फुटबॉल का मैदान, मुख्य गैलरी, टेनिस, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट और छात्रावास शामिल हैं। उन्होंने इस परिसर के दूसरे चरण की भी आधारशिला रखी, जिसके निर्माण पर अनुमानित 209 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण में 30,000 लोगों के बैठने की अतिरिक्त क्षमता, एक केंद्रीय खेल का मैदान और एक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
वन्यजीव स्वास्थ्य एवं अनुसंधान केंद्र
गृह मंत्री ने 292 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वन्यजीव स्वास्थ्य एवं अनुसंधान केंद्र की भी आधारशिला रखी। इस केंद्र का उद्देश्य जंगली जानवरों का इलाज करना, प्रयोगशाला सुविधाओं को बढ़ाना और प्रशिक्षण इकाइयां स्थापित करना है। अधिकारियों ने बताया कि इससे वन अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के बीच समन्वय में सुधार होगा। इस परियोजना में एक शैक्षिक और प्रशासनिक ब्लॉक, एक केंद्रीय प्रयोगशाला, एक संग्रहालय, एक अत्याधुनिक सभागार, एक क्लिनिकल ब्लॉक और विकिरण सुविधाओं वाली एक प्रयोगशाला शामिल होगी।
आर्द्रभूमि जीर्णोद्धार परियोजना का शुभारंभ
अमित शाह ने राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष के तहत 692 करोड़ रुपये की परियोजना का भी शुभारंभ किया। इस परियोजना का उद्देश्य नौ जिलों में वैज्ञानिक रूप से चयनित 15 आर्द्रभूमियों का जीर्णोद्धार और कायाकल्प करना है। इसका मुख्य लक्ष्य शहरी बाढ़ के जोखिम को कम करना, जल प्रतिधारण क्षमता को बढ़ाना, बाढ़ के खतरे को कम करना और राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी बेसिन के समग्र बाढ़ प्रबंधन में मदद करना है। असम में ब्रह्मपुत्र नदी के कारण हर साल आने वाली बाढ़ एक बड़ी चुनौती है, और यह परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में विकास को एक नई गति प्रदान करेगा। इन पहलों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य प्रशासन, खेल, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को मजबूत करना है।
FAQs
डिब्रूगढ़ में शुरू की गई परियोजनाओं की कुल लागत कितनी है?
असम के डिब्रूगढ़ में शुरू की गई सभी परियोजनाओं की कुल लागत 1,715 करोड़ रुपये है।
इन परियोजनाओं की आधारशिला किसने रखी?
इन परियोजनाओं की आधारशिला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में रखी।
असम का दूसरा विधानसभा परिसर कहाँ बनाया जा रहा है?
असम का दूसरा विधानसभा परिसर डिब्रूगढ़ में बनाया जा रहा है, जिसकी लागत 284 करोड़ रुपये है।
आर्द्रभूमि जीर्णोद्धार परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहरी बाढ़ के जोखिम को कम करना, जल धारण क्षमता बढ़ाना और ब्रह्मपुत्र नदी बेसिन में बाढ़ प्रबंधन में मदद करना है।
वन्यजीव स्वास्थ्य एवं अनुसंधान केंद्र के निर्माण पर कितना खर्च होगा?
वन्यजीव स्वास्थ्य एवं अनुसंधान केंद्र का निर्माण 292 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


