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सामने आया अमेरिकी वायु सेना का रहस्यमयी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक अटैकर

एक रहस्यमयी त्रिकोणीय विमान की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिसे अमेरिकी वायु सेना की एक गुप्त परियोजना का हिस्सा माना जा रहा है। यह मानवरहित विमान लंबी दूरी के अभियानों के लिए बनाया गया है, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह दुश्मन के रक्षा क्षेत्र में बिना पता चले घुस सके और रडार को जाम कर सके।

इस विमान को हाल ही में मोजावे रेगिस्तान में एक यूट्यूबर द्वारा इन्फ्रारेड वीडियो में कैद किया गया था। अपने खास त्रिकोणीय आकार के कारण इसे अनौपचारिक रूप से “डोरिटो” नाम दिया गया है। यह विमान अत्यधिक स्टेल्थ तकनीक से लैस एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमला करने वाला विमान प्रतीत होता है, जो बोइंग ईए-18जी ग्रोलर का एक उन्नत, मानवरहित संस्करण हो सकता है।

सबूत बताते हैं कि यह कोई नई परियोजना नहीं है। इसे पहली बार लगभग एक दशक पहले देखा गया था और यह 2010 में एक सक्रिय कार्यक्रम था। 2010 के एक आधिकारिक वायु सेना ब्रीफिंग दस्तावेज़ में “पेनेट्रेटिंग स्टैंड-इन एयरबोर्न इलेक्ट्रॉनिक अटैक” (P-AEA) नामक एक सक्रिय परियोजना का उल्लेख है, जिसे इसी विमान से जोड़ा जा रहा है।

हालिया वीडियो और पुरानी sightings

हाल ही में, एंडर्स ओटेसन नामक एक यूट्यूबर ने मोजावे रेगिस्तान में एक इन्फ्रारेड वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें एक शुद्ध त्रिकोणीय आकार का विमान दिखाई दिया। विमानन समुदाय में ऐसे विमानों को उनके आकार के कारण “डोरिटो” जैसे उपनाम दिए जाते हैं। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा विमान देखा गया है।

2014 में, इसी तरह के आकार के तीन विमानों के एक समूह को टेक्सास के अमारिलो के ऊपर देखा गया था। एक महीने बाद, कैनसस के विचिटा के ऊपर भी एक अज्ञात विमान देखा गया, जो नॉर्थ्रोप ग्रम्मन बी-2 बॉम्बर जैसा नहीं दिखता था। इन घटनाओं ने एक गुप्त विमान परियोजना के अस्तित्व की ओर संकेत किया था, जिसके बारे में अब और जानकारी सामने आ रही है।

2010 का अमेरिकी वायु सेना का दस्तावेज़

इस विमान के अस्तित्व का एक महत्वपूर्ण सबूत 2010 में नेशनल डिफेंस इंडस्ट्रियल एसोसिएशन सम्मेलन में अमेरिकी वायु सेना के मेजर जनरल डेव स्कॉट द्वारा दी गई एक ब्रीफिंग से मिलता है। ब्रीफिंग की एक स्लाइड में वायु सेना की लंबी दूरी की स्ट्राइक योजनाओं का उल्लेख था। उस दस्तावेज़ में कई प्रस्तावित और सक्रिय परियोजनाओं की सूची थी।

सूची में “पेनेट्रेटिंग स्टैंड-इन एयरबोर्न इलेक्ट्रॉनिक अटैक” (P-AEA) नामक एक कार्यक्रम को सक्रिय और वित्त पोषित के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। उसी दस्तावेज़ में सूचीबद्ध कई अन्य परियोजनाएँ, जैसे कि बी-21 बॉम्बर, नॉर्थ्रोप ग्रम्मन आरक्यू-180 टोही विमान और लॉन्ग रेंज स्टैंड ऑफ वेपन मिसाइल, अब वास्तविकता बन चुकी हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि P-AEA कार्यक्रम भी आगे बढ़ा और संभवतः यही वह विमान है जिसे अब देखा जा रहा है।

विमान की संभावित पहचान और क्षमताएं

यह विमान एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमला करने वाला मानवरहित एयरक्राफ्ट माना जा रहा है। इसका मुख्य काम दुश्मन के रडार और संचार प्रणालियों को जाम करना है। संभावना है कि यह रडार को नष्ट करने के लिए मिसाइलें भी ले जा सकता है। इस विमान की जड़ें 2006 में रद्द किए गए जॉइंट अनमैन्ड कॉम्बैट एयर सिस्टम्स (J-UCAS) कार्यक्रम से जुड़ी हो सकती हैं।

