आगामी केंद्रीय बजट 2026 से पहले वरिष्ठ नागरिक रेलवे टिकट रियायत को फिर से शुरू करने की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार भारतीय रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत बहाल करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। यह सुविधा, जो देश के लाखों बुजुर्गों के लिए किफायती यात्रा का एक महत्वपूर्ण साधन थी, को COVID-19 महामारी के दौरान निलंबित कर दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय के बीच बजट-पूर्व बैठकों में विचार-विमर्श चल रहा है। यदि सरकार इस रियायत को बहाल करने का निर्णय लेती है, तो यह उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत होगी जो पिछले लगभग छह वर्षों से पूरा किराया देकर यात्रा कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले पर अभी तक सरकार की ओर سے कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस बीच, एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। यह दस्तावेज़ देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति का विस्तृत विवरण प्रदान करता है और आगामी बजट के लिए आधार तैयार करता है। आर्थिक सर्वेक्षण में मौजूदा और अगले वित्तीय वर्ष के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि के अनुमान भी शामिल हैं।
रियायत बहाली पर सरकारी चर्चा
आगामी केंद्रीय बजट 2026 की तैयारियों के बीच, वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे टिकट रियायत को फिर से शुरू करने का मुद्दा चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय इस सुविधा को बहाल करने की व्यवहार्यता पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। यह रियायत पहले देश के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन यात्रा पर छूट प्रदान करती थी, जिसे मार्च 2020 में निलंबित कर दिया गया था।
पहले कितनी मिलती थी छूट?
निलंबित होने से पहले, इस योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुष नागरिकों को सभी श्रेणियों के किराए में 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी। वहीं, 58 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती थी। यह लाभ प्राप्त करना बहुत आसान था और टिकट बुक करते समय केवल उम्र दर्ज करके इसका लाभ उठाया जा सकता था।
रियायत क्यों बंद की गई थी?
मार्च 2020 में COVID-19 महामारी की शुरुआत के साथ, सरकार ने वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए इस रियायत को निलंबित करने का निर्णय लिया। रेलवे ने बार-बार कहा है कि रियायतें बंद करने से उसके वित्तीय स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस कदम का उद्देश्य महामारी के दौरान उत्पन्न हुए आर्थिक बोझ को कम करना था, लेकिन इसके कारण वरिष्ठ नागरिकों पर यात्रा लागत का बोझ काफी बढ़ गया।
संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश
बजट से ठीक पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 प्रस्तुत किया। यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो पिछले एक साल में देश के आर्थिक विकास का सारांश प्रस्तुत करता है। सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था की अल्प और मध्यम अवधि की संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत प्रदर्शन कर रही है।
GDP विकास दर का अनुमान
आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष (FY26) और आगामी वित्त वर्ष (FY27) के लिए भारत के अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (GDP) विकास के अनुमानों का खुलासा किया गया है। यह दस्तावेज आर्थिक नीतियों के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है और सरकार को भविष्य के लिए वित्तीय निर्णय लेने में मदद करता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे टिकट रियायत को फिर से शुरू करने की संभावना पर चर्चा जारी है, क्योंकि सरकार आगामी बजट 2026 को अंतिम रूप दे रही है। हालांकि इस मुद्दे पर मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
FAQs
वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे टिकट रियायत क्यों निलंबित की गई थी?
COVID-19 महामारी के दौरान उत्पन्न हुए वित्तीय दबाव के कारण सरकार ने मार्च 2020 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे टिकट रियायत को निलंबित कर दिया था।
क्या रियायत बहाल करने पर कोई आधिकारिक घोषणा हुई है?
नहीं, अभी तक सरकार की ओर से रेलवे रियायत को बहाल करने के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह मामला अभी भी विचाराधीन है।
निलंबन से पहले वरिष्ठ नागरिकों को कितनी छूट मिलती थी?
निलंबन से पहले, 60 वर्ष से अधिक के पुरुषों को 40% और 58 वर्ष से अधिक की महिलाओं को किराए में 50% की छूट मिलती थी।
बजट 2026 से पहले संसद में आर्थिक सर्वेक्षण किसने पेश किया?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया।
आर्थिक सर्वेक्षण में क्या जानकारी होती है?
आर्थिक सर्वेक्षण देश के वार्षिक आर्थिक विकास का सारांश प्रस्तुत करता है और अर्थव्यवस्था की अल्प और मध्यम अवधि की संभावनाओं को रेखांकित करता है, जिसमें GDP विकास अनुमान भी शामिल होते हैं।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


