इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क बुचर ने आगामी ICC T20 वर्ल्ड कप से बांग्लादेश को हटाने के फैसले पर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा है कि यह एक “मिसाल” होनी चाहिए और भविष्य में भी इसका पालन किया जाना चाहिए, जब कोई टीम ICC टूर्नामेंट के मेजबान देश की यात्रा नहीं करना चाहती है। बुचर का मानना है कि ऐसे मामलों में टीम को टूर्नामेंट से हटाकर अगली योग्य टीम को मौका देना चाहिए।
बुचर ने यह टिप्पणी एक पोडकास्ट के दौरान की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब कोई टीम अपनी सरकार के कहने पर या खुद से सुरक्षा या किसी अन्य चिंता के कारण किसी देश का दौरा करने से मना करती है, तो उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर देना चाहिए। उनके अनुसार, यह एक ऐसी मिसाल है जिसका पालन करना खेल के लिए महत्वपूर्ण है।
अपने तर्क का समर्थन करने के लिए, उन्होंने पिछले साल के ICC चैंपियंस ट्रॉफी का उदाहरण दिया, जब भारतीय टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया था। उस समय भारत से जुड़े सभी मैच दुबई में आयोजित किए गए थे। बुचर ने कहा कि क्रिकेट के इतिहास में टूर्नामेंटों को किसी एक टीम के लिए समायोजित करने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन हाल के दिनों में देखे गए तरीके से शायद नहीं।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि क्रिकेट में भारत की स्थिति बहुत मजबूत है, लेकिन उनका मानना है कि खेल की अखंडता सबसे ज्यादा पैसा कहाँ से आता है, इससे अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल के नियमों और सिद्धांतों को सभी के लिए समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
मार्क बुचर का बयान
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क बुचर ने कहा कि ICC के पास एक विकल्प था और उन्हें वही करना चाहिए जो अब से होना चाहिए। उन्होंने विजडन पोडकास्ट पर कहा, “यह एक ऐसी मिसाल है जिसका पालन करना मुझे लगता है कि उचित है, कि जब कोई टीम – चाहे वह अपनी सरकार के माध्यम से हो या अपने दम पर – किसी टूर्नामेंट के लिए किसी देश का दौरा करने के बारे में सुरक्षा संबंधी चिंताएं या कोई अन्य चिंताएं रखती है, तो मूल रूप से उन्हें हटा दिया जाना चाहिए और अगली टीम को क्वालिफाई करना चाहिए और आप उनके बिना आगे बढ़ें।”
भारत-पाकिस्तान का उदाहरण
53 वर्षीय बुचर ने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए भारत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने पिछले साल की ICC चैंपियंस ट्रॉफी का जिक्र किया, जब भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं गई थी। इसके परिणामस्वरूप, भारत के सभी मैच दुबई में आयोजित किए गए, जिसमें फाइनल भी शामिल था। बुचर ने कहा, “जाहिर है, पाकिस्तान के साथ भारत चैंपियंस ट्रॉफी का मुद्दा और यह कैसे हल हुआ कि भारत ने दुबई में मैच खेले, जिसमें फाइनल भी शामिल था।”
टूर्नामेंट की अखंडता पर जोर
बुचर ने आगे कहा कि खेल की अखंडता सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं यह सोचने में भोला नहीं हूँ कि बाकी सभी भारत की तरह ही स्थिति में खड़े हैं क्योंकि वे नहीं हैं। यह अंतरिक्ष से दिखाई देता है। हालांकि, खेल की अखंडता अभी भी इससे अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए कि अधिकांश पैसा कहाँ से आता है।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वित्तीय ताकत के बावजूद, खेल के नियमों का पालन सर्वोपरि होना चाहिए।
बुचर के अनुसार, टूर्नामेंट को किसी एक या दूसरी टीम को समायोजित करने के लिए बार-बार बदला गया है, लेकिन अब एक सख्त नियम बनाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह खेल की निष्पक्षता और सभी टीमों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क बुचर ने ICC टूर्नामेंट में भाग लेने से इनकार करने वाली टीमों के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने बांग्लादेश को T20 वर्ल्ड कप से हटाने के फैसले को एक सही मिसाल बताया और कहा कि खेल की अखंडता को वित्तीय हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने भारत-पाकिस्तान के पिछले विवाद का भी उदाहरण दिया।
FAQs
मार्क बुचर ने क्या सुझाव दिया है?
मार्क बुचर ने सुझाव दिया है कि जो भी टीम ICC टूर्नामेंट के लिए मेजबान देश की यात्रा करने से इनकार करती है, उसे टूर्नामेंट से हटा दिया जाना चाहिए और उसकी जगह अगली योग्य टीम को शामिल किया जाना चाहिए।
बुचर ने किस टीम के संदर्भ में यह बात कही?
उन्होंने यह टिप्पणी आगामी ICC T20 वर्ल्ड कप से बांग्लादेश को हटाने के ICC के फैसले के संदर्भ में की।
उन्होंने किस पुराने मामले का उदाहरण दिया?
उन्होंने पिछले साल हुए ICC चैंपियंस ट्रॉफी का उदाहरण दिया, जब भारतीय टीम ने पाकिस्तान की यात्रा नहीं की थी और उनके सभी मैच दुबई में खेले गए थे।
बुचर ने खेल की अखंडता के बारे में क्या कहा?
बुचर ने कहा कि खेल की अखंडता सबसे महत्वपूर्ण है और इसे इस बात से ऊपर रखा जाना चाहिए कि क्रिकेट में सबसे ज्यादा पैसा कहाँ से आता है, भले ही भारत का वित्तीय प्रभाव बहुत बड़ा हो।
यह बयान कहाँ दिया गया था?
मार्क बुचर ने यह बयान विजडन पोडकास्ट पर बातचीत के दौरान दिया था।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


