भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह भारी बिकवाली के कारण निवेशकों को ₹16 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। देश के प्रमुख स्टॉक मार्केट सूचकांक, निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स, सप्ताह के अंत में गिरावट के साथ बंद हुए। इस गिरावट का एक प्रमुख कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसलना भी रहा।
शुक्रवार को कारोबारी सत्र के दौरान, भारतीय रुपया एक डॉलर के मुकाबले 92 के ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में इसमें मामूली सुधार हुआ और यह 91.90 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार की शुरुआत सकारात्मक हुई थी, लेकिन अदाणी समूह सहित प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट के कारण बिकवाली का दबाव काफी बढ़ गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर निवेशकों के झुकाव, विदेशी फंडों की निरंतर निकासी और मजबूत घरेलू संकेतों की कमी ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारतीय बाजारों से पैसा निकालने की प्रक्रिया जारी रहने से रुपये और शेयर बाजार दोनों पर दबाव देखा गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में साप्ताहिक गिरावट
इस सप्ताह, 30 शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स में 2,032.65 अंक या 2.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह, एनएसई निफ्टी भी 645.7 अंक या 2.51 प्रतिशत गिर गया। इस गिरावट के कारण बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण ₹16,28,561.85 करोड़ घट गया। सप्ताह के अंत में, बीएसई-सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मूल्यांकन ₹4,51,56,045.07 करोड़ ($4.93 ट्रिलियन) रहा।
शुक्रवार को बाजार का प्रदर्शन
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 769.67 अंक (0.94 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 81,537.70 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान, यह 835.55 अंक गिरकर 81,471.82 के निचले स्तर पर भी पहुंच गया था। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 241.25 अंक (0.95 प्रतिशत) फिसलकर 25,048.65 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 25,025.30 के निचले स्तर तक गया था। बीएसई पर 2,989 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,229 शेयरों में तेजी रही और 143 शेयर अपरिवर्तित रहे।
अदाणी समूह के शेयरों में भारी बिकवाली
अमेरिकी नियामक द्वारा संभावित समन की खबरों के बाद अदाणी समूह के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया, जिससे समूह के सभी शेयरों में बिकवाली हुई। समूह की मुख्य कंपनी, अदाणी एंटरप्राइजेज, निफ्टी 50 पर सबसे बड़ी प्रतिशत हानि वाली कंपनी बन गई, जो 10.65 प्रतिशत गिरकर ₹1,864.20 पर आ गई। एक ही सत्र में अदाणी समूह की कंपनियों के बाजार मूल्य में लगभग $12.5 बिलियन की कमी आई।
प्रमुख सेक्टर्स और शेयरों की स्थिति
शुक्रवार को सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सर्विसेज सेक्टर में सबसे ज्यादा 4.20 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद यूटिलिटीज (3.52 प्रतिशत), रियल्टी (3.35 प्रतिशत), पावर (2.81 प्रतिशत) और पीएसयू बैंक (2.37 प्रतिशत) का स्थान रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, भारतीय स्टेट बैंक, मारुति सुजुकी, लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इसके विपरीत, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, एशियन पेंट्स और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
सप्ताह के दौरान शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति को काफी हद तक प्रभावित किया है। रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेश की निकासी ने बाजार की धारणा को नकारात्मक बनाए रखा।
FAQs
इस सप्ताह निवेशकों को कितना नुकसान हुआ?
इस सप्ताह निवेशकों को बाजार मूल्य में ₹16 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ, क्योंकि बीएसई-सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण काफी घट गया।
शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक नीचे बंद हुए?
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 769.67 अंक गिरकर 81,537.70 पर और एनएसई निफ्टी 241.25 अंक गिरकर 25,048.65 पर बंद हुआ।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का प्रदर्शन कैसा रहा?
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 92 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर को छू गया। बाद में यह थोड़ा सुधरकर 91.90 पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या थे?
बाजार में गिरावट के मुख्य कारणों में भारी बिकवाली, विदेशी फंडों की निरंतर निकासी, रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी और अदाणी समूह जैसे प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट शामिल है।
कौन से सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई?
सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट सर्विसेज (4.20%), यूटिलिटीज (3.52%) और रियल्टी (3.35%) सेक्टर्स में दर्ज की गई।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


