रूस अपने नवीनतम सरमा मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) का अनावरण अगले महीने रियाद में होने वाले वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 में करेगा। यह कदम पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद मध्य पूर्व के रक्षा ग्राहकों को आकर्षित करने के मॉस्को के नवीनतम प्रयास का हिस्सा है। रूस का लक्ष्य इस हथियार प्रणाली के माध्यम से अपने रक्षा निर्यात बाजार का विस्तार करना है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ रूसी हथियारों की मांग बनी हुई है।
यह 300 मिमी सरमा एमएलआरएस, जिसे कामाज़-63501 8×8 बख्तरबंद चेसिस पर लगाया गया है, रूस के मौजूदा भारी रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम का एक हल्का और अधिक गतिशील विकल्प है। सरकारी तकनीकी निगम रोस्टेक ने 30 जनवरी को घोषणा की कि यह प्रणाली युद्ध के मैदान की आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जहाँ गतिशीलता और चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि है।
सरमा प्रणाली में छह लॉन्च ट्यूब हैं, जो वर्तमान में रूसी सेवा में मौजूद 12-ट्यूब वाले टॉरनेडो-एस और बीएम-30 स्मर्च सिस्टम की तुलना में कम है। इस हल्के विन्यास का उद्देश्य सिस्टम को तेजी से तैनात करने और हमले के बाद तुरंत अपनी स्थिति बदलने में सक्षम बनाना है, ताकि दुश्मन के जवाबी हमले से बचा जा सके। रूस ने इस प्रणाली को सऊदी अरब में प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है, जो मध्य पूर्व में हथियारों का एक प्रमुख बाजार है।
रियाद में सरमा का अनावरण
रूस अपने सबसे नए रॉकेट सिस्टम सरमा को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में प्रदर्शित करेगा। यह अनावरण 8 फरवरी से 12 फरवरी तक रियाद अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित होने वाले वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 में किया जाएगा। यह आयोजन सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में हो रहा है, जिसमें दुनिया भर से कई रक्षा कंपनियां भाग ले रही हैं। रूस की प्रदर्शनी में सरमा के अलावा बीटीआर-22 8×8 बख्तरबंद वाहन, बैलिस्टा रिमोट वेपन स्टेशन और प्लानशेट-ए फायर कंट्रोल सिस्टम भी शामिल होंगे।
सरमा सिस्टम की तकनीकी विशेषताएं
सरमा एक 300 मिमी मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम है जिसे गतिशीलता और लचीलेपन के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे कामाज़-63501 8×8 ऑल-व्हील ड्राइव चेसिस पर स्थापित किया गया है, जो इसे उबड़-खाबड़ इलाकों में भी तेजी से आगे बढ़ने की क्षमता प्रदान करता है। इसमें 6 लॉन्च ट्यूब हैं, जो इसके बड़े समकक्षों टॉरनेडो-एस और स्मर्च से कम हैं। यह छोटा आकार इसे दुश्मन के रडार और ड्रोन से बचने में मदद करता है। रूसी स्रोतों का दावा है कि यह सिस्टम निर्देशित रॉकेटों को लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तक दाग सकता है।
चालक दल की सुरक्षा और मारक क्षमता
इस प्रणाली को विशेष रूप से चालक दल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसके तीन सदस्यीय चालक दल बख्तरबंद केबिन के अंदर से ही सभी संचालन कर सकते हैं। रोस्टेक के अनुसार, यह केबिन छर्रों और कवच-भेदी आग लगाने वाले गोला-बारूद से सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा, ड्रोन हमलों और सटीक हमलों से होने वाले खतरों को देखते हुए, इस सिस्टम को एक सुरक्षित आश्रय से दूर से भी संचालित किया जा सकता है। यह सुविधा यूक्रेन में युद्ध के मैदान के अनुभवों से प्रेरित है, जहाँ ड्रोन हमलों से चालक दल की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है।
