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भारत में रीजनल एयरक्राफ्ट बनाएगी अडानी-एम्ब्रेयर, असेंबली लाइन के लिए हुआ समझौता

Embraer और Adani Defence & Aerospace ने भारत में विमानों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य देश में एक एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन विमान इकोसिस्टम का विकास करना है। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की एक प्रमुख कंपनी, अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर के बीच यह साझेदारी मंगलवार को हुई।

इस रणनीतिक सहयोग के तहत, दोनों कंपनियां भारत में क्षेत्रीय विमानों के लिए फाइनल असेंबली लाइन्स (FAL) स्थापित करेंगी। इस साझेदारी को भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने वाली उड़ान योजना के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इसका लक्ष्य भारत के क्षेत्रीय परिवहन विमान (RTA) कार्यक्रम को आगे बढ़ाना है।

समझौते के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने इस साझेदारी को भारत के विमानन और रक्षा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया, जो आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

हालांकि, प्रस्तावित विनिर्माण सुविधा के स्थान और पहले विमान के निर्माण की समय-सीमा के बारे में विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह समझौता भारत और ब्राजील के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को भी दर्शाता है।

समझौते का मुख्य उद्देश्य

इस समझौते का प्राथमिक लक्ष्य भारत में विमानों के लिए एक असेंबली लाइन स्थापित करना है। अदाणी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से स्वदेशीकरण को बढ़ाया जाएगा। यह collaborative industrial partnership भारत के क्षेत्रीय परिवहन विमान कार्यक्रम को गति देगी, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और उड़ान (UDAN) योजना के दृष्टिकोण के साथ संरेखित है। इस पहल से न केवल विमानों का निर्माण होगा, बल्कि एक मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला भी विकसित होगी।

सरकार और अधिकारियों के बयान

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस सहयोग को भारत की क्षेत्रीय विमान महत्वाकांक्षाओं में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस एंटरप्राइज के बीच यह साझेदारी एक सही मेल है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी साझेदारियां सीधे तौर पर रक्षा मंत्रालय के उद्देश्यों का समर्थन करती हैं, जिनमें आयात पर निर्भरता कम करना, परिचालन तत्परता बढ़ाना और प्लेटफॉर्म्स तथा स्पेयर पार्ट्स की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि यह सहयोग केवल विमानों को असेंबल करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण, कौशल विकास और कार्यबल क्षमता निर्माण के बारे में भी है।

भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी

नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि यह सहयोग भारत और ब्राजील के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि दोनों देश समान मूल्यों और साझा आकांक्षाओं से जुड़े रणनीतिक साझेदार हैं और BRICS, G20, WTO जैसे मंचों पर सहयोग करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ब्राजील के माननीय राष्ट्रपति की आगामी यात्रा से भारत-ब्राजील संबंधों को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिसमें एयरोस्पेस और विमानन भी एक प्रमुख फोकस क्षेत्र होगा।

कंपनियों का दृष्टिकोण

एम्ब्रेयर कमर्शियल एविएशन के अध्यक्ष और सीईओ, अर्जन मेइजर ने कहा कि भारत एम्ब्रेयर के लिए एक प्रमुख बाजार है। उन्होंने कहा, “यह साझेदारी हमारी एयरोस्पेस विशेषज्ञता को अदाणी की मजबूत औद्योगिक क्षमताओं और स्वदेशीकरण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ जोड़ती है।” अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक, जीत अदाणी ने कहा कि यह साझेदारी पूरक क्षमताओं को एक साथ लाकर भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक संबंधों को भी मजबूत करेगी।

उड़ान योजना और क्षेत्रीय विमानन का महत्व

एम्ब्रेयर के सीईओ अर्जन मेइजर ने उल्लेख किया कि आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विमानन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) जैसी पहलों ने टियर 2 और टियर 3 शहरों में हवाई संपर्क में क्रांति ला दी है। इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना और हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाना है। इस बढ़ती मांग के कारण, एक स्वदेशी क्षेत्रीय विमानन इकोसिस्टम की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह साझेदारी इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक कदम है।

Embraer और अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के बीच यह समझौता भारत को विमान निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वैश्विक खिलाड़ी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह साझेदारी न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों को मजबूत करेगी, बल्कि देश के क्षेत्रीय विमानन इकोसिस्टम को भी बढ़ावा देगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

FAQs

किन कंपनियों के बीच समझौता हुआ?

यह समझौता ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी Embraer और भारत की Adani Defence & Aerospace के बीच हुआ है, जो अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की एक कंपनी है।

इस समझौते का मुख्य लक्ष्य क्या है?

इस समझौते का मुख्य लक्ष्य भारत में क्षेत्रीय परिवहन विमानों का निर्माण करना, एक असेंबली लाइन स्थापित करना और देश में एक एकीकृत क्षेत्रीय विमानन इकोसिस्टम विकसित करना है।

क्या भारत में विमान बनाने की फैक्ट्री का स्थान तय हो गया है?

नहीं, समझौते पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान प्रस्तावित विनिर्माण सुविधा के स्थान या पहले विमान के रोलआउट की समय-सीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

यह साझेदारी भारत की किस पहल के अनुरूप है?

यह साझेदारी भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली उड़ान (UDAN) योजना के दृष्टिकोण के पूरी तरह अनुरूप है।

इस मौके पर कौन से प्रमुख सरकारी अधिकारी मौजूद थे?

इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा जैसे वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित थे।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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