अमेज़न एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी करने की तैयारी कर रहा है, जिससे दुनिया भर में हजारों कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी 27 जनवरी 2026 से एक नया छंटनी अभियान शुरू कर सकती है, जिसमें लगभग 16,000 कर्मचारियों को निकाला जा सकता है। यह कदम कंपनी की एक बड़ी पुनर्गठन योजना का हिस्सा है।
यह छंटनी अमेज़न की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसके तहत 2026 के मध्य तक लगभग 30,000 कॉर्पोरेट पदों को समाप्त किया जाना है। इस बार की कटौती का असर भारत में काम कर रही टीमों पर भी पड़ने की आशंका है। कंपनी के महत्वपूर्ण विभाग जैसे Amazon Web Services (AWS) और प्राइम वीडियो इस पुनर्गठन से विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
इससे पहले भी अमेज़न ने 2022 और 2023 में संयुक्त रूप से 27,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। कंपनी ने अपने इस कदम को व्यापारिक पुनर्गठन और लागत में कटौती के लिए आवश्यक बताया है। इस बार का मुख्य फोकस व्हाइट-कॉलर कॉर्पोरेट वर्कफोर्स पर रहेगा।
पुनर्गठन योजना और पिछले चरण
अमेज़न का लक्ष्य 2026 के मध्य तक कुल 30,000 कॉर्पोरेट नौकरियों को खत्म करना है। इस योजना का पहला चरण अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था, जिसमें लगभग 14,000 पद समाप्त किए गए थे। अब कंपनी इस योजना का दूसरा चरण शुरू करने जा रही है, जिसमें 16,000 और पदों पर कटौती की संभावना है। यह कदम कॉर्पोरेट जगत में चल रही व्यापक पुनर्संरचना का एक हिस्सा माना जा रहा है।
किन विभागों पर पड़ेगा असर?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार की छंटनी का सबसे ज्यादा असर तकनीकी विभागों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से, Amazon Web Services (AWS), प्राइम वीडियो और अन्य कॉर्पोरेट डिवीजनों के कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी की नई छंटनी का मुख्य फोकस व्हाइट-कॉलर कॉर्पोरेट वर्कफोर्स पर होगा, जिसमें विश्व स्तर पर लगभग 3,50,000 कर्मचारी शामिल हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम व्यापार के पुनर्गठन और लागत में कटौती के लिए जरूरी है।
भारत में अमेज़न का संचालन और प्रभाव
दुनिया भर में अमेज़न के कुल 1.57 मिलियन कर्मचारी हैं, जिनमें से अमेरिका में सबसे अधिक हैं। इसके बाद यूरोप और फिर भारत का स्थान आता है। भारत में अमेज़न के लगभग 75,000 से 80,000 कर्मचारी काम करते हैं, जो विभिन्न तकनीकी, कॉर्पोरेट और ऑपरेशनल भूमिकाओं में कार्यरत हैं। भारतीय टीम अमेज़न के वैश्विक संचालन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, और इस छंटनी का भारतीय कर्मचारियों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
अमेज़न ने 2026 के मध्य तक अपने 30,000 कॉर्पोरेट पदों को खत्म करने की योजना बनाई है, जिसके दूसरे चरण में अब 16,000 और कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है। यह कटौती मुख्य रूप से AWS और प्राइम वीडियो जैसे तकनीकी और कॉर्पोरेट डिवीजनों में केंद्रित होगी, जिसका असर भारत सहित दुनिया भर के कर्मचारियों पर पड़ेगा।
FAQs
अमेज़न की नई छंटनी कब शुरू हो सकती है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी 27 जनवरी 2026 से एक नया छंटनी अभियान शुरू कर सकती है।
इस बार कितने कर्मचारियों को निकाला जा सकता है?
इस चरण में दुनिया भर में लगभग 16,000 कर्मचारियों को निकाले जाने की संभावना है।
अमेज़न की कुल पुनर्गठन योजना क्या है?
अमेज़न का लक्ष्य 2026 के मध्य तक कुल 30,000 कॉर्पोरेट पदों को समाप्त करना है, जिसमें यह छंटनी दूसरा चरण है।
कौन से विभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं?
इस छंटनी का असर मुख्य रूप से Amazon Web Services (AWS), प्राइम वीडियो और अन्य कॉर्पोरेट विभागों के कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
भारत में अमेज़न के कितने कर्मचारी हैं?
भारत में अमेज़न के लगभग 75,000 से 80,000 कर्मचारी काम करते हैं, जो इसे अमेरिका और यूरोप के बाद तीसरा सबसे बड़ा कर्मचारी आधार बनाता है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


