27.7 C
New Delhi
HomePolicy & Governmentनजीराबाद अग्निकांड: भाजपा ने TMC को घेरा, मंत्री के इस्तीफे और बड़े...
spot_img

नजीराबाद अग्निकांड: भाजपा ने TMC को घेरा, मंत्री के इस्तीफे और बड़े मुआवजे की मांग

कोलकाता अग्निकांड को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधा है। यह घटना इस सप्ताह की शुरुआत में कोलकाता के पास नाजिराबाद में दो गोदामों में लगी भीषण आग से जुड़ी है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। भाजपा ने इस त्रासदी के लिए राज्य के अग्निशमन मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

पार्टी ने पीड़ितों के परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित मुआवजे की राशि को बढ़ाने की भी मांग की है। सोमवार तड़के लगी इस आग में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि बुधवार तक 27 लोग लापता बताए जा रहे थे। लापता लोगों में से कुछ ने अपने परिवारों को फोन कर बताया था कि वे गोदाम में लगी आग में फंसे हुए हैं।

पुलिस और बचाव दल का तलाशी अभियान जारी है, और जले हुए मानव अवशेषों को पहचान के लिए फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इस घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

कोलकाता अग्निकांड: 3 की मौत, 27 लोग लापता

सोमवार तड़के कोलकाता के पास नाजिराबाद इलाके में दो गोदामों और एक निकटवर्ती तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

बुधवार तक, लगभग 27 लोगों के लापता होने की सूचना थी। परिवारों ने शिकायत दर्ज कराई है कि इन दो गोदामों में काम करने वाले उनके परिजन गुरुवार शाम तक लापता हैं। पुलिस के अनुसार, यह संख्या अब और बढ़ने की संभावना नहीं है।

जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण

बारुइपुर पुलिस जिले के एक अधिकारी के अनुसार, मानव अवशेषों के लगभग 16 नमूने फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं। इन नमूनों में हड्डियां, खोपड़ी और अन्य मानव अंग शामिल हैं जो पहचान से परे जल चुके हैं। इस जांच का उद्देश्य मृतकों की सही संख्या और उनकी पहचान स्थापित करना है।

अधिकारियों ने बताया कि लापता श्रमिकों के परिवार के सदस्यों के रक्त के नमूने पहले ही डीएनए मिलान के लिए एकत्र कर लिए गए हैं। अवशेषों की स्थिति को देखते हुए, फॉरेंसिक विश्लेषण के बिना मृतकों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है। पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है।

भाजपा का राज्य सरकार पर हमला

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने लगभग एक दर्जन भाजपा विधायकों के साथ गुरुवार को नाजिराबाद का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री घटनास्थल से केवल 10 किलोमीटर दूर रहने के बावजूद कभी मौके पर नहीं आईं।

अधिकारी ने कहा, “पुलिस ने मुझे घटनास्थल पर जाने से रोकने के लिए इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी, लेकिन उन्होंने राज्य के मंत्रियों, मेयर और TMC नेताओं को कभी नहीं रोका।” उन्होंने स्थानीय पुलिस और TMC नेताओं को अवैध गोदामों को संचालित करने की अनुमति देने के लिए जिम्मेदार ठहराया और अग्निशमन मंत्री के इस्तीफे की मांग की। साथ ही, उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस का पलटवार

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हादसे के तुरंत बाद, पुलिस, फायर ब्रिगेड के जवान, मंत्री और TMC नेता बचाव और राहत कार्यों के लिए मौके पर पहुंचे।”

घोष ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे तीन दिनों के बाद अचानक विरोध प्रदर्शन करने और सड़कें जाम करने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है और पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन इस कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

राजनीतिक प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई

भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ अपने हमले को तेज करने के लिए शुक्रवार को एक रैली करने की योजना बनाई है। हालांकि पुलिस ने शुरू में रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कुछ शर्तों के साथ इसकी अनुमति दे दी।

यह घटना अब पश्चिम बंगाल सरकार और विपक्षी दल भाजपा के बीच एक बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गई है। पुलिस ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है।

कोलकाता के नाजिराबाद में गोदामों में लगी आग की दुखद घटना ने न केवल कई जानें ले ली हैं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मृतकों की पहचान करने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

FAQs

कोलकाता के नाजिराबाद में आग कब लगी थी?

यह आग सोमवार को तड़के दो गोदामों में लगी थी।

इस अग्निकांड में कितने लोगों की जान गई और कितने लापता हैं?

इस हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और गुरुवार तक 27 लोग लापता बताए गए हैं।

भाजपा ने राज्य सरकार से क्या प्रमुख मांगें की हैं?

भाजपा ने राज्य के अग्निशमन मंत्री के इस्तीफे और पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने की मांग की है।

शवों की पहचान के लिए अधिकारी क्या कर रहे हैं?

अधिकारी जले हुए मानव अवशेषों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रहे हैं और लापता लोगों के परिवार के सदस्यों के साथ डीएनए मिलान कर रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि उसके नेता और मंत्री हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य में जुट गए थे, जबकि भाजपा तीन दिन बाद इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने आई है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

spot_img
spot_img

latest articles

explore more

spot_img
spot_img
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x