मुंबई स्थित फिनटेक कंपनी फिएटपे (FiatPe) के CEO अंशुमन दधीच ने कंपनी की यात्रा, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी कंपनी भारत में व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान को सरल और भरोसेमंद बनाने पर काम कर रही है। फिएटपे ने अब तक 4.5 करोड़ से अधिक लेनदेन संसाधित किए हैं और 10 से ज्यादा बैंकों के साथ साझेदारी स्थापित की है।
अंशुमन दधीच के अनुसार, कंपनी की शुरुआत भारतीय डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में मौजूद उन कमियों को दूर करने के लक्ष्य के साथ हुई, जिनका सामना व्यापारी हर दिन करते हैं। भले ही UPI जैसे प्लेटफॉर्म ने लेनदेन को तेज बना दिया था, लेकिन व्यापारियों को सेटलमेंट, समाधान और किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर स्पष्टता की कमी का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को हल करने के लिए फिएटपे ने भुगतान को सिर्फ एक लेनदेन नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनचक्र के रूप में देखा।
कंपनी ने अपनी सेवाओं को व्यापारियों की नकदी प्रवाह और परिचालन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। तत्काल सेटलमेंट से लेकर स्वचालित बिलिंग और स्मार्ट स्पीकर जैसी तकनीक के माध्यम से फिएटपे का लक्ष्य छोटे और बड़े व्यवसायों के लिए वित्तीय प्रबंधन को आसान बनाना है। दधीच का मानना है कि फिनटेक में विश्वास केवल तकनीक से नहीं, बल्कि निरंतरता और मानवीय सहायता से बनता है।
फिएटपे की स्थापना और उद्देश्य
फिएटपे के CEO अंशुमन दधीच ने बताया कि NPCI द्वारा निर्मित मजबूत डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे ने देश में एक विश्वसनीय आधार तैयार किया है। हालांकि, इस बुनियादी ढांचे के बावजूद, व्यापारियों को भुगतान निपटान, हिसाब-किताब मिलान और समस्याओं के समाधान में अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब पैसों का मामला हो, तो स्वचालित जवाबों की जगह समय पर मानवीय सहायता महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी समझ ने फिएटपे के निर्माण की नींव रखी। कंपनी ने भुगतान प्रक्रिया को स्वीकृति से लेकर निपटान और रिपोर्टिंग तक एक संपूर्ण सेवा के रूप में विकसित किया, जिसमें मानवीय सहायता को एक मुख्य हिस्सा बनाया गया।
शुरुआती चुनौतियाँ और विश्वास का निर्माण
अंशुमन दधीच के अनुसार, कंपनी के शुरुआती दिनों में सबसे बड़ी चुनौती व्यापारियों का विश्वास जीतना था। उस समय एक छोटी सी भी गलती, जैसे कि निपटान में देरी या किसी समस्या का अनसुलझा रह जाना, व्यापारियों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती थी। इस अनुभव से टीम ने सीखा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्वास महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि पूर्वानुमानित और विश्वसनीय सेवाओं से बनता है। इसके अलावा, नियामक अनुपालन और बैंकिंग साझेदारियों के लिए एक अनुशासित दृष्टिकोण अपनाना पड़ा। प्रक्रियाओं को स्पष्ट, प्रलेखित और दोहराने योग्य बनाना एक बड़ी प्राथमिकता थी। शुरुआती छोटी टीम ने मैन्युअल रूप से समस्याओं को संभालते हुए सिस्टम को मजबूत बनाया, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी ने धीरे-धीरे विस्तार किया।
व्यापारियों के लिए प्रमुख सेवाएं
