दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट कप्तान तेम्बा बावुमा ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर एक अहम बयान दिया है। बावुमा का मानना है कि बदलाव के दौर से गुजर रही भारतीय टेस्ट टीम का प्रबंधन करते समय गौतम गंभीर को काफी दबाव का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सफेद गेंद के प्रारूपों में टीम के अच्छे परिणाम उन्हें लाल गेंद क्रिकेट में टीम को स्थिर करने के लिए कुछ समय दे सकते हैं।
बावुमा की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका ने नवंबर में भारत के खिलाफ 2-0 से टेस्ट सीरीज जीती थी। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि वरिष्ठ खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली की मौजूदगी में भारत एकदिवसीय प्रारूप में एक प्रमुख शक्ति बना हुआ है। टेस्ट सीरीज में हार के बाद, भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज के सफेद गेंद के चरणों में वापसी की। भारत ने वनडे सीरीज में बावुमा की टीम को 2-1 से हराया, जिसमें कोहली और रोहित ने कई शतक और अर्धशतक लगाए। इसके बाद सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टी20 टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 3-1 से हराया।
बावुमा ने एक कॉलम में लिखा कि भारत लाल गेंद के क्रिकेट में निश्चित रूप से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि वनडे में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दो दिग्गजों के साथ भारत का प्रदर्शन टेस्ट खेल के विपरीत था, जहां ये दोनों चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।
गौतम गंभीर और टेस्ट टीम की चुनौती
तेम्बा बावुमा ने कहा कि भारतीय कोच गौतम गंभीर के कंधों पर बहुत दबाव है। उनके अनुसार, गंभीर को लाल गेंद के खेल में खुद के लिए समय निकालना होगा और सफेद गेंद क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन इसमें उनकी मदद कर सकता है। बावुमा ने स्पष्ट रूप से कहा कि गंभीर की टीम के लिए टेस्ट क्षेत्र में आगे काफी समय तक संघर्षपूर्ण स्थिति रहेगी, क्योंकि टीम में कई स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा है।
सफेद गेंद क्रिकेट से मिलेगी राहत
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान का मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप तक टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा की मौजूदगी से गंभीर पर से कुछ दबाव कम होगा। उन्होंने कहा, “वनडे में, कोहली और रोहित प्रदर्शन और नेतृत्व के दृष्टिकोण से स्वाभाविक रूप से बहुत अधिक जिम्मेदारी लेंगे। इसलिए मुझे लगता है कि गंभीर अपनी स्थिति के मामले में ठीक रहेंगे।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि लाल गेंद के दृष्टिकोण से, निकट भविष्य में इस भारतीय टीम के लिए यह कठिन होने वाला है।
BCCI की दीर्घकालिक योजना
बावुमा ने भारत के लिए विभिन्न प्रारूपों में अलग-अलग कोच (स्प्लिट-कोचिंग) के विकल्प को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि BCCI ने गंभीर की नियुक्ति किसी अल्पकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर नहीं की है। उनके अनुसार, “वे चाहते हैं कि वह दो से चार साल की अवधि में सफल हों। उस अवधि में, चीजें हर समय अच्छी नहीं रहने वाली हैं। यह दीर्घकालिक योजना के बारे में होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू स्तर पर खिलाड़ियों के लिए अवसर होंगे और टेस्ट टीम के भीतर कई स्थान खाली हैं।
पिछली टेस्ट सीरीज का जिक्र
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप विजेता कप्तान ने यह भी याद किया कि कैसे दक्षिण अफ्रीका ने ईडन गार्डन्स टेस्ट के दौरान भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की चोट का फायदा उठाया और एक ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज की। गिल को सीरीज के पहले मैच की पहली पारी के दौरान गर्दन में चोट लग गई थी, जिसके बाद वह गुवाहाटी में दूसरे मैच से बाहर हो गए थे। बावुमा ने लिखा, “अब पीछे मुड़कर देखें, तो हमने उनके जैसे सीनियर खिलाड़ी के न होने के अवसर का फायदा उठाया। गिल का बल्ले से योगदान न दे पाना हमारे पक्ष में बहुत भारी पड़ा।”
तेम्बा बावुमा के अनुसार, भारतीय टीम को एक अस्थायी कप्तान, ऋषभ पंत, और एक नए नंबर 4 बल्लेबाज के साथ खेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि गिल के चोट से वापस आने के बाद, चीजें थोड़ी और बराबर हो जाएंगी और भारत के लिए सब कुछ निराशाजनक नहीं है।
संक्षेप में, दक्षिण अफ्रीकी कप्तान तेम्बा बावुमा का मानना है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर को भारतीय टेस्ट टीम के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन वनडे और टी20 में टीम का मजबूत प्रदर्शन, विशेष रूप से वरिष्ठ खिलाड़ियों के नेतृत्व में, उन्हें आवश्यक समय और स्थिरता प्रदान कर सकता है।
FAQs
तेम्बा बावुमा ने गौतम गंभीर के बारे में क्या कहा?
बावुमा ने कहा कि गौतम गंभीर पर बदलाव के दौर से गुजर रही भारतीय टेस्ट टीम के प्रबंधन को लेकर काफी दबाव होगा, लेकिन सफेद गेंद के प्रारूप में टीम का अच्छा प्रदर्शन उन्हें समय दे सकता है।
बावुमा के अनुसार भारतीय टेस्ट टीम की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
बावुमा के अनुसार, भारतीय टेस्ट टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है और टीम में कई प्रमुख स्थानों के लिए सही खिलाड़ियों का चयन करना निकट भविष्य में एक बड़ी चुनौती होगी।
सफेद गेंद के प्रारूप में भारत के प्रदर्शन पर बावुमा की क्या राय है?
उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण भारत सफेद गेंद (वनडे और टी20) क्रिकेट में एक प्रमुख और প্রভাবশালী टीम बना हुआ है।
क्या बावुमा ने भारत की हालिया टेस्ट सीरीज हार का जिक्र किया?
हाँ, बावुमा ने याद किया कि कैसे उनकी टीम ने शुभमन गिल की चोट का फायदा उठाकर भारत के खिलाफ 2-0 से टेस्ट सीरीज जीती थी, जिससे भारतीय टीम कमजोर हो गई थी।
रोहित शर्मा और विराट कोहली की भूमिका पर बावुमा ने क्या कहा?
बावुमा का मानना है कि वनडे प्रारूप में रोहित शर्मा और विराट कोहली प्रदर्शन और नेतृत्व दोनों ही मामलों में अधिक जिम्मेदारी लेते हैं, जिससे कोच गौतम गंभीर पर से दबाव कम हो जाता है।
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