अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, तीन विध्वंसक युद्धपोतों के साथ मध्य पूर्व पहुंच गया है। यह तैनाती ईरान में प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर बढ़े तनाव के बीच हुई है, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हवाई हमले का आदेश देने की संभावना फिर से बढ़ गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को सोशल मीडिया पर इस तैनाती की पुष्टि की है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह विमानवाहक पोत और उसके साथ मौजूद तीन विध्वंसक युद्धपोत “क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए” मध्य पूर्व में तैनात किए गए हैं। इस तैनाती से क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक मौजूद होंगे। यह स्ट्राइक ग्रुप वर्तमान में हिंद महासागर में स्थित है, न कि ईरान की सीमा से लगे अरब सागर में।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा था कि इन जहाजों को “किसी भी स्थिति के लिए” क्षेत्र में भेजा गया था। उन्होंने कहा, “हमारा एक विशाल बेड़ा उस दिशा में बढ़ रहा है, और शायद हमें इसका उपयोग नहीं करना पड़ेगा।” इससे पहले, ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी यदि वह कैदियों को सामूहिक रूप से फांसी देता है या दिसंबर के अंत में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता है।
मध्य पूर्व में सैन्य तैनाती
अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने तीन सहयोगी विध्वंसक युद्धपोतों के साथ मध्य पूर्व क्षेत्र में पहुंचा है। यू.एस. सेंट्रल कमांड के एक बयान में कहा गया है कि यह स्ट्राइक ग्रुप क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से तैनात किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह समूह हिंद महासागर में है। इस क्षेत्र में आखिरी बार किसी अमेरिकी विमानवाहक पोत की तैनाती अक्टूबर में हुई थी, जब यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाने के लिए कैरिबियन भेजा गया था।
राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तैनाती को एक एहतियाती कदम बताया है। उन्होंने पहले भी ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक कार्रवाई की गई तो सैन्य प्रतिक्रिया दी जा सकती है। हाल ही में, एयर फोर्स वन पर सवार होकर उन्होंने कहा कि यदि ईरान कुछ प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना पर आगे बढ़ता है, तो उनकी संभावित सैन्य कार्रवाई पिछले साल ईरान के परमाणु स्थलों पर हुए अमेरिकी हमलों को भी बौना साबित कर देगी।
ईरान में विरोध प्रदर्शन और आँकड़े
यह सैन्य गतिविधि ईरान में दिसंबर के अंत में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हो रही है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कम से कम 5,973 लोग मारे गए हैं और 41,800 से अधिक को हिरासत में लिया गया है। वहीं, ईरान का आधिकारिक मृत्यु आंकड़ा बहुत कम, 3,117 है। ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान ने 800 हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को फांसी देना बंद कर दिया है, लेकिन ईरान के शीर्ष अभियोजक ने इस दावे को “पूरी तरह से झूठा” बताया।
क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य हलचल
विमानवाहक पोत के अलावा, अमेरिकी सेना ने कहा है कि वायु सेना के एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू जेट भी अब इस क्षेत्र में मौजूद हैं। उड़ान-ट्रैकिंग डेटा का विश्लेषण करने वाले विश्लेषकों ने दर्जनों अमेरिकी सैन्य कार्गो विमानों को भी इस क्षेत्र की ओर जाते हुए देखा है। यह गतिविधि पिछले साल की तरह ही है जब अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर बमबारी के बाद जवाबी हमले की आशंका में पैट्रियट मिसाइल प्रणाली जैसे हवाई रक्षा उपकरण तैनात किए थे। उन हमलों के कुछ दिनों बाद ईरान ने अल उदीद एयर बेस पर एक दर्जन से अधिक मिसाइलें दागी थीं।
अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके सहयोगी युद्धपोतों का मध्य पूर्व में आगमन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है। यह तैनाती यू.एस. सेंट्रल कमांड द्वारा क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के एक उपाय के रूप में बताई गई है, लेकिन यह राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान में प्रदर्शनों पर कार्रवाई को लेकर दी गई चेतावनियों के बीच हुई है।
FAQs
यूएसएस अब्राहम लिंकन को मध्य पूर्व में क्यों तैनात किया गया है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस विमानवाहक पोत को क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मध्य पूर्व में तैनात किया गया है। यह तैनाती ईरान के साथ बढ़े तनाव के समय हुई है।
इस सैन्य समूह में कौन से जहाज शामिल हैं?
इस सैन्य समूह में विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ तीन विध्वंसक युद्धपोत शामिल हैं। इस तैनाती से क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिक भी आए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस तैनाती पर क्या कहा है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह बेड़ा “किसी भी स्थिति के लिए” भेजा गया है। उन्होंने पहले भी ईरान को प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करने पर सैन्य परिणामों की चेतावनी दी थी।
क्या इस क्षेत्र में अन्य अमेरिकी सैन्य संपत्तियां भी मौजूद हैं?
हां, विमानवाहक पोत के अलावा, अमेरिकी वायु सेना के एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू जेट भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं। साथ ही, कई अमेरिकी सैन्य कार्गो विमानों को भी इस क्षेत्र की ओर जाते देखा गया है।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों में हताहतों की आधिकारिक संख्या क्या है?
कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन प्रदर्शनों में 5,973 से अधिक लोग मारे गए हैं और 41,800 से अधिक को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, ईरान सरकार का आधिकारिक आंकड़ा 3,117 मौतों का है।
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