अमेरिकी विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए, डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया के नए नेता का पक्ष लेने का संकेत दिया है। यह कदम अमेरिका की उस दीर्घकालिक नीति के ठीक विपरीत है, जिसके अंतर्गत वर्षों तक इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ लड़ाई में कुर्द बलों का समर्थन किया गया था। यह घोषणा उस क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है, जहाँ अमेरिका और कुर्द लड़ाके एक-दूसरे के प्रमुख सहयोगी रहे हैं।
अमेरिका और कुर्द बलों की साझेदारी ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के प्रभाव को खत्म करने में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। अमेरिकी सेना के समर्थन से कुर्द लड़ाकों ने जमीन पर IS के खिलाफ एक सफल अभियान चलाया था। इस सैन्य गठबंधन ने IS के तथाकथित खलीफा शासन को समाप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी।
ट्रम्प का यह नया रुख इस क्षेत्र में अमेरिकी प्राथमिकताओं में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। इससे पहले, अमेरिका कुर्दों को मध्य पूर्व में अपना सबसे विश्वसनीय भागीदार मानता था, खासकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में। अब सीरिया के नए नेतृत्व की ओर झुकाव इस पुराने गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े करता है।
डोनाल्ड ट्रम्प का नया रुख
डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया के संबंध में एक नई नीतिगत दिशा का संकेत दिया है। उनके बयान के अनुसार, अमेरिका अब सीरिया के नए नेता का पक्ष लेगा। यह बयान उस अमेरिकी रणनीति से एक स्पष्ट अलगाव को दर्शाता है जो कई वर्षों से कुर्द सहयोगियों पर केंद्रित थी।
कुर्दों के साथ पुराना गठबंधन
कई वर्षों तक, संयुक्त राज्य अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ अपनी लड़ाई में कुर्द लड़ाकों को अपना सबसे महत्वपूर्ण जमीनी सहयोगी माना। अमेरिकी सेना ने कुर्द नेतृत्व वाले ‘सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज’ (SDF) को सैन्य उपकरण, प्रशिक्षण और हवाई हमलों के माध्यम से व्यापक समर्थन प्रदान किया था। यह गठबंधन सीरिया में IS के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को मुक्त कराने के लिए महत्वपूर्ण था।
इस्लामिक स्टेट के खिलाफ संयुक्त लड़ाई
अमेरिका और कुर्द बलों के संयुक्त अभियानों के परिणामस्वरूप सीरिया के एक बड़े हिस्से को इस्लामिक स्टेट के क्रूर शासन से मुक्त कराया गया। इस साझेदारी में, कुर्द बलों ने जमीनी लड़ाई का नेतृत्व किया, जबकि अमेरिकी सेना ने हवाई सहायता, खुफिया जानकारी और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस सफल सहयोग ने IS के क्षेत्रीय प्रभुत्व को लगभग पूरी तरह से समाप्त कर दिया।
अमेरिकी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव
ट्रम्प द्वारा सीरिया के नए नेता का समर्थन करने का निर्णय कुर्द सहयोगियों से दूर जाने का एक स्पष्ट संकेत है। यह नीतिगत बदलाव उस लंबे समय से चले आ रहे सैन्य और रणनीतिक गठबंधन के अंत का प्रतीक हो सकता है जिसने इस क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति की नींव रखी थी। यह कदम मध्य पूर्व में अमेरिका की भविष्य की भूमिका को भी पुनर्परिभाषित कर सकता है।
संक्षेप में, डोनाल्ड ट्रम्प का सीरिया के नए नेता का पक्ष लेना, इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कुर्दों के साथ वर्षों पुराने सैन्य सहयोग पर आधारित अमेरिकी नीति से एक स्पष्ट विचलन है। यह इस क्षेत्र में अमेरिकी प्राथमिकताओं और गठबंधनों में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है।
FAQs
सीरिया में अमेरिका की पिछली नीति क्या थी?
सीरिया में अमेरिका की पिछली नीति इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ लड़ाई में कुर्द बलों के साथ गठबंधन करने और उन्हें सैन्य समर्थन प्रदान करने पर केंद्रित थी।
IS के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के मुख्य सहयोगी कौन थे?
सीरिया में इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ लड़ाई में कुर्द लड़ाके, विशेष रूप से ‘सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज’ (SDF), अमेरिका के मुख्य सहयोगी थे।
डोनाल्ड ट्रम्प का नया घोषित रुख क्या है?
डोनाल्ड ट्रम्प का नया घोषित रुख यह है कि वह अब सीरिया के नए नेता का पक्ष लेंगे, जो कुर्द सहयोगियों से एक नीतिगत दूरी को दर्शाता है।
अमेरिका और कुर्दों ने किस संगठन के खिलाफ मिलकर लड़ाई की?
अमेरिका और कुर्द बलों ने मिलकर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
कुर्दों को अमेरिकी समर्थन किस प्रकार का था?
कुर्दों को अमेरिकी समर्थन में सैन्य उपकरण, प्रशिक्षण, हवाई हमले और रणनीतिक मार्गदर्शन शामिल था, जिसने उन्हें IS के खिलाफ जमीनी लड़ाई में मदद की।
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