अमेरिकी नौसेना अपने पुराने इंजनों की आयु बढ़ाने के लिए रोबोटिक तकनीक का उपयोग कर रही है। फेयरबैंक्स मोर्स डिफेंस के सीईओ स्टीव पायकेट ने बताया कि दो अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बियों, एक लॉस एंजिल्स-श्रेणी और एक ओहायो-श्रेणी, में यह नई तकनीक अपनाई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य रखरखाव की प्रक्रिया को तेज और सुरक्षित बनाना है, जिससे पनडुब्बियों को जल्द से जल्द सेवा में वापस लाया जा सके।
यह तकनीक, जिसे ‘कोबोट्स’ या सहयोगी रोबोट कहा जाता है, मशीन लर्निंग का उपयोग करके वेल्डिंग जैसे जटिल कार्यों को स्वचालित करती है। पारंपरिक तरीकों में कुशल वेल्डरों को इंजन के अंदर बेहद गर्म और खतरनाक परिस्थितियों में काम करना पड़ता था, जिसमें हफ्तों लग जाते थे। अब रोबोट की मदद से यह काम कुछ ही दिनों में पूरा हो जाता है, जिससे समय और लागत दोनों में भारी बचत होती है।
यह कदम रक्षा क्षेत्र में स्वचालन और उन्नत विनिर्माण को अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। फेयरबैंक्स मोर्स डिफेंस इस तकनीक को पनडुब्बियों और अन्य सतही जहाजों में भी विस्तारित करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, अन्य प्रमुख रक्षा कंपनियों जैसे बोइंग, नॉर्थरोप ग्रम्मन और आरटीएक्स ने भी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई प्रौद्योगिकियों में निवेश करने की घोषणा की है।
अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बियों में रोबोट का उपयोग
अमेरिकी नौसेना अपनी दो प्रमुख पनडुब्बियों में पुराने इंजनों के रखरखाव के लिए रोबोट का इस्तेमाल कर रही है। इनमें एक लॉस एंजिल्स-श्रेणी की और एक ओहायो-श्रेणी की पनडुब्बी शामिल है। फेयरबैंक्स मोर्स डिफेंस के सीईओ स्टीव पायकेट के अनुसार, इन इंजनों को लंबे समय तक सेवा में बनाए रखने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पारंपरिक प्रक्रिया में, एक वेल्डर को इंजन केसिंग के अंदर एक बहुत ही संकरे स्थान पर बैठकर सैकड़ों वेल्ड बीड्स लगाने पड़ते थे, जो एक अत्यंत कठिन और जोखिम भरा काम था।
‘कोबोट्स’ कैसे कर रहे हैं काम?
फेयरबैंक्स इस काम के लिए ‘कोबोट्स’ (सहयोगी रोबोट) का उपयोग कर रहा है जो मशीन लर्निंग के माध्यम से प्रक्रिया को स्वचालित करते हैं। ये कोबोट्स बार-बार किए जाने वाले और समय लेने वाले वेल्डिंग कार्यों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं। इस प्रक्रिया के दौरान, एक अनुभवी ऑपरेटर इंजन के बाहर एक सुरक्षित वातावरण में रहकर रोबोट की निगरानी करता है। यदि कोई अप्रत्याशित घटना होती है, तो ऑपरेटर जांच के लिए हस्तक्षेप कर सकता है। इससे न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि काम की गुणवत्ता भी बढ़ती है।
रखरखाव के समय में भारी कटौती
स्टीव पायकेट ने बताया कि इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह कई हफ्तों की प्रक्रिया को कुछ दिनों में पूरा कर देती है। उन्होंने कहा, “जिस काम में पहले पांच सप्ताह लगते थे, वह अब पांच दिनों में हो जाता है।” इसमें वेल्डिंग, मशीनिंग और सतह को ठीक करने जैसे सभी कार्य शामिल हैं। समय में यह कटौती नौसेना के लिए एक बड़ी जीत है, क्योंकि इससे पनडुब्बियों को निर्धारित समय के भीतर मिशन पर वापस भेजा जा सकता है, जिससे बेड़े की परिचालन तत्परता बढ़ती है।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