रूसी सेना में शामिल करने की प्रक्रिया
रूस ने 2025 के अंत में सरमा को प्रोटोटाइप चरण से खरीद चरण में स्थानांतरित कर दिया था। उपलब्ध अनुबंध डेटा के अनुसार, रूसी सेना ने दो डिवीजनों का ऑर्डर दिया है, जिसमें 12 लॉन्चर और 12 ट्रांसपोर्ट लोडिंग वाहन शामिल हैं। इस सौदे की कुल लागत लगभग 2.6 बिलियन रूबल ($35 मिलियन) बताई गई है। यह खरीद दर्शाती है कि रूस अपनी तोपखाने की क्षमताओं का आधुनिकीकरण कर रहा है ताकि वे आधुनिक युद्धक्षेत्र की मांगों को पूरा कर सकें।
मध्य पूर्व के बाजार पर रूस की नजर
रियाद में सरमा का प्रीमियर करने का निर्णय मध्य पूर्व के बाजारों में रूस की गहरी रुचि को रेखांकित करता है। इस क्षेत्र की सेनाएं अक्सर ऐसे मजबूत और अपेक्षाकृत सस्ते सिस्टम को प्राथमिकता देती हैं जो कठोर परिस्थितियों में काम करने में सक्षम हों। रूस हल्के 300 मिमी प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन करके खुद को अमेरिका-निर्मित हिमार्स (HIMARS) जैसे पश्चिमी और एशियाई प्रतिस्पर्धियों के विकल्प के रूप में स्थापित कर रहा है। हालांकि रूस के रक्षा उद्योग पर व्यापक अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंध हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कोई प्रतिबंध रूसी पारंपरिक हथियारों के निर्यात को नहीं रोकता है।
रूस अपने नए सरमा मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम को वर्ल्ड डिफेंस शो में प्रदर्शित कर रहा है, जो मध्य पूर्व के रक्षा बाजार में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की एक रणनीतिक पहल है। यह प्रणाली आधुनिक युद्धक्षेत्र की जरूरतों, विशेष रूप से गतिशीलता और चालक दल की सुरक्षा को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई है, और इसे मौजूदा भारी प्रणालियों के हल्के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है।
FAQs
सरमा क्या है?
सरमा रूस द्वारा विकसित एक नया 300 मिमी मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) है। इसे कामाज़ 8×8 ट्रक चेसिस पर लगाया गया है और यह मौजूदा भारी रॉकेट प्रणालियों का एक हल्का और अधिक गतिशील संस्करण है।
इसे कहाँ प्रदर्शित किया जाएगा?
सरमा सिस्टम को पहली बार सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित होने वाले वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। यह शो 8 से 12 फरवरी तक चलेगा।
सरमा की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
इसकी प्रमुख विशेषताओं में 6 लॉन्च ट्यूब, एक बख्तरबंद केबिन से या दूर से संचालन की क्षमता, और निर्देशित रॉकेटों के साथ लगभग 200 किलोमीटर की मारक क्षमता शामिल है। इसका हल्का डिजाइन इसे तेजी से स्थानांतरित होने में मदद करता है।
रूस इस सिस्टम का प्रदर्शन रियाद में क्यों कर रहा है?
रूस मध्य पूर्व के रक्षा ग्राहकों को आकर्षित करने और अपने हथियारों के निर्यात के लिए नए बाजार खोजने के उद्देश्य से रियाद में इस प्रणाली का प्रदर्शन कर रहा है। यह पश्चिमी हथियार प्रणालियों के एक प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
क्या रूसी सेना ने सरमा का ऑर्डर दिया है?
हाँ, रिपोर्टों के अनुसार, रूसी सेना ने 2025 के अंत में सरमा सिस्टम की दो डिवीजनों का ऑर्डर दिया था, जिसमें 12 लॉन्चर और 12 सहायक वाहन शामिल हैं।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


