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भरमौर हादसा: कड़ाके की ठंड में 4 दिन तक किशोर के शव की रखवाली करता रहा वफादार कुत्ता

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के भरमौर क्षेत्र में बर्फीले तूफान में लापता हुए दो चचेरे भाइयों के शव चार दिनों के सघन तलाशी अभियान के बाद बरामद कर लिए गए हैं। इस दुखद घटना के बीच, वफादारी की एक मार्मिक कहानी भी सामने आई, जहां एक पालतू पिटबुल कुत्ता शून्य से नीचे के तापमान में 13 वर्षीय लड़के के शव की रखवाली करता हुआ जीवित पाया गया।

19 वर्षीय विक्षित राणा और 13 वर्षीय पीयूष कुमार 22 जनवरी को भरमाणी माता मंदिर से वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए पहाड़ियों की ओर ट्रैकिंग के लिए निकले थे। उनके साथ टेंट और राणा का पालतू कुत्ता भी था। हालांकि, 23 जनवरी को वे भारी बर्फबारी में फंस गए और इसके बाद उनका अपने परिवारों से संपर्क टूट गया।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलीकॉप्टरों ने 96 घंटों तक दुर्गम इलाकों की तलाशी ली। अंततः सोमवार को दोनों के शव बरामद किए जा सके। प्रशासन ने शोक संतप्त परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की है।

पूरी घटना का विवरण

अधिकारियों के अनुसार, विक्षित राणा और पीयूष कुमार 22 जनवरी को ट्रैकिंग के लिए निकले थे। 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी हुई, जिसके लिए मौसम विभाग ने चम्बा सहित तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भरमौर में 23 जनवरी को 4 सेंटीमीटर और अगले दिन 26 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई।

लापता होने की सूचना अधिकारियों को 23 जनवरी की सुबह मिली। राणा ने 23 जनवरी को शाम लगभग 6 बजे आखिरी बार अपने परिवार से संपर्क किया था, जिसके बाद प्रशासन ने उनके लोकेशन को ट्रेस कर लिया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मृत्यु कब हुई।

चार दिवसीय बचाव अभियान

खराब मौसम और ऊंचाई वाले इलाके के कारण तलाशी अभियान में काफी बाधाएं आईं। 25 जनवरी को भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर और SDRF ड्रोन द्वारा की गई हवाई निगरानी से कोई परिणाम नहीं निकला। 26 जनवरी को, SDRF ने खोज को हेलीकॉप्टर और जमीनी इकाइयों में विभाजित किया। पांच कर्मियों और स्थानीय गाइडों को चुटाड़िया चोटी पर एयरड्रॉप किया गया, जबकि जमीनी टीम ने घनी बर्फ के बीच पैदल ही आगे बढ़ना शुरू किया।

सोमवार सुबह 9.30 बजे हेलीकॉप्टर टीम को टेंट दिखाई दिए। सुबह 10 बजे कुमार का शव मिला, जिसे चौरासी मंदिर हेलीपैड पर एयरलिफ्ट किया गया। इसके बाद दोपहर 1.35 बजे दूसरे पीड़ित का शव बरामद किया गया। यह अभियान हिमाचल प्रदेश के सबसे चुनौतीपूर्ण बचाव अभियानों में से एक था।

वफादार पालतू कुत्ते की कहानी

बचावकर्ताओं का मानना है कि पालतू कुत्ता पूरे समय पीयूष कुमार के साथ रहा, जिसका शव पहले मिला था। उन्होंने कुत्ते को कुमार के शव की रखवाली करते हुए पाया। अधिकारियों के अनुसार, जब बचाव दल कुमार के शव के पास पहुंचा तो कुत्ते ने शुरू में कुछ आक्रामकता दिखाई, लेकिन टीम ने पिटबुल को शांत करने में कामयाबी हासिल की।

भरमौर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) विकास शर्मा ने बताया कि बचाव दल ने पहले कुमार के शव को एयरलिफ्ट किया और फिर दूसरे चक्कर में पालतू कुत्ते को एयरलिफ्ट किया। कुत्ते की जांच के लिए एक पशु चिकित्सक को भी बुलाया गया, जिसने उसे स्वस्थ पाया। बाद में कुत्ते को राणा के परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया। पीड़ितों के साथ एक और पालतू जानवर था जो अब भी लापता है।

आधिकारिक बयान और मौत का कारण

भरमौर के विधायक जनक राज ने बताया कि पालतू कुत्ता राणा का था, लेकिन वह कुमार के शव के पास मिला। उन्होंने यह भी बताया कि राणा के पिता का एक साल पहले निधन हो गया था और वह अपनी मां का एकमात्र सहारा था।

अधिकारियों ने कहा कि पीड़ितों की मौत हाइपोथर्मिया के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। चम्बा के उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा, “शोक संतप्त परिवारों को तत्काल सहायता दी गई है।”

चार दिनों तक चले सघन तलाशी अभियान का अंत दो किशोरों की दुखद मृत्यु के साथ हुआ। प्रशासन ने शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल जांच की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।

FAQs

लापता हुए दो चचेरे भाई कौन थे?

लापता हुए दो चचेरे भाइयों के नाम विक्षित राणा (19 वर्ष) और पीयूष कुमार (13 वर्ष) थे, जो हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के भरमौर क्षेत्र के निवासी थे।

वे लापता कैसे हुए?

वे 22 जनवरी को भरमाणी माता मंदिर के पास की पहाड़ियों पर वीडियो बनाने के लिए ट्रैकिंग पर गए थे और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी में फंसने के बाद लापता हो गए।

बचाव अभियान कितने समय तक चला?

बचाव अभियान कुल चार दिनों (96 घंटे) तक चला, जिसमें SDRF, भारतीय वायु सेना और स्थानीय गाइडों की टीमें शामिल थीं।

पालतू कुत्ते का क्या हुआ?

विक्षित राणा का पालतू पिटबुल कुत्ता पीयूष कुमार के शव के पास जीवित पाया गया। उसे सुरक्षित बचा लिया गया और मेडिकल जांच के बाद परिवार को सौंप दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार मौत का संभावित कारण क्या है?

अधिकारियों को संदेह है कि दोनों की मौत अत्यधिक ठंड के कारण होने वाले हाइपोथर्मिया से हुई है, हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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