फिएटपे व्यापारियों को कई तरह की सेवाएं प्रदान करता है जो उनके दिन-प्रतिदिन के कार्यों को सरल बनाती हैं। इसमें तत्काल UPI सेटलमेंट शामिल है, जो व्यापारियों के नकदी प्रवाह और आत्मविश्वास को बेहतर बनाता है। स्वचालित इनवॉइसिंग और बल्क भुगतान जैसी सुविधाएं मैन्युअल काम को कम करती हैं और गलतियों की संभावना को घटाती हैं। इसके अलावा, स्मार्ट स्पीकर तकनीक बिक्री के समय तत्काल भुगतान की पुष्टि प्रदान करती है, जिससे काउंटर पर विश्वास बढ़ता है। हाल ही में, कंपनी ने ‘3-इन-1’ डिवाइस भी पेश किया है, जो व्यापारियों को कई डिवाइस रखने की परेशानी से मुक्त करता है और ग्राहकों को विभिन्न भुगतान विकल्प प्रदान करने में सक्षम बनाता है। ये सभी सुविधाएं एक ही डैशबोर्ड के माध्यम से काम करती हैं, जिससे व्यापारियों के लिए परिचालन आसान हो जाता है।
कंपनी के विस्तार और नेतृत्व पर विचार
एक तेजी से बढ़ती फिनटेक कंपनी के CEO के रूप में, दधीच का मानना है कि यदि निर्णय अभी भी CEO पर निर्भर हैं, तो कंपनी का विस्तार केवल एक भ्रम है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में हर चीज में शामिल होना आवश्यक लगता है, लेकिन जैसे-जैसे संगठन बढ़ता है, यही आदत प्रगति को धीमा कर देती है। उनके लिए असली बदलाव तब आया जब उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया को उन लोगों के करीब धकेला जो सीधे समस्या पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि आज उनकी भूमिका काम करने से ज्यादा अच्छे निर्णयों के लिए माहौल बनाने, जिम्मेदारी तय करने और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने की है।
भविष्य की योजनाएं और AI की भूमिका
भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए दधीच ने कहा कि फिनटेक में AI का सबसे सार्थक प्रभाव अक्सर अदृश्य होता है। यह सिस्टम को स्थिर रखने, तेजी से प्रतिक्रिया देने और बिना किसी रुकावट के विस्तार करने में मदद करता है। भुगतान के क्षेत्र में, AI धोखाधड़ी का पता लगाने, सिस्टम की निगरानी करने और स्मार्ट लेनदेन रूटिंग में सहायता करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI गति और दक्षता में सुधार करता है, लेकिन वित्तीय सेवाओं में विश्वास अभी भी मानवीय निगरानी पर निर्भर करता है। जवाबदेही को स्वचालित नहीं किया जा सकता, खासकर जब चीजें गलत हों। फिएटपे का लक्ष्य AI को एक सहायक परत के रूप में उपयोग करना है जो जटिलता को कम करे और टीम को ग्राहक सेवा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मुक्त करे।
फिएटपे के CEO अंशुमन दधीच द्वारा साझा की गई जानकारी कंपनी के स्पष्ट दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य भारत में व्यापारियों के लिए भुगतान प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और घर्षण रहित बनाना है। कंपनी की सफलता व्यापारियों की वास्तविक जरूरतों को समझने और उन्हें तकनीकी समाधानों के माध्यम से पूरा करने पर आधारित है।
FAQs
फिएटपे के CEO कौन हैं?
फिएटपे के CEO अंशुमन दधीच हैं।
फिएटपे व्यापारियों के लिए कौन सी मुख्य सेवाएं प्रदान करता है?
कंपनी तत्काल UPI सेटलमेंट, स्वचालित इनवॉइसिंग, बल्क भुगतान और स्मार्ट स्पीकर तकनीक जैसी सेवाएं प्रदान करती है।
फिएटपे की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या था?
फिएटपे की स्थापना का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के लिए भुगतान निपटान, हिसाब-किताब और समस्या समाधान से जुड़ी अनिश्चितताओं को दूर करना था।
कंपनी ने अब तक कितने लेनदेन संसाधित किए हैं?
फिएटपे ने अब तक 4.5 करोड़ (45 मिलियन) से अधिक लेनदेन संसाधित किए हैं।
AI को लेकर FiatPe की क्या योजना है?
फिएटपे की योजना AI का उपयोग सिस्टम को स्थिर रखने, धोखाधड़ी का पता लगाने और लेनदेन रूटिंग को बेहतर बनाने के लिए एक सहायक तकनीक के रूप में करना है, जबकि मानवीय निगरानी और जवाबदेही को केंद्र में रखा जाएगा।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


