ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गुरुवार, 29 जनवरी, 2026 को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करना है, जिसे वर्षों के अविश्वास और मनमुटाव के बाद रिश्तों में एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
अपनी चार दिवसीय चीन यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण दिन, स्टार्मर का बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में राष्ट्रपति शी ने स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच लगभग 40 मिनट तक चर्चा होने की उम्मीद थी, जिसके बाद वे एक साथ दोपहर का भोजन करेंगे। स्टार्मर गुरुवार को बाद में प्रधानमंत्री ली कियांग से भी मुलाकात करेंगे।
यह यात्रा 2018 के बाद किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा है। स्टार्मर के साथ 50 से अधिक व्यापारिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी है, जो इस यात्रा के आर्थिक महत्व को दर्शाता है। यात्रा के दौरान, अवैध प्रवासियों की तस्करी में शामिल गिरोहों से निपटने के लिए ब्रिटेन और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण सहयोग की घोषणा भी की गई।
बीजिंग में उच्च-स्तरीय वार्ता
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा द्विपक्षीय संबंधों, विशेष रूप से व्यापार और निवेश को मजबूत करने पर केंद्रित था। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने देश में आने के कुछ घंटों बाद बुधवार को व्यापारिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए कहा कि यह ब्रिटेन और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच “परिपक्व” संबंधों का समय है।
आर्थिक विकास पर जोर
स्टार्मर की लेबर पार्टी सरकार ने आर्थिक विकास को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बनाया है। चीन के साथ संबंधों में सुधार को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है ताकि व्यापार के नए अवसर पैदा हो सकें। प्रधानमंत्री के साथ गए 50 से अधिक व्यापारिक नेताओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है। बुधवार को व्यापारिक नेताओं से उन्होंने कहा, “आप यहां जो कुछ भी कर रहे हैं, मैं यहां जो कुछ भी कर रहा हूं, वह इस पर केंद्रित है कि हम घर पर लोगों को कैसे लाभ पहुंचाएं।”
बिगड़ते संबंधों के बाद नई शुरुआत
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पिछले कई वर्षों से ब्रिटेन और चीन के संबंध तनावपूर्ण रहे थे। पिछली कंजरवेटिव सरकारों के तहत, लंदन ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को लेकर कुछ चीनी निवेशों पर प्रतिबंध लगा दिया था और हांगकांग में राजनीतिक स्वतंत्रता पर कार्रवाई को लेकर चिंता व्यक्त की थी। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने चीन के साथ जुड़ाव की एक नई नीति अपनाई है, जिसका उद्देश्य पिछले गतिरोध को तोड़कर एक नई और स्थिर साझेदारी बनाना है।
अवैध प्रवासन पर सहयोग समझौता
इस यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की गई, जिसके तहत ब्रिटेन और चीन अवैध प्रवासियों की तस्करी में शामिल गिरोहों से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे। यह समझौता विशेष रूप से छोटी नावों के लिए चीन निर्मित इंजनों के उपयोग को कम करने पर केंद्रित होगा, जिनका उपयोग लोगों को यूरोप भर में शरण का दावा करने के लिए किया जाता है। समझौते के तहत, ब्रिटिश और चीनी अधिकारी तस्करों के आपूर्ति मार्गों की पहचान करने के लिए खुफिया जानकारी साझा करेंगे और चीनी निर्माताओं के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि संगठित अपराध द्वारा वैध व्यवसायों का शोषण रोका जा सके।
मानवाधिकारों का मुद्दा
चीन रवाना होने से पहले विमान में पत्रकारों से बात करते हुए, स्टार्मर ने कहा कि वह शी जिनपिंग के साथ मानवाधिकारों पर “उठाए जाने वाले मुद्दों को उठाएंगे”। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह हांगकांग के पूर्व मीडिया टाइकून और ब्रिटिश नागरिक जिमी लाई का मामला उठाएंगे, जिन्हें दिसंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा अपराधों का दोषी ठहराया गया था, तो उन्होंने इस बात का संकेत दिया। हालांकि, यात्रा का मुख्य एजेंडा आर्थिक सहयोग पर ही केंद्रित रहा।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकात दोनों देशों के बीच वर्षों के तनाव के बाद संबंधों को फिर से स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। आर्थिक सहयोग और अवैध प्रवासन जैसे मुद्दों पर हुई सहमति भविष्य में एक नई और अधिक व्यावहारिक साझेदारी का संकेत देती है।
FAQs
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने चीन में किससे मुलाकात की?
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। उनकी प्रधानमंत्री ली कियांग से भी मिलने की योजना है।
कीर स्टार्मर की चीन यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन और चीन के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करना और व्यापार के नए अवसर तलाशना था, ताकि ब्रिटेन में आर्थिक विकास को गति दी जा सके।
यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?
यह 2018 के बाद किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा है। यह यात्रा वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों के बाद एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
यात्रा के दौरान किस बड़े समझौते की घोषणा हुई?
यात्रा के दौरान ब्रिटेन और चीन के बीच अवैध प्रवासियों की तस्करी करने वाले गिरोहों से निपटने के लिए मिलकर काम करने के एक समझौते की घोषणा की गई।
पिछली सरकारों के तहत ब्रिटेन-चीन संबंध कैसे थे?
पिछली कंजरवेटिव सरकारों के दौरान, राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं और हांगकांग के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण और अविश्वास से भरे हुए थे।
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