यूक्रेन-रूस युद्ध में ड्रोन एक निर्णायक हथियार के रूप में उभरे हैं, जिनका उपयोग यूक्रेनी सेना दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर कर रही है। यूक्रेन के अनुसार, अब दुश्मन के 80% से अधिक लक्ष्य ड्रोन द्वारा ही नष्ट किए जा रहे हैं। यह जानकारी देश की रक्षा क्षमताओं में एक बड़े बदलाव को दर्शाती है, क्योंकि इनमें से अधिकांश ड्रोन स्थानीय रूप से निर्मित किए जा रहे हैं।
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक कार्यक्रम में घोषणा की कि 2025 में यूक्रेनी सेना ने 819,737 वीडियो-पुष्टि ड्रोन हमले दर्ज किए। इन हमलों का डेटा सशस्त्र बलों की एक आंतरिक बोनस प्रणाली से जुड़ा है, जो सफल हमलों की पुष्टि होने पर ड्रोन इकाइयों को पुरस्कृत करती है। यह प्रणाली युद्ध के मैदान पर प्रदर्शन को बेहतर बनाने और सैनिकों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।
राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस कार्यक्रम में कहा कि हर एक हमले को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड किया जाता है और प्रत्येक सफल हमले के लिए अंक दिए जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह बोनस-आधारित इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट सिस्टम रक्षा परिणामों को बढ़ाने में मदद कर रहा है। युद्ध की बदलती प्रकृति के साथ, यूक्रेन प्रौद्योगिकी के उपयोग और युद्ध के मैदान पर हो रही घटनाओं के सत्यापन पर अत्यधिक निर्भर हो गया है।
आधिकारिक आंकड़े और ड्रोन हमलों का विवरण
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दर्ज किए गए लगभग 8.2 लाख ड्रोन हमलों में से लगभग एक तिहाई हमले दुश्मन के सैनिकों को निशाना बनाकर किए गए। मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन हमलों में लगभग 240,000 दुश्मन के सैनिक, 62,000 हल्के वाहन, 29,000 भारी वाहन और 32,000 दुश्मन के ड्रोन शामिल थे।
ये आंकड़े यूक्रेन की उस रणनीति को उजागर करते हैं जिसमें ड्रोन का उपयोग न केवल सैन्य उपकरणों को नष्ट करने के लिए, बल्कि दुश्मन की सैन्य क्षमता को सीधे तौर पर कम करने के लिए भी किया जा रहा है। प्रत्येक हमले की रिकॉर्डिंग से सैन्य प्रदर्शन का सटीक मूल्यांकन करने में मदद मिलती है।
‘आर्मी ऑफ ड्रोन्स’ और प्रोत्साहन प्रणाली
यूक्रेन ने युद्ध में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी प्रणाली विकसित की है, जिसे ‘आर्मी ऑफ ड्रोन्स’ कहा जाता है। इस प्रणाली के तहत, सफल ड्रोन ऑपरेटरों को उनके प्रदर्शन के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक अंक दिए जाते हैं। इन अंकों का उपयोग ड्रोन इकाइयां ‘Brave1’ नामक एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर कर सकती हैं।
इस मार्केटप्लेस पर वे ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और अन्य आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए अपने अर्जित अंकों को खर्च कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को कुछ विशेषज्ञों द्वारा ‘युद्ध का गेमिफिकेशन’ कहा गया है, जिसका उद्देश्य सैनिकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। जर्मनी की कंपनी क्वांटम सिस्टम्स ने बताया कि उसके वेक्टर ड्रोन को इस कार्यक्रम के तहत खुफिया, निगरानी और टोही प्रणालियों में तीसरा स्थान मिला। अधिक जानकारी के लिए यहां पढ़ें।
भविष्य की योजनाएं और प्रौद्योगिकी पर जोर
