32.2 C
New Delhi
HomeGeopolitics'हमारे पास कोई चारा नहीं': कश्मीर में नागरिक मिलिशिया का उभार
spot_img

‘हमारे पास कोई चारा नहीं’: कश्मीर में नागरिक मिलिशिया का उभार

भारत में काउंटर-इंसरजेंसी यानि उग्रवाद विरोधी अभियानों का भार अप्रशिक्षित और अपर्याप्त संसाधनों से लैस स्थानीय नागरिकों पर डाला जा रहा है। यह कदम विशेष रूप से उन दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों में उठाया जा रहा है, जहाँ सुरक्षा बलों की स्थायी उपस्थिति सीमित है। इस नीति के तहत, स्थानीय समुदायों के सदस्यों को हथियारबंद किया जाता है ताकि वे उग्रवादी खतरों के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में कार्य कर सकें।

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को आत्मरक्षा में सक्षम बनाना और किसी भी हमले की स्थिति में तत्काल जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इन नागरिक समूहों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी प्रदान करें।

हालांकि, इन नागरिक स्वयंसेवकों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण और उपकरणों की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। अक्सर उन्हें जो हथियार दिए जाते हैं, वे आधुनिक नहीं होते और उनका प्रशिक्षण भी पेशेवर सैन्य बलों के मुकाबले बहुत सीमित होता है। इसके बावजूद, उन्हें जटिल और खतरनाक सुरक्षा स्थितियों का सामना करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

यह व्यवस्था क्या है

यह एक सरकारी रणनीति है जिसके तहत उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को संगठित कर उन्हें सशस्त्र किया जाता है। इन समूहों को आधिकारिक तौर पर ग्राम रक्षा गार्ड (Village Defence Guards – VDG) जैसे नाम दिए गए हैं। इनका गठन स्थानीय स्तर पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए किया जाता है। ये समूह सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के मार्गदर्शन में काम करते हैं।

नागरिकों की भूमिका और जिम्मेदारी

इन सशस्त्र नागरिक समूहों की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने गांवों और समुदायों की रक्षा करना है। किसी भी आतंकवादी हमले की स्थिति में, वे पहली जवाबी कार्रवाई करने वाले होते हैं जब तक कि सेना या पुलिस की टुकड़ियां मौके पर नहीं पहुंच जातीं। इसके अतिरिक्त, वे अपने क्षेत्रों में गश्त करते हैं, खुफिया जानकारी एकत्र करते हैं और बाहरी लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं, जिससे सुरक्षा बलों को अभियानों में मदद मिलती है।

प्रशिक्षण और उपकरणों की स्थिति

इन नागरिक गार्डों को प्रदान किया जाने वाला प्रशिक्षण आमतौर पर बुनियादी स्तर का होता है, जिसमें हथियार चलाने और रखरखाव की सामान्य जानकारी शामिल होती है। यह प्रशिक्षण पेशेवर सैनिकों या पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले कठोर और व्यापक प्रशिक्षण के बराबर नहीं होता है। उन्हें अक्सर .303 जैसी पुरानी राइफलें और सीमित मात्रा में गोला-बारूद दिया जाता है, जो आधुनिक आतंकवादी हथियारों के सामने अपर्याप्त हो सकते हैं।

किन क्षेत्रों में यह नीति लागू है

यह नीति मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में लागू की गई है जो लंबे समय से उग्रवाद या आतंकवाद से प्रभावित रहे हैं। जम्मू और कश्मीर के कई दूरदराज के इलाके, विशेष रूप से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्र, इस व्यवस्था के प्रमुख उदाहरण हैं। इन क्षेत्रों में कम जनसंख्या घनत्व और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षा बलों की हर जगह तैनाती संभव नहीं हो पाती, जिसके चलते स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा की जिम्मेदारी में शामिल किया जाता है।

संक्षेप में, भारत के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को सीमित प्रशिक्षण और उपकरणों के साथ जवाबी कार्रवाई की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। यह नीति स्थानीय समुदायों को आत्मरक्षा के लिए सशक्त तो करती है, लेकिन साथ ही उन्हें गंभीर खतरों का सामना करने के लिए अग्रिम पंक्ति में भी खड़ा कर देती है।

FAQs

इन नागरिक समूहों को आधिकारिक तौर पर क्या कहा जाता है?

इन समूहों को आधिकारिक तौर पर ग्राम रक्षा गार्ड (Village Defence Guards – VDG) के रूप में जाना जाता है।

उन्हें किस प्रकार के हथियार दिए जाते हैं?

आमतौर पर, इन नागरिक गार्डों को .303 राइफल जैसे बुनियादी और पुराने हथियार प्रदान किए जाते हैं।

क्या इन नागरिकों को पेशेवर सैन्य प्रशिक्षण मिलता है?

नहीं, उन्हें केवल बुनियादी हथियार चलाने और सुरक्षा संबंधी सामान्य प्रशिक्षण दिया जाता है, जो पेशेवर सैन्य प्रशिक्षण से काफी अलग होता है।

इन समूहों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इनका मुख्य उद्देश्य आतंकवादी हमलों के खिलाफ आत्मरक्षा करना, पहली जवाबी कार्रवाई करना और सुरक्षा बलों के आने तक अपने समुदाय को सुरक्षित रखना है।

यह व्यवस्था मुख्य रूप से कहाँ सक्रिय है?

यह व्यवस्था मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर जैसे उग्रवाद से प्रभावित दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

spot_img
spot_img

latest articles

explore more

spot_img
spot_img
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x