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फेड 2026 में पहली बार ब्याज दरों पर लेगा फैसला

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जे पॉवेल ने ट्रंप प्रशासन पर केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को कमजोर करने के प्रयासों की आलोचना की है। यह घटनाक्रम दिसंबर के मतदान के बाद से फेड से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण développements में से एक है। पॉवेल ने खुलासा किया कि उन्हें न्याय विभाग (Department of Justice) से ग्रैंड जूरी के सम्मन प्राप्त हुए हैं, जिसमें फेड के मुख्यालय के $2.5 बिलियन के नवीनीकरण पर अधिक जानकारी मांगी गई है।

इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति के सहयोगियों ने दावा किया है कि पॉवेल ने परियोजना में हुए बदलावों को लेकर कांग्रेस को गुमराह किया था। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन ने इन दावों का बार-बार खंडन किया है। उन्होंने इस जांच को प्रशासन द्वारा केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों में कटौती के लिए दबाव बनाने का एक “बहाना” बताया है।

जे पॉवेल के इस मुखर बचाव ने व्हाइट हाउस के खिलाफ एक व्यापक प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। नॉर्थ कैरोलिना के थॉम टिलिस के नेतृत्व में कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने कहा है कि जब तक यह जांच वापस नहीं ले ली जाती, तब तक वे फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष पद के लिए ट्रंप की पसंद को रोक देंगे। यह विवाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता और राजनीतिक दबाव के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है।

जांच और आरोप

न्याय विभाग (DoJ) ने फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जे पॉवेल को ग्रैंड जूरी के सम्मन भेजे हैं। यह जांच फेडरल रिजर्व के वाशिंगटन स्थित मुख्यालय के $2.5 बिलियन के नवीनीकरण परियोजना पर केंद्रित है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों का आरोप है कि पॉवेल ने इस परियोजना के बारे में कांग्रेस को गलत जानकारी दी थी।

जे पॉवेल का पक्ष

जे पॉवेल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को लगातार खारिज किया है। उन्होंने इस जांच को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनके अनुसार, यह जांच केवल एक बहाना है जिसका असली मकसद फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में भारी कटौती करने के लिए दबाव डालना है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान लगातार ब्याज दरों में कटौती की मांग करते रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

पॉवेल के इस बयान के बाद व्हाइट हाउस को राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। नॉर्थ कैरोलिना के रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस के नेतृत्व में कुछ सीनेटरों ने एक कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद के लिए ट्रंप द्वारा नामित उम्मीदवार का तब तक विरोध करेंगे, जब तक न्याय विभाग अपनी जांच बंद नहीं कर देता।

फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता का मुद्दा

फेडरल रिजर्व संयुक्त राज्य अमेरिका का केंद्रीय बैंक है, जिसकी स्थापना मौद्रिक नीति को राजनीतिक प्रभाव से स्वतंत्र रखने के लिए की गई थी। बैंक की स्वतंत्रता को अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पॉवेल का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाइयां सीधे तौर पर इसी स्वतंत्रता को कमजोर करने का एक प्रयास हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

यह विवाद अब फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जे पॉवेल और ट्रंप प्रशासन के बीच एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है। पॉवेल द्वारा जांच को ब्याज दरों में कटौती के लिए दबाव बनाने का एक “बहाना” बताए जाने के बाद, इस मामले में कुछ रिपब्लिकन सीनेटर भी शामिल हो गए हैं, जिससे राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन गई है।

FAQs

जे पॉवेल कौन हैं?

जे पॉवेल संयुक्त राज्य अमेरिका के केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व के वर्तमान चेयरमैन हैं।

जांच किस बारे में है?

यह जांच फेडरल रिजर्व के मुख्यालय की $2.5 बिलियन की नवीनीकरण परियोजना से संबंधित है, जिसमें पॉवेल पर कांग्रेस को गुमराह करने का आरोप है।

पॉवेल ने जांच को क्या बताया है?

पॉवेल ने इस जांच को केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों में कटौती के लिए दबाव बनाने का एक बहाना बताया है।

इस मामले में रिपब्लिकन सीनेटरों का क्या रुख है?

कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने कहा है कि जब तक यह जांच बंद नहीं हो जाती, तब तक वे फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के लिए ट्रंप की पसंद का समर्थन नहीं करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप फेडरल रिजर्व से क्या चाहते हैं?

डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल के दौरान फेडरल रिजर्व से लगातार ब्याज दरों में कटौती करने की मांग करते रहे हैं।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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