अमेरिकी सैन्य अड्डों के पास किसी भी अनधिकृत ड्रोन उड़ान को अब एक गंभीर निगरानी खतरा माना जाएगा। पेंटागन की एक विशेष टास्क फोर्स द्वारा सोमवार को जारी किए गए नए दिशानिर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है, जो अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर एक बड़े नीतिगत बदलाव का संकेत है।
दिसंबर में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा हस्ताक्षरित, इन दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य सैन्य ठिकानों के पास घुसपैठ करने वाले मानव रहित हवाई प्रणालियों (ड्रोन) से निपटने के लिए एक स्पष्ट और मजबूत ढांचा तैयार करना है। यह कदम ड्रोन से जासूसी और हमलों की बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है।
नई नीति के तहत, सैन्य प्रतिष्ठानों के कमांडरों को संरक्षित क्षेत्रों के आसपास उड़ने वाले ड्रोन को निष्क्रिय करने के लिए अधिक अधिकार और लचीलापन प्रदान किया गया है। साथ ही, अड्डों के आसपास पहले से तय “फेंस-लाइन” सीमाओं को भी हटा दिया गया है, जिससे सुरक्षा का दायरा और भी व्यापक हो गया है।
नए दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य
पेंटागन की जॉइंट इंटर-एजेंसी टास्क फोर्स 401 (JIATF-401) द्वारा जारी किए गए इन नए नियमों का प्राथमिक लक्ष्य अमेरिकी सैन्य अड्डों की सुरक्षा को ड्रोन जैसे आधुनिक खतरों से बचाना है। विज्ञप्ति के अनुसार, अब किसी भी अनधिकृत ड्रोन को सैन्य अड्डे की परिधि में प्रवेश करने से पहले ही एक निगरानी खतरे के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। टास्क फोर्स के निदेशक, ब्रिगेडियर जनरल मैट रॉस ने कहा, “ड्रोन का मुकाबला केवल चारदीवारी तक सीमित नहीं है। इन नए दिशानिर्देशों से कमांडरों को खतरों के विकसित होते ही उनसे निपटने का अधिकार मिलता है।”
कमांडरों को मिले व्यापक अधिकार
नई नीति सैन्य कमांडरों को पहले से कहीं अधिक अधिकार देती है। अब वे अपने अड्डों के पास दिखने वाले किसी भी संदिग्ध ड्रोन को बेअसर करने के लिए तत्काल कार्रवाई कर सकते हैं। पहले के नियम केवल अड्डे की सीमा के अंदर आने वाले ड्रोन पर लागू होते थे, लेकिन अब यह दायरा बढ़ा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कमांडरों को ड्रोन ट्रैकिंग जानकारी संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करने की भी अनुमति दी गई है। वे ड्रोन-रोधी प्रणालियों को संचालित करने के लिए निजी ठेकेदारों की सेवाएं भी ले सकते हैं।
सुरक्षा योजनाओं और अभ्यास के लिए निर्देश
नए नियमों के तहत सभी सैन्य प्रतिष्ठान कमांडरों को अगले 60 दिनों के भीतर अपने अड्डों के लिए ड्रोन-रोधी रक्षा योजना प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, उन्हें नियमित रूप से ड्रोन-रोधी अभ्यास करने और अपनी सुरक्षा में संभावित कमजोरियों का आकलन करने का भी निर्देश दिया गया है, जिनका दुश्मन ड्रोन ऑपरेटर फायदा उठा सकते हैं। यह कदम सुरक्षा तैयारियों को हर समय उच्चतम स्तर पर बनाए रखना सुनिश्चित करेगा।
बढ़ती चिंताओं के बीच लिया गया फैसला
यह घोषणा अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास बढ़ती निगरानी और ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं के बीच हुई है। पिछले साल अक्टूबर में एस्टोनिया में अमेरिकी सैनिकों वाले एक बैरक के पास एक ड्रोन को मार गिराया गया था, जिसने इस खतरे की गंभीरता को उजागर किया। दुनिया भर में ड्रोन तकनीक सस्ती और सुलभ होने के कारण, सैन्य ठिकानों के लिए यह एक बड़ा सुरक्षा सिरदर्द बन गया है। इसी महीने, JIATF-401 ने दो ड्रोनहंटर 4700 सिस्टम के लिए एक अनुबंध किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेट का उपयोग करके हवा में दूसरे ड्रोन का पीछा करके उन्हें पकड़ता है।
पेंटागन द्वारा जारी किए गए ये नए दिशानिर्देश अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए एक सक्रिय और मजबूत दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। यह नीति कमांडरों को ड्रोन से उत्पन्न होने वाले खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक अधिकार और उपकरण प्रदान करती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
FAQs
पेंटागन के नए दिशानिर्देशों में मुख्य बदलाव क्या है?
नए दिशानिर्देशों के तहत अमेरिकी सैन्य अड्डों के पास किसी भी अनधिकृत ड्रोन उड़ान को अब एक निगरानी खतरा माना जाएगा, भले ही वह अड्डे की सीमा के अंदर न आया हो।
यह नया दिशानिर्देश किसने जारी किया है?
यह दिशानिर्देश पेंटागन की जॉइंट इंटर-एजेंसी टास्क फोर्स 401 (JIATF-401) द्वारा जारी किया गया है और इस पर रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हस्ताक्षर किए हैं।
सैन्य कमांडरों को क्या नए अधिकार मिले हैं?
सैन्य कमांडरों को अब अपने अड्डों के पास उड़ने वाले संदिग्ध ड्रोन को बेअसर करने, सुरक्षा का दायरा बढ़ाने और ड्रोन ट्रैकिंग डेटा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करने का अधिकार मिला है।
इन नए नियमों की आवश्यकता क्यों पड़ी?
ये नियम अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास ड्रोन द्वारा जासूसी और घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं और उनसे उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं के कारण आवश्यक हो गए थे।
कमांडरों को अब क्या कार्रवाई करने की आवश्यकता है?
कमांडरों को 60 दिनों के भीतर ड्रोन-रोधी रक्षा योजना प्रस्तुत करनी होगी और नियमित रूप से ड्रोन-रोधी अभ्यास आयोजित करने होंगे।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