उस कार्यक्रम में बोइंग के एक्स-45सी और नॉर्थ्रोप ग्रम्मन के एक्स-47बी विमान शामिल थे। बोइंग ने 2009 में अपने एक्स-45सी के एक संस्करण, फैंटम रे को विकसित करने की घोषणा की, जिसने 2011 में एक परीक्षण उड़ान भरी और फिर गायब हो गया। यह संभव है कि फैंटम रे को इस गुप्त इलेक्ट्रोमैग्नेटिक अटैक कार्यक्रम में शामिल कर लिया गया हो। 2015 में AGM-88G AARGM-ER एंटी-रडार मिसाइल का सामने आना भी इसी ओर इशारा करता है, क्योंकि इसे स्टेल्थ विमान के अंदर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

डिज़ाइन और सामरिक महत्व

विमान का शुद्ध त्रिकोणीय डिज़ाइन इसके मिशन के लिए महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमले के लिए, विमान को सीधे लक्ष्य रडार की ओर इंगित करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बजाय, यह अपने पंखों के किनारों में लगे जैमिंग एंटेना का उपयोग करता है, जिसके लिए विमान को लक्ष्य के लंबवत रखना पड़ता है। त्रिकोणीय आकार इस तरह के संचालन के लिए आदर्श है।

इसके अलावा, इस डिज़ाइन में ईंधन के लिए बहुत अधिक आंतरिक जगह होती है, जो पश्चिमी प्रशांत जैसे क्षेत्रों में आवश्यक लंबी दूरी के मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है। यह विमान अमेरिकी वायु सेना को दुश्मन की वायु रक्षा को भेदने और उसे निष्क्रिय करने की एक महत्वपूर्ण क्षमता प्रदान कर सकता है, जो किसी भी बड़े सैन्य अभियान के लिए एक आवश्यक कदम है।

विभिन्न सबूतों को जोड़ने पर यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी वायु सेना दशकों से एक उन्नत, गुप्त मानवरहित विमान कार्यक्रम पर काम कर रही है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन हाल की घटनाओं और पुराने दस्तावेज़ों से इस “डोरिटो” विमान के अस्तित्व और उद्देश्य की एक स्पष्ट तस्वीर उभरती है।

FAQs

यह रहस्यमयी विमान क्या है?

यह एक अत्यधिक गोपनीय, मानवरहित, त्रिकोणीय आकार का स्टेल्थ विमान माना जा रहा है, जिसे अमेरिकी वायु सेना द्वारा लंबी दूरी के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमलों के लिए विकसित किया गया है।

इसे किसने और कहाँ देखा है?

इसे हाल ही में एंडर्स ओटेसन नामक एक यूट्यूबर ने मोजावे रेगिस्तान में इन्फ्रारेड कैमरे से रिकॉर्ड किया था। इससे पहले 2014 में टेक्सास और कैनसस में भी इसी तरह के विमान देखे गए थे।

इस विमान का उद्देश्य क्या हो सकता है?

इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन की वायु रक्षा में घुसपैठ करना, रडार और संचार प्रणालियों को जाम करना और एंटी-रडार मिसाइलों से उन्हें नष्ट करना हो सकता है, ताकि अन्य सैन्य विमान सुरक्षित रूप से काम कर सकें।

इसका अस्तित्व किस सबूत पर आधारित है?

इसका अस्तित्व हालिया वीडियो फुटेज, 2014 की sightings, और अमेरिकी वायु सेना के 2010 के एक ब्रीफिंग दस्तावेज़ पर आधारित है जिसमें “पेनेट्रेटिंग स्टैंड-इन एयरबोर्न इलेक्ट्रॉनिक अटैक” (P-AEA) नामक एक सक्रिय कार्यक्रम का उल्लेख था।

यह विमान किस कंपनी द्वारा बनाया जा सकता है?

सबूतों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि इस विमान का मुख्य ठेकेदार बोइंग हो सकता है, जिसकी जड़ें उसके एक्स-45सी/फैंटम रे प्रदर्शनकारी विमान कार्यक्रम से जुड़ी हो सकती हैं।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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