बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही आंध्र प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर प्रमुख वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बैठक के लिए आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। यह कदम ऑनलाइन सुरक्षा, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के समाधान के लिए उठाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए Meta, X, Google और ShareChat जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है जो सुरक्षित और अधिक जिम्मेदार हो।
पिछले सप्ताह, आंध्र प्रदेश के आईटी और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने कहा था कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में पारित कानून की तर्ज पर है। इस प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए मंत्री नारा लोकेश की अध्यक्षता में एक मंत्री समूह (GoM) का गठन किया गया है।
गुरुवार को मंत्री नारा लोकेश ने कहा, “डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए, विचार-विमर्श करने हेतु सोशल मीडिया पर बने मंत्री समूह की अगली बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आमंत्रित किया जाएगा।”
सरकार की चिंताएं और उद्देश्य
मंत्री समूह (GoM) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, नारा लोकेश ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विश्वास लगातार कम हो रहा है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि बच्चे तेजी से इसके अत्यधिक और व्यसनी उपयोग के शिकार हो रहे हैं, जिसका उनकी शिक्षा और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही, महिलाएं लगातार ऑनलाइन दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का सामना कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि इस स्थिति को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य प्रतिबंधात्मक विनियमन नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और अधिक जिम्मेदार डिजिटल इकोसिस्टम का निर्माण करना है। सरकार के रोडमैप में बच्चों को हानिकारक और व्यसनी ऑनलाइन सामग्री से बचाना, महिलाओं के लिए सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में जनता का विश्वास बहाल करना शामिल है।
मंत्री समूह का गठन और कार्यप्रणाली
नारा लोकेश की अध्यक्षता वाले इस मंत्री समूह में गृह मंत्री अनीता वनगलापुडी, स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री कोलुसु पार्थसारथी शामिल हैं। यह समूह वर्तमान में 16 वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों के मामलों का अध्ययन कर रहा है जो सोशल मीडिया के शिकार हुए हैं या जिन्होंने इसका दुरुपयोग किया है।
मंत्री समूह द्वारा उल्लिखित रोडमैप के हिस्से के रूप में, आंध्र प्रदेश सरकार ने मौजूदा कानूनी ढांचों के व्यापक अध्ययन का आदेश दिया है। इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक आयु-उपयुक्त पहुंच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस अध्ययन में विभिन्न देशों में अपनाई गई सर्वोत्तम वैश्विक प्रथाओं का विस्तृत विश्लेषण भी शामिल होगा।
ऑस्ट्रेलियाई मॉडल और अन्य राज्यों की रुचि
आंध्र प्रदेश सरकार का यह कदम ऑस्ट्रेलिया में लागू हुए एक कानून से प्रेरित है। ऑस्ट्रेलिया का ‘ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट (सोशल मीडिया मिनिमम एज) एक्ट’ पिछले साल दिसंबर में प्रभावी हुआ था। यह कानून आयु-प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म से यह अपेक्षा करता है कि वे 16 वर्ष से कम उम्र के मौजूदा खातों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने या हटाने के लिए “उचित” कदम उठाएं। साथ ही, यह कानून उन्हें नए खाते खोलने से भी रोकता है।
इससे पहले गोवा सरकार ने भी कहा था कि वह 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले ऑस्ट्रेलिया जैसे कानून को लागू करने की संभावना का अध्ययन कर रही है। यह दर्शाता है कि भारत में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दा बनती जा रही है।
आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा सोशल मीडिया कंपनियों के साथ सहयोगात्मक विनियमन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। आगामी बैठक में प्लेटफॉर्म की जवाबदेही, नाबालिगों के लिए सुरक्षा उपाय, ऑनलाइन दुर्व्यवहार को रोकने के तंत्र और डिजिटल गवर्नेंस में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
FAQs
आंध्र प्रदेश सरकार सोशल मीडिया पर क्या विचार कर रही है?
आंध्र प्रदेश सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कानून बनाने की संभावना पर विचार कर रही है।
इस पहल का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस पहल का नेतृत्व राज्य के आईटी और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की अध्यक्षता में गठित एक मंत्री समूह (GoM) कर रहा है।
किन कंपनियों को बैठक के लिए आमंत्रित किया जा रहा है?
बैठक में विचार-विमर्श के लिए Meta, X, Google और ShareChat जैसी प्रमुख सोशल मीडिया और प्रौद्योगिकी कंपनियों को आमंत्रित किया जा रहा है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और अधिक जिम्मेदार डिजिटल वातावरण बनाना है, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
क्या भारत में कोई अन्य राज्य भी ऐसा कानून बनाने पर विचार कर रहा है?
हाँ, गोवा सरकार ने भी पहले कहा था कि वह 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले ऑस्ट्रेलिया जैसे कानून को लागू करने की संभावना का अध्ययन कर रही है।
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