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डिफेंस शेयरों में तूफानी तेजी, BEL 9% उछला, जानें इस रैली की वजह

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावनाओं से दलाल स्ट्रीट में उत्साह का माहौल देखा गया, जिससे रक्षा क्षेत्र के शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई। इस समझौते से भारतीय रक्षा कंपनियों को यूरोपीय संघ की कंपनियों के साथ मिलकर विकास और उत्पादन करने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। इसी सकारात्मक माहौल के बीच, बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भी बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि कुछ रक्षा शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।

यह तेजी 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले आई है, जिससे निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। बाजार के जानकारों और निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार रक्षा क्षेत्र के लिए पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा कर सकती है, जिससे घरेलू रक्षा कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच सुरक्षा और रक्षा साझेदारी (SDP) से रक्षा सहयोग के और गहरे होने की उम्मीद है। इस साझेदारी से भारतीय रक्षा कंपनियों को यूरोप के ‘सिक्योरिटी एक्शन फॉर यूरोप’ (SAFE) कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर भी मिल सकता है, जो उनके लिए एक बड़ा कदम होगा।

मंगलवार के कारोबारी दिन के दौरान, रक्षा सूचकांक में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जो इस क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

भारत-ईयू समझौते से बाजार में उत्साह

भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता रक्षा क्षेत्र के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। इस समझौते के तहत भारतीय कंपनियों को यूरोपीय कंपनियों के साथ मिलकर रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन का मौका मिलेगा। इससे न केवल भारतीय रक्षा उद्योग को तकनीकी रूप से मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने में भी मदद मिलेगी। सुरक्षा और रक्षा साझेदारी (SDP) के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच सहयोग और बढ़ेगा, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुलेंगे।

रक्षा शेयरों में जोरदार तेजी

बाजार में इस सकारात्मक खबर का असर सीधे रक्षा कंपनियों के शेयरों पर दिखा। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) का शेयर 9 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया, जिसे दिसंबर तिमाही के अच्छे नतीजों का भी सहारा मिला। रक्षा सूचकांक में सबसे ज्यादा लाभ पाने वालों में एवेंटेल और डेटा पैटर्न्स शामिल थे, जिनके शेयरों में 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। इसके अलावा, सोलर इंडस्ट्रीज, एमटीएआर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और पारस डिफेंस के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई, जबकि बीडीएल, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, डीसीएक्स और आइडियाफोर्ज के शेयर 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

शिपिंग सेक्टर पर भी सकारात्मक असर

रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ शिपिंग शेयरों में भी भारी खरीदारी देखी गई। एफटीए से दोनों पक्षों को आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर मिलकर काम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार के एक बयान के अनुसार, “यह नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगा। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारा सहयोग बढ़ेगा।” शिपिंग सेक्टर में इस रैली का नेतृत्व मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने किया, जिसके शेयर 7 प्रतिशत से अधिक चढ़े। इसके बाद कोचीन शिपयार्ड और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के शेयरों में भी तेजी रही।

केंद्रीय बजट से बढ़ी उम्मीदें

रक्षा शेयरों में यह उछाल 1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से ठीक पहले आया है। क्षेत्र के बड़े खिलाड़ियों और निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार रक्षा क्षेत्र के लिए पूंजीगत व्यय में पर्याप्त वृद्धि करेगी। नोमुरा इंडिया ने रक्षा क्षेत्र के आवंटन में एक अंक से लेकर लगभग 20 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जिसमें घरेलू खरीद और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, एमके ग्लोबल के अनुसार, सरकार ‘ड्रोन शक्ति मिशन’ शुरू कर सकती है, जिसके तहत भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए 5 साल का, 10,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन कार्यक्रम शामिल हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए PaisaMag.com पर बने रहें।

रक्षा और शिपिंग शेयरों में यह उछाल भारत-ईयू व्यापार समझौते की उम्मीदों और आगामी केंद्रीय बजट से सकारात्मक घोषणाओं की अपेक्षाओं का मिला-जुला परिणाम है। इन घटनाक्रमों ने दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के बीच एक नया उत्साह पैदा किया, जिससे इन क्षेत्रों में व्यापक खरीदारी देखी गई।

FAQs

रक्षा शेयरों में तेजी का मुख्य कारण क्या था?

रक्षा शेयरों में तेजी का मुख्य कारण भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावना और आगामी केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ने की उम्मीदें थीं।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा साझेदारी का क्या नाम है?

भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने वाली साझेदारी का नाम सुरक्षा और रक्षा साझेदारी (Security and Defence Partnership – SDP) है।

किन प्रमुख रक्षा शेयरों में 10% से अधिक की वृद्धि हुई?

एवेंटेल (Avantel) और डेटा पैटर्न्स (Data Patterns) के शेयरों में 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए क्या उम्मीदें हैं?

बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए पूंजीगत व्यय में đáng kể वृद्धि, घरेलू खरीद पर जोर और आधुनिकीकरण के लिए अधिक आवंटन की उम्मीद है।

क्या रक्षा के अलावा किसी और सेक्टर के शेयरों में भी तेजी देखी गई?

हाँ, रक्षा क्षेत्र के अलावा शिपिंग सेक्टर के शेयरों में भी जोरदार तेजी देखी गई, जिसका नेतृत्व मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने किया।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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