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लाल सागर में नए हमले की हूती विद्रोहियों की धमकी, ईरान की ओर बढ़ा अमेरिकी विमानवाहक पोत

लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर नए हमलों की धमकी दी है। यह धमकी उस समय आई है जब ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद एक अमेरिकी विमानवाहक पोत इस क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। ईरान देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर अपनी कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है।

हूती विद्रोहियों ने एक छोटा वीडियो जारी किया है जिसमें एक जहाज में आग लगी हुई दिखाई दे रही है और कैप्शन में “जल्द ही” लिखा है। हालांकि विद्रोहियों ने इस पर अधिक जानकारी नहीं दी, लेकिन उनके पिछले अभियान में 100 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। हूती विद्रोहियों का कहना था कि यह अभियान गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ युद्ध को लेकर इजरायल पर दबाव बनाने के लिए था। संघर्ष में युद्धविराम के बाद उन्होंने हमले रोक दिए थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर फिर से शुरू करने की चेतावनी दी थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ मौजूद अन्य मिसाइल विध्वंसक पोत क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि इन जहाजों को “किसी भी स्थिति के लिए” भेजा जा रहा है, यदि वह ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला करते हैं। ट्रम्प ने हमले के लिए दो स्पष्ट शर्तें रखी हैं – शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और गिरफ्तार किए गए लोगों को बड़े पैमाने पर फांसी देना।

हूती विद्रोहियों की नई धमकी

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर गलियारे में जहाजों पर नए सिरे से हमले करने की धमकी दी है। उन्होंने एक संक्षिप्त वीडियो जारी किया है जिसमें पहले प्रकाशित की गई एक जलते हुए जहाज की तस्वीरें शामिल हैं, जिसके साथ “जल्द ही” का कैप्शन दिया गया है। विद्रोहियों ने इस धमकी का कोई और विवरण नहीं दिया है।

इससे पहले, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में 100 से अधिक जहाजों पर हमला किया था। उनका कहना था कि यह अभियान गाजा पट्टी में इजरायल पर दबाव बनाने के लिए था। एक युद्धविराम के बाद यह हमले रुक गए थे, लेकिन विद्रोहियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि यदि आवश्यक हुआ तो वे फिर से हमले शुरू कर सकते हैं।

ईरान पर अमेरिकी सैन्य दबाव

हूती विद्रोहियों की यह धमकी तब आई है जब अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने सहयोगी विध्वंसक पोतों के साथ क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इन जहाजों को “किसी भी स्थिति से निपटने के लिए” तैनात किया जा रहा है, यदि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय लेते हैं।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान पर हमले के लिए दो स्पष्ट सीमाएं तय की हैं। पहली, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और दूसरी, विरोध प्रदर्शनों में गिरफ्तार किए गए लोगों को सामूहिक रूप से फांसी देना।

ईरान की जवाबी चेतावनी और सुरक्षा उपाय

ईरान ने भी किसी भी संभावित हमले को लेकर इजरायल और अमेरिका को चेतावनी दी है। ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जनरल रजा तलाई-निक ने सोमवार को कहा कि किसी भी हमले का “पहले से कहीं अधिक दर्दनाक और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन खतरों के कारण ईरान को “पूरी और व्यापक तैयारी बनाए रखने” की आवश्यकता है।

ईरान ने हाल ही में इंकिलाब स्क्वायर में एक नया बैनर लगाया है जिसमें यूएसएस लिंकन को धमकी दी गई है। इसके अलावा, अपनी हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण, ईरान ने रविवार को पायलटों के लिए एक नोटिस जारी किया, जिसमें देश में छोटे निजी विमानों के उड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसमें केवल तेल उद्योग और आपातकालीन चिकित्सा उड़ानों को छूट दी गई है।

विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़ी

ईरान में 28 दिसंबर को ईरानी मुद्रा रियाल में गिरावट के कारण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो जल्द ही पूरे देश में फैल गए। इन प्रदर्शनों पर सरकार ने हिंसक कार्रवाई की। दो सप्ताह से अधिक के इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण कार्रवाई की पूरी जानकारी अब धीरे-धीरे सामने आ रही है।

एक अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ने रविवार को मरने वालों की संख्या 5,848 बताई है, और इस संख्या के बढ़ने की आशंका है। संगठन का कहना है कि 41,280 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, ईरान सरकार ने मरने वालों की संख्या बहुत कम, 3,117 बताई है, जिसमें 2,427 नागरिक और सुरक्षा बल शामिल हैं, जबकि बाकियों को “आतंकवादी” करार दिया गया है।

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, हूती विद्रोहियों की नई धमकियों और ईरान पर अमेरिकी दबाव ने लाल सागर क्षेत्र में एक नया संकट पैदा कर दिया है। यह स्थिति तब और जटिल हो जाती है जब ईरान अपने आंतरिक विरोध प्रदर्शनों और उस पर की जा रही कार्रवाई से निपट रहा है।

FAQs

हूती विद्रोही जहाजों को क्यों निशाना बना रहे हैं?

हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे गाजा में युद्ध को लेकर इजरायल पर दबाव बनाने के लिए लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाते हैं।

अमेरिका ने इस क्षेत्र में विमानवाहक पोत क्यों भेजा है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, विमानवाहक पोत को “किसी भी स्थिति के लिए” भेजा गया है, यदि वह ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ सैन्य कदम उठाने का फैसला करते हैं।

ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?

ईरान में विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरानी मुद्रा, रियाल, के मूल्य में भारी गिरावट के बाद शुरू हुए और जल्द ही पूरे देश में फैल गए।

विरोध प्रदर्शनों में हताहतों की संख्या कितनी है?

एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, मरने वालों की संख्या 5,848 है, जबकि ईरानी सरकार का आंकड़ा 3,117 है, जिसमें नागरिक, सुरक्षा बल और “आतंकवादी” शामिल हैं।

लाल सागर गलियारा क्यों महत्वपूर्ण है?

लाल सागर गलियारा एक प्रमुख वैश्विक शिपिंग मार्ग है जो स्वेज नहर के माध्यम से एशिया को यूरोप से जोड़ता है। दुनिया का एक बड़ा समुद्री व्यापार इसी मार्ग से होता है।

यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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