ईरान-अमेरिका तनाव एक बार फिर बढ़ गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पिछले साल के हमलों से भी “कहीं बदतर” हमले की धमकी दी है। इसके जवाब में ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि तेहरान अपने खिलाफ किसी भी आक्रामकता का “शक्तिशाली” जवाब देगा। मध्य पूर्व में स्थिति गंभीर बनी हुई है, दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
ट्रंप ने ईरान से परमाणु हथियारों पर एक समझौते पर बातचीत करने का आग्रह किया है और चेतावनी दी है कि समय समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही, अमेरिका ने इस क्षेत्र में यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत के नेतृत्व में अपने जहाजों का बेड़ा तैनात किया है, जिसे किसी भी मिशन के लिए तैयार बताया जा रहा है। दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि वह आपसी सम्मान और हितों पर आधारित बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अगर उस पर दबाव डाला गया तो वह अपना बचाव करेगा।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब ईरान आंतरिक विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहा है। एक मानवाधिकार समूह की रिपोर्ट के अनुसार, देशव्यापी प्रदर्शनों पर कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए हैं और 42,000 से अधिक को गिरफ्तार किया गया है। इन घटनाओं के जवाब में, यूरोपीय संघ ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंध अपनाने और उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने पर विचार कर रहा है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के साथ एक परमाणु समझौता करे या पिछली बार से भी बदतर सैन्य हमलों का सामना करे। अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में, राष्ट्रपति ने कहा कि इस क्षेत्र में यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत के नेतृत्व में अमेरिकी जहाजों का बेड़ा “आवश्यकता पड़ने पर गति और हिंसा के साथ अपने मिशन को तेजी से पूरा करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम” है। ट्रंप ने कहा, “उम्मीद है कि ईरान जल्द ही ‘बातचीत की मेज पर आएगा’ और एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते पर बातचीत करेगा – कोई परमाणु हथियार नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि “समय समाप्त हो रहा है, यह वास्तव में सार का है!” रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रदर्शनकारियों को प्रेरित करने के लिए सुरक्षा बलों और नेताओं पर लक्षित हमलों सहित ईरान के खिलाफ विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
ईरान का जवाबी बयान
अमेरिकी धमकियों के जवाब में ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि देश ने पिछले साल के 12-दिवसीय युद्ध से “मूल्यवान सबक” सीखे हैं और देश की सशस्त्र सेना किसी भी आक्रमण का तुरंत और शक्तिशाली जवाब देने के लिए तैयार है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर ग़लीबाफ़ ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते यह “वास्तविक” हो। उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देगा और कहा, “शायद श्री ट्रंप युद्ध शुरू कर सकते हैं, लेकिन इसका अंत कैसे होगा, इस पर उनका नियंत्रण नहीं है।” ईरान ने यह भी कहा है कि वह आपसी सम्मान पर आधारित बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन “अगर धकेला गया, तो वह अपना बचाव करेगा और ऐसा जवाब देगा जैसा पहले कभी नहीं दिया गया।”
ईरान में आंतरिक स्थिति और प्रदर्शन
ईरान में चल रहे देशव्यापी प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, पिछले महीने शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई में कम से कम 6,221 लोग मारे गए हैं, जिनमें 5,856 प्रदर्शनकारी, 100 नाबालिग, सुरक्षा बलों के 214 सदस्य और 49 दर्शक शामिल हैं। अधिकार समूह ने आगे कहा कि ईरान में कम से कम 42,324 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। HRANA ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा बल घायल प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए अस्पतालों की तलाशी ले रहे हैं। हालांकि, लगभग तीन सप्ताह के संचार ब्लैकआउट के बाद देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी लगभग 95 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है।
यूरोपीय संघ के नए प्रतिबंध
ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के जवाब में, यूरोपीय संघ नए प्रतिबंध अपनाने के लिए तैयार है। यूरोपीय संघ के मंत्री ईरान पर नए प्रतिबंधों को अपनाएंगे जो व्यक्तियों और संस्थाओं को लक्षित करेंगे। इसके अलावा, यूरोपीय संघ ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने पर भी विचार कर रहा है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा, “अगर आप एक आतंकवादी की तरह काम करते हैं, तो आपके साथ भी आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि ईरान में प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या और शासन द्वारा अपनाए गए तरीके “वास्तव में बहुत गंभीर” हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और घटनाक्रम
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कई अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां हो रही हैं। तुर्किये ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश करने की योजना बनाई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपनी यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा, तुर्किये ने यह भी कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो वह अपनी सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की योजना बना रहा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण, लुफ्थांसा और उसकी सहयोगी एयरलाइंस ने तेल अवीव से आने-जाने वाली रात की उड़ानों को 3 फरवरी तक के लिए रद्द कर दिया है। इस बीच, भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर ने मुंबई में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी से मुलाकात की और बातचीत की।
बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते के लिए बातचीत करने या गंभीर सैन्य परिणामों का सामना करने की चेतावनी दी है। ईरान ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की कसम खाई है, हालांकि उसने वास्तविक बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखे हैं। इस बीच, यूरोपीय संघ ईरान के मानवाधिकारों के हनन पर नए प्रतिबंध लगा रहा है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
FAQs
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियारों पर एक समझौता करने के लिए बातचीत की मेज पर आने की चेतावनी दी, अन्यथा उसे पिछली बार की तुलना में “कहीं बदतर” सैन्य हमले का सामना करना पड़ेगा।
अमेरिकी धमकियों पर ईरान ने कैसी प्रतिक्रिया दी?
ईरान ने कहा है कि उसकी सशस्त्र सेना किसी भी आक्रमण का “शक्तिशाली” जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि वह “वास्तविक” और “समान स्तर” पर होने वाली बातचीत के लिए खुला है।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों की वर्तमान स्थिति क्या है?
एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई में 6,200 से अधिक लोग मारे गए हैं और 42,000 से अधिक को गिरफ्तार किया गया है।
यूरोपीय संघ क्या कार्रवाई कर रहा है?
यूरोपीय संघ ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के जवाब में व्यक्तियों और संस्थाओं को लक्षित करते हुए नए प्रतिबंध अपना रहा है। वह ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने पर भी विचार कर रहा है।
क्या किसी देश ने मध्यस्थता की पेशकश की है?
हाँ, तुर्किये ने कथित तौर पर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव को हल करने में मदद करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


