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नए आधार वर्ष से CPI में 20-30 बेसिस प्वाइंट की मामूली बढ़ोतरी का अनुमान: रिपोर्ट

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) को नए आधार वर्ष 2024 के साथ जल्द ही जारी किया जाएगा, जिससे महंगाई के आंकड़ों में मामूली बदलाव आने की उम्मीद है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए आधार वर्ष के लागू होने से समग्र CPI में 20-30 आधार अंकों (bps) की मामूली वृद्धि हो सकती है। हालांकि, जिन महीनों में खाद्य महंगाई दर अधिक होगी, उन महीनों में नया CPI 20-30 आधार अंक कम रह सकता है।

सरकार ने परिवारों के बदलते उपभोग व्यवहार को ध्यान में रखते हुए CPI को अधिक सटीक रूप से मापने के लिए एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया था। इस समूह का उद्देश्य नवीनतम वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और méthodological विकास को शामिल करना भी था, ताकि महंगाई के आंकड़े वर्तमान आर्थिक परिदृश्य को सही ढंग से दर्शा सकें।

नए आधार वर्ष 2024 पर आधारित पहली CPI श्रृंखला 12 फरवरी को जारी की जाएगी। इसमें जनवरी 2025 से सूचकांक डेटा और जनवरी 2026 के लिए महंगाई डेटा शामिल होगा। इसके साथ ही, जनवरी 2013 से ग्रामीण, शहरी और संयुक्त क्षेत्रों के लिए अखिल भारतीय स्तर की बैक सीरीज भी 12 फरवरी को ही जारी की जाएगी। यह कदम नीति निर्माताओं और अर्थशास्त्रियों को आंकड़ों का विश्लेषण करने में मदद करेगा।

एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि नए वेटेज को पुराने सूचकांकों पर लागू करके गणना करने पर यह पाया गया कि समग्र CPI में 20-30 आधार अंकों की मामूली वृद्धि होगी। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, उस दौरान नया CPI मौजूदा प्रणाली की तुलना में 20-30 आधार अंक कम रहेगा। यह बदलाव उपभोग बास्केट में खाद्य पदार्थों के वेटेज में समायोजन के कारण हो सकता है।

नए सीपीआई की संरचना और डेटा संग्रह

नए CPI के लिए मूल्य डेटा पूरे देश से एकत्र किया जाएगा। इसके लिए 434 कस्बों में फैले 1,465 ग्रामीण बाजारों और 1,395 शहरी बाजारों से कीमतें जुटाई जाएंगी। नए बास्केट में कुल 358 भारित वस्तुएं शामिल होंगी। इन वस्तुओं में, माल (goods) की संख्या 259 से बढ़ाकर 314 कर दी गई है, जबकि सेवाओं की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है। यह बदलाव उपभोक्ताओं के खर्च करने के बदलते पैटर्न को दर्शाता है, जिसमें सेवाओं पर खर्च बढ़ रहा है।

वैश्विक मानक और तकनीकी समावेशन

भारतीय CPI की विश्वसनीयता बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर इसकी तुलना सुनिश्चित करने के लिए, CPI 2024 श्रृंखला में क्लासिफिकेशन ऑफ इंडिविजुअल कंसम्पशन एकॉर्डिंग टू पर्पस (COICOP) 2018 की नवीनतम संरचना को अपनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और शहरी नमूनों, बाजारों और दुकानों की पहचान को सत्यापित करने के लिए एक नया बाजार सर्वेक्षण किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, CPI में रिजर्व दुकानों की मैपिंग की प्रथा को बंद किया जा सकता है।

ऑनलाइन और केंद्रीकृत मूल्य संग्रह

डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को पकड़ने के लिए 12 ऑनलाइन बाजारों/शहरों (जिनकी आबादी 25 लाख से अधिक है) को CPI 2024 श्रृंखला में जोड़ा जाएगा। इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से वस्तुओं की कीमतें साप्ताहिक आधार पर एकत्र की जाएंगी। इसके अलावा, रेल किराया, डाक सेवाएं और ईंधन (पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी) जैसी वस्तुओं की कीमतें केंद्रीय रूप से निर्धारित होती हैं, इसलिए इनका मूल्य संग्रह और संकलन PSD द्वारा केंद्रीय स्तर पर किया जाएगा। दूरसंचार सेवाओं और ऑनलाइन मीडिया सेवाओं (OTT) का मूल्य संग्रह भी ऑनलाइन स्रोतों के माध्यम से केंद्रीय रूप से होगा।

विशेष वस्तुओं का मूल्य निर्धारण

नए ढांचे में अंतरराष्ट्रीय सीधी उड़ानों के हवाई किराए को भी मूल्य संग्रह में शामिल किया गया है। सोने और चांदी के आभूषणों के मामले में, विशेषज्ञ समूह ने मानकीकृत आभूषण वस्तुओं को परिभाषित करने का दृष्टिकोण अपनाने की सिफारिश की है, जो बाजार में लगातार उपलब्ध होने की संभावना है। इसके तहत, चूड़ियों, हार और अंगूठियों जैसे बुनियादी और सरल सोने-चांदी के आभूषणों की कीमतें एकत्र की जाएंगी।

नए आधार वर्ष के साथ CPI का यह अद्यतन महंगाई को मापने की प्रक्रिया को अधिक सटीक और प्रासंगिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल उपभोग के बदलते पैटर्न को दर्शाता है, बल्कि डेटा संग्रह में आधुनिक तकनीकों और वैश्विक मानकों को भी शामिल करता है, जिससे आर्थिक नीति निर्माण में बेहतर मदद मिलेगी।

FAQs

नए CPI के लिए आधार वर्ष क्या है?

नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के लिए आधार वर्ष 2024 निर्धारित किया गया है, जो पहले 2012 था।

नई CPI श्रृंखला कब जारी की जाएगी?

नए आधार वर्ष 2024 पर आधारित पहली CPI श्रृंखला 12 फरवरी को जारी होगी, जिसमें जनवरी 2025 से सूचकांक डेटा शामिल होगा।

नए CPI बास्केट में कितनी वस्तुएं और सेवाएं शामिल हैं?

नए CPI बास्केट में कुल 358 वस्तुएं शामिल होंगी, जिनमें 314 माल (goods) और 50 सेवाएं (services) हैं।

SBI रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार CPI पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

रिपोर्ट के अनुसार, समग्र CPI में 20-30 आधार अंकों की मामूली वृद्धि हो सकती है, लेकिन उच्च खाद्य महंगाई वाले महीनों में यह 20-30 आधार अंक कम हो सकता है।

क्या ऑनलाइन खरीदे गए सामान की कीमतें भी शामिल होंगी?

हाँ, 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 शहरों में ऑनलाइन/ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से साप्ताहिक आधार पर कीमतों का संग्रह किया जाएगा।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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