चीन ने दक्षिण-पूर्व एशिया में चल रहे स्कैम साम्राज्यों पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस प्रयास के तहत, चीन ने थाईलैंड और कंबोडिया को दो प्रमुख चीनी व्यापारियों के प्रत्यर्पण के लिए सफलतापूर्वक राजी कर लिया है। इन दोनों पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के नेटवर्क चलाने का आरोप है।
इन व्यापारियों की पहचान शी झिजियांग और चेन झी के रूप में हुई है। शी झिजियांग ने म्यांमार के युद्धग्रस्त करेन राज्य में एक पूरा शहर बसाया था, जबकि चेन झी ने कंबोडिया में अपने प्रिंस ग्रुप समूह के माध्यम से अपार संपत्ति और शक्ति अर्जित की थी। इन प्रत्यर्पणों को इस क्षेत्र में अवैध ऑनलाइन गतिविधियों पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस कार्रवाई के अलावा, चीनी सरकार ने धोखाधड़ी करने वाले परिसरों में काम कर रहे अपने हजारों नागरिकों को भी वापस चीन लाया है। इन सभी पर चीन में कानूनी मुकदमे चलाए जाएंगे। यह कदम चीन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने नागरिकों को विदेशों में अवैध गतिविधियों में शामिल होने से रोकना चाहता है।
प्रमुख चीनी व्यापारियों का प्रत्यर्पण
चीन के दबाव के बाद, थाईलैंड और कंबोडिया की सरकारों ने दो हाई-प्रोफाइल चीनी नागरिकों को प्रत्यर्पित करने पर सहमति व्यक्त की है। इन व्यक्तियों, शी झिजियांग और चेन झी, पर विशाल स्कैम साम्राज्य चलाने का आरोप है, जो कथित तौर पर हजारों लोगों को निशाना बना चुके हैं। यह प्रत्यर्पण इन देशों के बीच कानून प्रवर्तन सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
शी झिजियांग और म्यांमार कनेक्शन
आरोपियों में से एक, शी झिजियांग, म्यांमार के करेन राज्य में अपनी गतिविधियों के लिए कुख्यात है। उसने वहां एक नया शहर विकसित किया था, जिसे अक्सर अवैध जुआ और ऑनलाइन धोखाधड़ी गतिविधियों के केंद्र के रूप में देखा जाता है। यह क्षेत्र लंबे समय से संघर्षरत रहा है, जिससे अवैध संचालनों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गया था।
चेन झी और प्रिंस ग्रुप का साम्राज्य
दूसरे आरोपी, चेन झी, ने कंबोडिया में अपने प्रिंस ग्रुप समूह के माध्यम से बड़ी सफलता हासिल की। इस समूह ने रियल एस्टेट से लेकर वित्त तक कई क्षेत्रों में तेजी से विस्तार किया। हालांकि, उन पर अपनी व्यावसायिक गतिविधियों की आड़ में एक बड़ा स्कैम नेटवर्क संचालित करने का आरोप है, जिससे उन्होंने काफी धन और प्रभाव अर्जित किया।
घोटाला परिसरों पर चीन की व्यापक कार्रवाई
इन दो प्रमुख हस्तियों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ, चीन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। चीनी सरकार ने विभिन्न देशों में स्थित स्कैम कंपाउंड्स से अपने हजारों नागरिकों को वापस बुलाया है। इन लोगों को कथित तौर पर धोखाधड़ी वाले कॉल सेंटर और अन्य ऑनलाइन घोटालों में काम करने के लिए मजबूर किया गया था या वे स्वेच्छा से शामिल थे। अब इन सभी को चीन में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
चीन ने दो प्रमुख व्यापारियों, शी झिजियांग और चेन झी, के प्रत्यर्पण के लिए थाईलैंड और कंबोडिया को सफलतापूर्वक मना लिया है, जिन पर बड़े पैमाने पर स्कैम साम्राज्य चलाने का आरोप है। इसके साथ ही, चीन ने विदेशों में स्थित स्कैम परिसरों से अपने हजारों नागरिकों को परीक्षण के लिए वापस लाया है, जो इस क्षेत्र में अवैध ऑनलाइन गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई का संकेत देता है।
FAQs
चीन ने किन दो व्यापारियों के प्रत्यर्पण की मांग की?
चीन ने शी झिजियांग और चेन झी के प्रत्यर्पण की मांग की। इन दोनों पर बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क चलाने का आरोप है।
शी झिजियांग पर क्या आरोप हैं?
शी झिजियांग पर एक स्कैम साम्राज्य चलाने का आरोप है। उन्होंने म्यांमार के युद्धग्रस्त करेन राज्य में एक पूरा शहर बनाया था, जो कथित तौर पर अवैध गतिविधियों का केंद्र था।
चेन झी किस समूह से जुड़े हैं?
चेन झी कंबोडिया स्थित प्रिंस ग्रुप समूह से जुड़े हैं। उन्होंने इस समूह के माध्यम से अपार धन और शक्ति अर्जित की।
प्रत्यर्पण के लिए किन देशों ने सहमति दी?
थाईलैंड और कंबोडिया ने इन दो चीनी व्यापारियों को चीन को प्रत्यर्पित करने के लिए सहमति व्यक्त की है।
व्यापारियों के अलावा चीन ने और क्या कदम उठाया है?
चीन ने विदेशों में स्थित स्कैम कंपाउंड्स में काम कर रहे अपने हजारों नागरिकों को वापस बुलाया है ताकि उन पर चीन में मुकदमा चलाया जा सके।
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