CPI(M) के कन्नूर जिला समिति सदस्य वी. कुन्हीकृष्णन के खिलाफ शनिवार को पय्यानूर शहर में कई जगहों पर पोस्टर लगाए गए। यह घटना उनके उस सार्वजनिक आरोप के एक दिन बाद हुई जिसमें उन्होंने विधायक टी.आई. मधुसूदनन पर पार्टी के शहीद फंड से पैसे का गबन करने का आरोप लगाया था, जिससे पार्टी के भीतर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे इन फ्लेक्स बोर्डों में कुन्हीकृष्णन के लिए कठोर भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें “गद्दार” बताया गया। पोस्टरों में उनकी तस्वीर पर काली स्याही लगाई गई थी और पार्टी के खिलाफ दमन के पिछले दौरों के दौरान उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए गए थे। साथ ही, उन पर पार्टी से लाभ उठाने के बाद अब पार्टी को ही चुनौती देने का आरोप लगाया गया।
ये पोस्टर CPI(M) के कन्नूर जिला नेतृत्व द्वारा कुन्हीकृष्णन के बयानों से सार्वजनिक रूप से दूरी बनाने के तुरंत बाद सामने आए। पार्टी नेतृत्व ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कुन्हीकृष्णन राजनीतिक विरोधियों के हाथों का एक उपकरण बन गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने पार्टी के भीतर गहरे होते आंतरिक मतभेदों को उजागर कर दिया है।
पोस्टर में लगाए गए आरोप
पय्यानूर में वी. कुन्हीकृष्णन को निशाना बनाते हुए लगाए गए पोस्टरों में उनकी निष्ठा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टरों में उनकी तस्वीर को काले रंग से विरूपित किया गया और उन्हें “गद्दार” के रूप में प्रस्तुत किया गया। इन पोस्टरों के माध्यम से यह आरोप लगाया गया कि जब पार्टी दमन का सामना कर रही थी, तब वह चुप थे और अब पार्टी से सभी लाभ प्राप्त करने के बाद, वह इसे ही चुनौती दे रहे हैं।
कुन्हीकृष्णन द्वारा लगाए गए मूल आरोप
यह पोस्टर विवाद तब शुरू हुआ जब CPI(M) के जिला समिति सदस्य वी. कुन्हीकृष्णन ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि विधायक टी.आई. मधुसूदनन ने पार्टी के शहीद फंड में वित्तीय हेराफेरी की है। उन्होंने कहा कि फंड से एकत्र किए गए धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगामी बैठक
CPI(M) के कन्नूर जिला नेतृत्व ने वी. कुन्हीकृष्णन के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में, पार्टी ने आरोपों को “निराधार” बताया और कहा कि कुन्हीकृष्णन राजनीतिक दुश्मनों के इशारे पर काम कर रहे हैं। इस बीच, पार्टी की कन्नूर जिला समिति इस विवाद पर चर्चा के लिए एक बैठक आयोजित करेगी। यह बैठक राज्य-स्तरीय नेताओं की उपस्थिति में होगी, जिसमें पय्यानूर में पार्टी फंड की अनियमितताओं से संबंधित आरोपों पर भी विचार किया जाएगा।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना
पार्टी के सूत्रों ने संकेत दिया है कि वी. कुन्हीकृष्णन के खिलाफ उनके सार्वजनिक बयान के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है। माना जा रहा है कि उनके बयान ने पार्टी को रक्षात्मक स्थिति में डाल दिया है, जिससे नेतृत्व नाराज है। एक वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी के खिलाफ इस तरह के पोस्टरों का दिखना पय्यानूर में एक असामान्य और तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है, जो CPI(M) के भीतर इस मुद्दे पर बढ़ते आंतरिक संघर्ष को रेखांकित करता है।
यह मामला एक वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से पोस्टर लगाए जाने की एक दुर्लभ घटना है, जिसने पय्यानूर में एक तनावपूर्ण माहौल बना दिया है। यह CPI(M) के भीतर धन की अनियमितता के मुद्दे पर चल रहे गहरे आंतरिक मतभेदों को भी दर्शाता है।
FAQs
वी. कुन्हीकृष्णन कौन हैं?
वी. कुन्हीकृष्णन CPI(M) की कन्नूर जिला समिति के सदस्य हैं।
उन्होंने किसके खिलाफ आरोप लगाए हैं?
उन्होंने विधायक टी.आई. मधुसूदनन के खिलाफ पार्टी के शहीद फंड में हेराफेरी का आरोप लगाया है।
पोस्टरों में कुन्हीकृष्णन को क्या कहा गया है?
पोस्टरों में उन्हें “गद्दार” कहा गया है और उनकी तस्वीर पर काली स्याही लगाई गई है।
पार्टी नेतृत्व की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
CPI(M) के कन्नूर जिला नेतृत्व ने कुन्हीकृष्णन के आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को उनके बयानों से अलग कर लिया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पार्टी की कन्नूर जिला समिति राज्य के नेताओं की मौजूदगी में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक बैठक करेगी और कुन्हीकृष्णन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
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