यूक्रेन के नए रक्षा मंत्री मायखाइलो फेडोरोव के अनुसार, इस ‘आर्मी ऑफ ड्रोन्स’ प्रणाली का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी करने की योजना है। भविष्य में, ड्रोन के खिलाफ वायु रक्षा और सेना विमानन के प्रदर्शन के साथ-साथ स्नाइपर्स के लिए भी अंक देने की व्यवस्था की जाएगी। फेडोरोव ने कहा, “पहली बार, हमें युद्ध के मैदान से वास्तविक, सत्यापित डेटा मिला है जिसका उपयोग डेटा-संचालित प्रबंधन निर्णयों का समर्थन करने के लिए किया जा सकता है।”
मंत्रालय का एक लक्ष्य दुश्मन की रसद को बाधित करने और दुश्मन के यूएवी क्रू को बेअसर करने के लिए हमलों की गहराई बढ़ाना है। इसके लिए, प्रोत्साहन कार्यक्रम में हमले की सीमा के आधार पर अंक-आवंटन गुणांक पेश किए जाएंगे, ताकि लंबी दूरी के सफल हमलों को अधिक पुरस्कृत किया जा सके।
विशेषज्ञों की राय और पारंपरिक सेना का महत्व
हालांकि ड्रोन युद्ध के मैदान पर बेहद प्रभावी साबित हुए हैं, कुछ पश्चिमी थिंक टैंक ने चेतावनी दी है कि ड्रोन मानवीय क्षमता का विकल्प नहीं हो सकते। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की एक रिपोर्ट में सेवानिवृत्त ऑस्ट्रेलियाई सेना मेजर जनरल मिक रयान ने लिखा है कि ड्रोन तोपखाने, टैंक या पैदल सेना की जगह नहीं ले सकते, बल्कि वे उनके पूरक हैं।
इसी तरह, रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (RUSI) ने अपनी एक रिपोर्ट में यूक्रेनी अधिकारियों के साथ चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि ड्रोन अकेले पर्याप्त नहीं हैं, और वे तोपखाने के साथ संयोजन में उपयोग किए जाने पर सबसे प्रभावी होते हैं। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने भी स्वीकार किया कि आज तोपखाने का महत्व है, लेकिन एक अलग तरीके से, और युद्ध प्रौद्योगिकी को अपनाने और उसके सत्यापन पर तेजी से निर्भर हो रहा है। नवीनतम रक्षा समाचार यहां देखें।
यूक्रेन ने रूस के खिलाफ युद्ध में ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है, जिससे 80% से अधिक दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया गया है। देश की ‘आर्मी ऑफ ड्रोन्स’ पहल और एक अनोखी प्रोत्साहन प्रणाली ने न केवल स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दिया है, बल्कि युद्ध के मैदान पर प्रदर्शन को भी बेहतर बनाया है, जो आधुनिक युद्ध में प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
FAQs
यूक्रेन का अपने ड्रोन हमलों की प्रभावशीलता के बारे में क्या दावा है?
यूक्रेन का दावा है कि रूस के खिलाफ युद्ध में नष्ट किए गए कुल दुश्मन लक्ष्यों में से 80% से अधिक ड्रोन द्वारा नष्ट किए गए हैं।
‘आर्मी ऑफ ड्रोन्स’ कार्यक्रम क्या है?
यह यूक्रेन का एक कार्यक्रम है जिसमें सफल ड्रोन हमलों के लिए सैन्य इकाइयों को इलेक्ट्रॉनिक अंक दिए जाते हैं, जिनका उपयोग वे ‘Brave1’ मार्केटप्लेस पर नए उपकरण खरीदने के लिए कर सकते हैं।
यूक्रेन ने 2025 में कितने ड्रोन हमले दर्ज किए?
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने 2025 के दौरान 819,737 वीडियो-पुष्टि ड्रोन हमले दर्ज किए।
क्या यूक्रेन द्वारा उपयोग किए जाने वाले अधिकांश ड्रोन आयातित हैं?
नहीं, रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन द्वारा उपयोग किए जाने वाले अधिकांश ड्रोन स्थानीय रूप से देश के भीतर ही निर्मित किए जाते हैं।
ड्रोन युद्ध के बारे में सैन्य विशेषज्ञों का क्या कहना है?
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन युद्ध में बहुत प्रभावी हैं, लेकिन वे पैदल सेना, तोपखाने और टैंक जैसी पारंपरिक सैन्य बलों का स्थान नहीं ले सकते, बल्कि उनके पूरक के रूप में कार्य करते हैं।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


