स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को लगातार तीसरी बार ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ सर्टिफिकेशन से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान कंपनी के उच्च-विश्वास और उच्च-प्रदर्शन वाले कार्य संस्कृति को दर्शाता है। यह सर्टिफिकेशन कार्यस्थल संस्कृति पर एक वैश्विक प्राधिकरण, ग्रेट प्लेस टू वर्क इंस्टिट्यूट द्वारा प्रदान किया जाता है।
यह उपलब्धि सेल के अपने कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और उनके विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) के लिए लगातार तीन वर्षों तक यह मान्यता प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में कर्मचारियों से प्राप्त गोपनीय फीडबैक और संगठन की मानव संसाधन नीतियों का गहन मूल्यांकन शामिल होता है। इस सम्मान से कंपनी की प्रतिष्ठा और कर्मचारियों के मनोबल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
सेल को मिला प्रतिष्ठित सम्मान
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), जो भारत की एक प्रमुख इस्पात उत्पादक कंपनी है, को वर्ष 2024 के लिए ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ के रूप में प्रमाणित किया गया है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब कंपनी ने यह प्रतिष्ठित खिताब हासिल किया है। यह सम्मान कंपनी के भीतर एक सकारात्मक और सहयोगी कार्य वातावरण को प्रमाणित करता है।
‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ सर्टिफिकेशन क्या है?
‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ सर्टिफिकेशन एक वैश्विक मान्यता है जो उन संगठनों को दी जाती है जो अपने कर्मचारियों के लिए एक उत्कृष्ट कार्य वातावरण प्रदान करते हैं। इसका मूल्यांकन ग्रेट प्लेस टू वर्क इंस्टिट्यूट द्वारा किया जाता है, जो कर्मचारियों के अनुभव और संगठन की नीतियों का विश्लेषण करता है। मूल्यांकन प्रक्रिया में मुख्य रूप से ट्रस्ट इंडेक्स सर्वे और कल्चर ऑडिट शामिल होते हैं, जो कर्मचारियों के दृष्टिकोण और कंपनी की कार्यप्रणाली का आकलन करते हैं।
लगातार तीसरी बार मिली मान्यता
सेल के लिए यह लगातार तीसरा वर्ष है जब उसे इस सम्मान से नवाजा गया है। यह निरंतरता कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के कल्याण और पेशेवर विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है। इससे यह भी पता चलता है कि कंपनी अपनी नीतियों को समय के साथ बेहतर बनाने और एक समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के बारे में
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। यह भारत की सबसे बड़ी इस्पात बनाने वाली सरकारी कंपनियों में से एक है। कंपनी के प्रमुख इस्पात संयंत्र देश के विभिन्न हिस्सों जैसे भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, बोकारो और बर्नपुर में स्थित हैं।
यह उपलब्धि सेल की एक ऐसी कंपनी के रूप में स्थिति को और मजबूत करती है जो अपने कर्मचारियों को महत्व देती है और उनके लिए एक भरोसेमंद और प्रगतिशील कार्यस्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
FAQs
सेल को कौन सा सर्टिफिकेशन मिला है?
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ सर्टिफिकेशन मिला है, जो एक उत्कृष्ट कार्यस्थल संस्कृति को मान्यता देता है।
यह सर्टिफिकेशन सेल को कितनी बार मिला है?
सेल को यह प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन लगातार तीसरी बार प्राप्त हुआ है, जो वर्ष 2024 के लिए मान्य है।
‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ सर्टिफिकेशन कौन प्रदान करता है?
यह सर्टिफिकेशन ग्रेट प्लेस टू वर्क इंस्टिट्यूट द्वारा प्रदान किया जाता है, जो कार्यस्थल संस्कृति का मूल्यांकन करने वाला एक वैश्विक प्राधिकरण है।
सेल किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है?
सेल भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाला एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
सेल का पूरा नाम क्या है?
सेल का पूरा नाम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited) है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


