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यूरोपीय नेताओं का संकल्प: एक-दूसरे के भविष्य में करेंगे निवेश

भारत और यूरोप की साझेदारी दोनों पक्षों की नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने की सामूहिक आकांक्षा को दर्शाती है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि अनिश्चितता और संघर्ष के इस दौर में, भारत और यूरोपीय संघ पर वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी है। यह साझेदारी दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे होते संबंधों का प्रतीक है।

राष्ट्रपति मुर्मू यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में आयोजित एक भोज में बोल रही थीं। यूरोपीय संघ के दोनों नेता भारत की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के समापन पर इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना था।

अपने संबोधन में, जो दोनों पक्षों के बीच मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने के कुछ घंटों बाद आया, वॉन डेर लेयेन ने कहा, “हम सिर्फ अधिक व्यापार नहीं करते हैं। हम एक-दूसरे के भविष्य में निवेश करते हैं।” उन्होंने कहा कि हमारी ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं और हमारा पैमाना हमें वैश्विक प्रभाव देता है। अब इन समझौतों के साथ, हम और भी बड़ी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

वैश्विक स्थिरता पर भारत-यूरोपीय संघ की जिम्मेदारी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भोज के दौरान अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि अनिश्चितता और संघर्ष के मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भारत और यूरोपीय संघ की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों पर वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों का सहयोग कूटनीति, बहुपक्षवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के समर्थन में एक स्पष्ट संदेश देता है।

गणतंत्र दिवस समारोह और साझा मूल्य

दोनों नेताओं का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी उपस्थिति, जिसमें यूरोपीय संघ की पहली भागीदारी हुई, विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि यह “हमारे आपसी जुड़ाव की गहराई और एक-दूसरे पर हमारे भरोसे को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत और यूरोप न केवल समकालीन हितों से, बल्कि लोकतंत्र, बहुलवाद और एक खुली बाजार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं।

यूरोपीय नेताओं का संबोधन और आर्थिक सहयोग

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने संबोधन में आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर बल दिया। उन्होंने मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के भविष्य में निवेश करने के बारे में है। इस अवसर पर, उन्होंने भारतीय डिजाइनर अब्राहम एंड ठाकोर द्वारा बनाया गया एक चमकीला पीला कुर्ता पहना था। राष्ट्रपति मुर्मू ने भी कहा, “हम व्यापार और निवेश को साझा समृद्धि और सामाजिक प्रगति के साधन के रूप में देखते हैं।”

मुक्त व्यापार समझौता

यूरोपीय नेताओं की इस यात्रा का एक प्रमुख परिणाम भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते का संपन्न होना था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। यूरोपीय संघ के नेताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं को और अधिक एकीकृत करेगा और वैश्विक मंच पर उनके प्रभाव को बढ़ाएगा, जिससे नई ऊंचाइयां हासिल करने में मदद मिलेगी।

यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग को रेखांकित करती है। दोनों पक्षों ने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अपनी साझा जिम्मेदारी दोहराई, साथ ही साझा मूल्यों पर आधारित अपने संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। मुक्त व्यापार समझौते जैसे आर्थिक समझौतों ने इस साझेदारी को और भी ठोस आधार प्रदान किया है।

FAQs

भारत दौरे पर आए यूरोपीय संघ के दो प्रमुख नेता कौन थे?

भारत दौरे पर आए यूरोपीय संघ के दो प्रमुख नेता यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन थे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-यूरोपीय संघ की साझेदारी के बारे में क्या कहा?

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अनिश्चितता के समय में भारत और यूरोपीय संघ पर वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी है और यह साझेदारी नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाने की सामूहिक इच्छा को दर्शाती है।

भारत और यूरोप के बीच किन साझा मूल्यों का उल्लेख किया गया?

राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि भारत और यूरोप लोकतंत्र, बहुलवाद और एक खुली बाजार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं, जो तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में उनका मार्गदर्शन करते हैं।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने अपने संबोधन में क्या कहा?

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि दोनों पक्ष सिर्फ व्यापार नहीं करते, बल्कि एक-दूसरे के भविष्य में निवेश करते हैं और नए समझौतों के साथ वे और भी बड़ी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

इस यात्रा के दौरान कौन-सा महत्वपूर्ण आर्थिक समझौता हुआ?

इस यात्रा के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाना है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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