अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में बने और संयुक्त राज्य अमेरिका में बेचे जाने वाले विमानों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इस कदम से ओटावा और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ चल रहा व्यापार विवाद और बढ़ गया है। यह घोषणा दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक तनाव को दर्शाती है, जिसका असर विमानन उद्योग पर पड़ सकता है।
गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि यह कदम अमेरिकी फर्म गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस द्वारा बनाए गए कई बिजनेस जेट्स को प्रमाणित करने से कनाडा के इनकार की प्रतिक्रिया में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर स्थिति को तत्काल ठीक नहीं किया गया तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “कनाडा ने गलत और अवैध रूप से गल्फस्ट्रीम 500, 600, 700 और 800 जेट्स को प्रमाणित करने से इनकार कर दिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इसके जवाब में “कनाडा में बने सभी विमानों” को गैर-प्रमाणित कर देगा, जिसमें कनाडा की सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर के विमान भी शामिल होंगे।
ट्रंप की 50% टैरिफ की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि कनाडा अपने रुख में बदलाव नहीं करता है तो अमेरिका में बेचे जाने वाले सभी कनाडाई विमानों पर 50% का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। यह कदम कनाडा की विमानन कंपनी बॉम्बार्डियर के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, जो अब बिजनेस और निजी जेट पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी बाजार तक पहुंच खोना क्यूबेक स्थित इस फर्म के लिए एक गंभीर समस्या होगी।
विवाद का मूल कारण
इस विवाद की जड़ में कनाडा द्वारा अमेरिकी कंपनी गल्फस्ट्रीम के जेट विमानों को प्रमाणित करने से इनकार करना है। ट्रंप के अनुसार, कनाडा ने जॉर्जिया के सवाना में बने गल्फस्ट्रीम जेट्स को प्रमाणित करने से मना कर दिया है, जिससे उनकी बिक्री प्रभावी रूप से रुक गई है। यह कदम अमेरिका के अनुसार अनुचित है और इसी के जवाब में जवाबी कार्रवाई की धमकी दी गई है। कनाडा के परिवहन मंत्रालय और बॉम्बार्डियर ने इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
चीन के साथ व्यापार संबंधों पर तनाव
यह नवीनतम धमकी चीन के साथ कनाडा के व्यापारिक संबंधों पर ट्रंप की पिछली चेतावनियों के बाद आई है। इससे पहले सप्ताहांत में, उन्होंने कहा था कि कनाडा के लिए बीजिंग के साथ व्यापारिक संबंधों को गहरा करना “बहुत खतरनाक” होगा। उन्होंने ऐसे किसी भी सौदे से जुड़े कनाडाई सामानों पर 100% टैरिफ लगाने की संभावना भी जताई थी।
पिछला व्यापारिक टकराव
यह पहली बार नहीं है जब दोनों देशों के बीच विमानन क्षेत्र में विवाद हुआ है। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान, 2017 में अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने बॉम्बार्डियर के एक पैसेंजर जेट पर शुल्क लगाया था। उस समय यह तर्क दिया गया था कि कंपनी ने सरकारी समर्थन से लागत से कम कीमत पर विमान बेचे थे। हालांकि, बाद में अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोग ने उस फैसले को यह कहते हुए पलट दिया था कि इससे अमेरिकी उद्योग को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
आगामी व्यापार समझौते की समीक्षा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका, अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) की औपचारिक समीक्षा की तैयारी कर रहा है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने प्रधानमंत्री कार्नी को चेतावनी दी है कि अमेरिकी व्यापार नीति की सार्वजनिक आलोचना कनाडा की स्थिति को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं, कार्नी ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर दिए गए अपने बयानों पर कायम रहने की बात कही है, जहां उन्होंने प्रमुख शक्तियों द्वारा आर्थिक दबाव की आलोचना की थी और कहा था कि कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका से अपने व्यापार में विविधता लाने के लिए काम करेगा।
यह ताजा घटनाक्रम अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों में एक और तनावपूर्ण अध्याय जोड़ता है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विमानों पर 50% टैरिफ की धमकी ने विमानन उद्योग में चिंता बढ़ा दी है, और अब सभी की नजरें कनाडा की प्रतिक्रिया और इस स्थिति के समाधान पर टिकी हैं।
FAQs
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर कितना टैरिफ लगाने की धमकी दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में बने और अमेरिका में बेचे जाने वाले सभी विमानों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
अमेरिका और कनाडा के बीच इस नए विवाद का क्या कारण है?
इस विवाद का मुख्य कारण कनाडा द्वारा अमेरिकी कंपनी गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस के गल्फस्ट्रीम 500, 600, 700 और 800 मॉडल के बिजनेस जेट्स को प्रमाणित करने से इनकार करना है।
ट्रंप ने यह घोषणा किस प्लेटफॉर्म पर की?
डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के माध्यम से की।
इस विवाद से कनाडा की कौन सी प्रमुख कंपनी प्रभावित हो सकती है?
इस विवाद से कनाडा की सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर सबसे अधिक प्रभावित हो सकती है, क्योंकि अमेरिका उसके बिजनेस और निजी जेट के लिए एक प्रमुख बाजार है।
क्या पहले भी दोनों देशों के बीच विमानन क्षेत्र में विवाद हुआ है?
हाँ, 2017 में अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने बॉम्बार्डियर के एक पैसेंजर जेट पर शुल्क लगाया था, जिसे बाद में अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोग ने पलट दिया था।
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