बोइंग ने अपने KC-46 पेगासस ईंधन भरने वाले टैंकर कार्यक्रम पर एक और बड़े वित्तीय झटके की घोषणा की है। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि 2025 की चौथी तिमाही में उसे इस कार्यक्रम पर 565 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ है। यह नुकसान उस कार्यक्रम के लिए नवीनतम है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में अरबों डॉलर का घाटा दर्ज किया जा चुका है।
कंपनी के अधिकारियों ने इस नुकसान को “निराशाजनक” माना है, लेकिन साथ ही विमान के परिचालन प्रदर्शन में उत्साहजनक संकेतों का भी उल्लेख किया है। उनका मानना है कि यह बेहतर प्रदर्शन कार्यक्रम के भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। कंपनी ने इस घाटे का मुख्य कारण आपूर्ति श्रृंखला की बढ़ती लागत और उत्पादन से जुड़ी समस्याओं को बताया है।
मुख्य वित्तीय अधिकारी जे मालावे ने बताया कि अमेरिकी वायु सेना द्वारा हाल ही में 15 और KC-46 विमानों का ऑर्डर देना एक सकारात्मक विकास है। यह ऑर्डर उस 15 बिलियन डॉलर के ऑर्डर का हिस्सा था जो बोइंग के रक्षा, अंतरिक्ष और सुरक्षा विभाग को तिमाही के दौरान मिला। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी भविष्य के अनुबंधों को लेकर आशावादी है और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार के लिए निवेश कर रही है।
बोइंग को KC-46 टैंकर पर बड़ा घाटा
विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने 2025 की चौथी तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणाम जारी किए, जिसमें KC-46 पेगासस टैंकर कार्यक्रम पर 565 मिलियन डॉलर का भारी नुकसान दिखाया गया है। यह नुकसान इस कार्यक्रम से जुड़ी वित्तीय चुनौतियों की लंबी सूची में एक और कड़ी है। इस कार्यक्रम पर कंपनी को अब तक कुल 8 बिलियन डॉलर से अधिक का घाटा हो चुका है। कंपनी के अनुसार, यह नुकसान अप्रत्याशित रूप से बढ़ी लागतों के कारण हुआ है।
घाटे के पीछे के कारण
बोइंग ने बताया कि KC-46 कार्यक्रम में हुए घाटे का मुख्य कारण आपूर्ति श्रृंखला की लागत में वृद्धि और वाशिंगटन के एवरेट स्थित उत्पादन सुविधा में उत्पादन सहायता खर्चों का बढ़ना है। मुख्य कार्यकारी केली ऑर्टबर्ग ने स्पष्ट किया कि अधिकांश नुकसान 767 एयरफ्रेम की उच्च लागत के कारण हुआ, जो इस टैंकर का आधार है। उन्होंने कहा कि यह चार्ज बोइंग के अन्य रक्षा कार्यक्रमों को प्रतिबिंबित नहीं करता है।
कंपनी के अधिकारियों का बयान
निवेशकों के साथ एक बैठक में, बोइंग के मुख्य कार्यकारी केली ऑर्टबर्ग ने इस नुकसान को निराशाजनक बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि विमान के परिचालन प्रदर्शन में सुधार हो रहा है, जो भविष्य के लिए अच्छा है। उन्होंने कहा, “अगर यह मजबूत प्रदर्शन बना रहता है, तो यह हमें ग्राहक डिलीवरी प्रतिबद्धता को पूरा करने में सक्षम करेगा और हमें अगले टैंकर ऑर्डर के लिए अच्छी तरह से स्थापित करेगा।” मुख्य वित्तीय अधिकारी जे मालावे ने कहा कि उत्पादन सहायता पर बढ़ा हुआ खर्च अंततः कंपनी की मदद करेगा, क्योंकि इससे गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि 2025 की दूसरी छमाही में दोबारा किए जाने वाले काम में 20% की कमी आई है।
भविष्य की योजनाएं और नए अनुबंध
ऑर्टबर्ग ने कहा कि पेंटागन द्वारा डिलीवरी की समय-सीमा पर कड़ी नजर रखने के कारण, बोइंग को अपने मानकों और उत्पादकता को उच्च बनाए रखने के लिए संसाधनों का निवेश जारी रखना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनी अगले साल 19 KC-46 विमानों की डिलीवरी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह भविष्य में विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा क्योंकि अमेरिकी वायु सेना ने अगली पीढ़ी के टैंकर के आने तक KC-46 को एकमात्र स्रोत के आधार पर खरीदने का फैसला किया है। ऑर्टबर्ग ने यह भी कहा कि पिछला अनुबंध “पिछले एक दशक से एक बुरा अनुबंध” रहा है और कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य के अनुबंध उचित और लाभदायक हों।
संक्षेप में, बोइंग ने अपने KC-46 टैंकर कार्यक्रम पर एक और तिमाही में भारी घाटा दर्ज किया है, जिसका कारण आपूर्ति श्रृंखला और उत्पादन लागत है। हालांकि, कंपनी परिचालन प्रदर्शन में सुधार और अमेरिकी वायु सेना से मिले नए ऑर्डर को देखते हुए भविष्य को लेकर सतर्क रूप से आशावादी बनी हुई है और आगामी अनुबंधों को लाभदायक बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
FAQs
बोइंग को KC-46 टैंकर कार्यक्रम पर हाल ही में कितना घाटा हुआ?
बोइंग ने 2025 की चौथी तिमाही में अपने KC-46 पेगासस टैंकर कार्यक्रम पर 565 मिलियन डॉलर का घाटा दर्ज किया।
इस घाटे का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
घाटे का मुख्य कारण आपूर्ति श्रृंखला की लागत में वृद्धि और वाशिंगटन स्थित एवरेट सुविधा में उत्पादन सहायता खर्चों का बढ़ना था।
इस कार्यक्रम पर बोइंग को अब तक कुल कितना नुकसान हुआ है?
इस कार्यक्रम पर बोइंग को अब तक कुल 8 बिलियन डॉलर से अधिक का घाटा हो चुका है।
क्या अमेरिकी वायु सेना ने और KC-46 टैंकरों का ऑर्डर दिया है?
हाँ, अमेरिकी वायु सेना ने हाल ही में 15 और KC-46 टैंकरों का ऑर्डर दिया है, जो कंपनी के लिए एक सकारात्मक विकास है।
भविष्य के अनुबंधों के लिए बोइंग की क्या योजना है?
बोइंग भविष्य के अनुबंधों के लिए लागत संरचना को बेहतर ढंग से समझने पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे निष्पक्ष और लाभदायक हों।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


