निर्देशक राही अनिल बर्वे की फिल्म ‘मायासभा – द हॉल ऑफ इल्यूजन’ 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह हिंदी भाषा की एक फिल्म है जिसमें जावेद जाफ़री, वीना जामकर, दीपक दामले और मोहम्मद समद ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म की कुल अवधि 104 मिनट है।
कहानी एक पूर्व फिल्म निर्माता परमेश्वर खन्ना (जावेद जाफ़री) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक पुराने और जर्जर मूवी थिएटर में अपने बेटे वासु (मोहम्मद समद) के साथ एकांत जीवन बिताता है। रिपोर्ट के अनुसार, परमेश्वर की पत्नी, अभिनेत्री जयमाला, उसे और बेटे को छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से वह बाहरी दुनिया से कट गया है।
फिल्म की कहानी तब एक नया मोड़ लेती है जब यह अफवाह फैलती है कि परमेश्वर ने थिएटर में 40 किलो सोना छिपा रखा है। वासु अनजाने में यह बात अपने दोस्तों ज़ीनत (वीना जामकर) और रावराना (दीपक दामले) को बता देता है। इसके बाद, वे दोनों सोना खोजने के इरादे से उनसे मिलने आते हैं।
अगले 24 घंटों में होने वाली घटनाएं फिल्म के कथानक को आगे बढ़ाती हैं, जिसमें मानवीय लालच, पिता-पुत्र के रिश्ते और परमेश्वर द्वारा छिपाए गए एक गहरे रहस्य को उजागर किया जाता है।
फिल्म की कहानी और मुख्य पात्र
फिल्म का कथानक परमेश्वर खन्ना नाम के एक सफल फिल्म निर्माता के जीवन पर आधारित है, जो अपनी पत्नी के चले जाने के बाद टूट जाता है और समाज से दूर हो जाता है। वह अपने बेटे वासु के साथ एक खंडहर हो चुके सिनेमाघर में रहता है और लगातार अपनी पत्नी की फिल्में देखता है। उसका अपने बेटे वासु के साथ एक जटिल रिश्ता है, जिसे उसने बाहरी दुनिया से दूर रखा है।
वासु की मुलाकात ज़ीनत से होती है, और वह उससे प्रभावित हो जाता है। इसी बीच, 40 किलो सोने की अफवाह के कारण ज़ीनत और उसका साथी रावराना थिएटर में प्रवेश करते हैं। उनकी असली मंशा उस छिपे हुए सोने को खोजना है, जिसके बारे में वासु ने उन्हें बताया था। फिल्म का बाकी हिस्सा इसी सोने की खोज और पात्रों के बीच के संघर्ष पर केंद्रित है।
कलाकार और उनकी भूमिकाएं
फिल्म में विभिन्न कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। जावेद जाफ़री ने मुख्य पात्र परमेश्वर खन्ना का किरदार निभाया है, जो एक एकांतप्रिय पूर्व फिल्म निर्माता है। मोहम्मद समद ने उनके बेटे वासु की भूमिका निभाई है, जो अपने पिता की दुनिया में ही पला-बढ़ा है।
वीना जामकर ने ज़ीनत का किरदार निभाया है, जो एक चालाक महिला है और सोने की तलाश में है। दीपक दामले ने रावराना की भूमिका निभाई है, जो ज़ीनत का साथी है। इन सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को कहानी के अनुसार प्रस्तुत किया है।
फिल्म के निर्देशक और तकनीकी टीम
‘मायासभा – द हॉल ऑफ इल्यूजन’ का निर्देशन राही अनिल बर्वे ने किया है, जो इसके लेखक भी हैं। राही अनिल बर्वे को उनकी पहली फिल्म ‘तुम्बाड’ के लिए भी जाना जाता है। फिल्म के तकनीकी पक्ष में कई अनुभवी पेशेवर शामिल हैं।
फिल्म के सिनेमैटोग्राफर आसिफ पठान हैं। प्रोडक्शन डिजाइन का काम प्रीतम राय ने संभाला है, जबकि सुरेंद्र प्रजापति कला निर्देशक हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर सागर देसाई द्वारा तैयार किया गया है।
रिलीज और अन्य विवरण
यह फिल्म 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म की भाषा हिंदी है और इसकी कुल लंबाई 104 मिनट है। इसे नाट्य विमोचन (theatrical release) के लिए बनाया गया है। फिल्म की कहानी एक ही स्थान पर 24 घंटे की अवधि में घटित होती है, जो इसे एक सीमित समय-सीमा में स्थापित करती है।
‘मायासभा – द हॉल ऑफ इल्यूजन’ का निर्देशन राही अनिल बर्वे ने किया है, जिसमें जावेद जाफ़री और मोहम्मद समद मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म अब दर्शकों के लिए नजदीकी सिनेमाघरों में उपलब्ध है।
FAQs
मायासभा फिल्म के निर्देशक कौन हैं?
इस फिल्म का निर्देशन राही अनिल बर्वे ने किया है, जो इसके लेखक भी हैं।
फिल्म में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं?
फिल्म के मुख्य कलाकारों में जावेद जाफ़री, मोहम्मद समद, वीना जामकर और दीपक दामले शामिल हैं।
मायासभा फिल्म की कहानी किस बारे में है?
यह कहानी एक पूर्व फिल्म निर्माता, उसके बेटे और छिपे हुए 40 किलो सोने की तलाश के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें लालच और मानवीय रिश्तों को दिखाया गया है।
यह फिल्म कब और कहाँ रिलीज हुई है?
यह फिल्म 30 जनवरी 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।
फिल्म की कुल अवधि कितनी है?
इस फिल्म की कुल अवधि 104 मिनट (1 घंटा 44 मिनट) है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