फेयरबैंक्स मोर्स डिफेंस पहले से ही मूल उपकरणों की मशीनिंग के लिए स्वचालन का उपयोग करता है, लेकिन अब कंपनी पनडुब्बियों और सतही जहाजों पर इस तकनीक के उपयोग का विस्तार करना चाहती है। पायकेट ने कहा कि वे इस प्रणाली को और विकसित कर रहे हैं ताकि इसे पनडुब्बियों और अन्य जहाजों के भीतर अधिक जटिल और तंग जगहों पर भी इस्तेमाल किया जा सके। भविष्य का लक्ष्य ऐसे रोबोट विकसित करना है जो जटिल संरचनाओं के आसपास स्वयं मार्गदर्शन कर सकें।
प्रमुख रक्षा ठेकेदारों की घोषणाएं
इस सप्ताह कई अन्य बड़ी रक्षा ठेका कंपनियों ने भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बोइंग ने 2025 में वायु सेना के केसी-46 टैंकर पर 565 मिलियन डॉलर के नुकसान की जानकारी दी। वहीं, नॉर्थरोप ग्रम्मन की सीईओ कैथी वार्डन ने कंपनी के मानवरहित प्रणालियों और युद्ध सामग्री उत्पादन में निवेश पर प्रकाश डाला, जिसमें 2030 तक सामरिक ठोस रॉकेट मोटर उत्पादन को तिगुना करने की योजना शामिल है। आरटीएक्स के सीईओ क्रिस्टोफर कैलियो ने भी उत्पादन बढ़ाने और क्षमता में निवेश करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा, बूज एलन हैमिल्टन ने वेंचर कैपिटल फर्म आंद्रेसेन होरोविट्ज़ में 400 मिलियन डॉलर के निवेश की योजना का खुलासा किया।
विनिर्माण क्षेत्र में अन्य महत्वपूर्ण विकास
रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में अन्य उल्लेखनीय विकास भी हुए हैं। लियोनार्डो डीआरएस ने नौसेना की पनडुब्बी और जहाज निर्माण कार्यक्रमों का समर्थन करने के लिए एक प्रणोदन विनिर्माण संयंत्र खोला है। इसी तरह, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित फैक्ट्री बनाने वाले स्टार्टअप हैड्रियन ने मेसा, एरिज़ोना में एक नई फैक्ट्री खोली है। हैड्रियन के संस्थापक और सीईओ क्रिस पावर के अनुसार, कंपनी पुरानी पड़ चुकी फैक्ट्रियों का पुनर्निर्माण कर उन्हें आधुनिक बना रही है और ग्राहकों के लिए उनका संचालन कर रही है।
अमेरिकी रक्षा उद्योग में रोबोटिक्स और स्वचालन का बढ़ता उपयोग रखरखाव और विनिर्माण प्रक्रियाओं में एक बड़े बदलाव का संकेत है। यह न केवल दक्षता और सुरक्षा को बढ़ाता है, बल्कि अमेरिकी नौसेना की सैन्य तैयारियों को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
FAQs
अमेरिकी नौसेना किन पनडुब्बियों के लिए रोबोट का उपयोग कर रही है?
अमेरिकी नौसेना वर्तमान में एक लॉस एंजिल्स-श्रेणी और एक ओहायो-श्रेणी की पनडुब्बी में पुराने इंजनों के रखरखाव के लिए रोबोट का उपयोग कर रही है।
इन रोबोट्स का मुख्य कार्य क्या है?
इन रोबोट्स, जिन्हें ‘कोबोट्स’ कहा जाता है, का मुख्य कार्य इंजन केसिंग के अंदर घिसे हुए स्थानों पर स्वचालित रूप से वेल्डिंग करना है ताकि इंजन की उम्र बढ़ाई जा सके।
रोबोट के उपयोग से समय की कितनी बचत हो रही है?
रोबोटिक तकनीक के उपयोग से रखरखाव की प्रक्रिया में लगने वाला समय पांच सप्ताह से घटकर केवल पांच दिन रह गया है, जो एक बहुत बड़ी समय की बचत है।
‘कोबोट्स’ क्या होते हैं?
‘कोबोट्स’ या सहयोगी रोबोट ऐसे रोबोट होते हैं जिन्हें मनुष्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। वे मशीन लर्निंग का उपयोग कर जटिल और दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित करते हैं, जबकि मानव ऑपरेटर उनकी निगरानी करता है।
इस तकनीक का विकास कौन सी कंपनी कर रही है?
यह रोबोटिक रखरखाव तकनीक अमेरिकी रक्षा ठेकेदार कंपनी फेयरबैंक्स मोर्स डिफेंस द्वारा विकसित और उपयोग की जा रही है।
यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।


